अक्षरों के विहित अर्थ-2

अक्षरों के विहित अर्थ-2  

नाम में मौजूद प्रत्येक अक्षर का अपना अलग महत्व एवं प्रभाव है। सामान्यतः सभी व्यक्तियों के नाम एवं कुलनाम सहित नाम के दो या दो से अधिक हिस्से होते हैं। हर वर्ष परिघटना अंक के रूप में नाम के प्रत्येक हिस्से का एक अक्षर प्रकट होता है तथा उनका सम्मिलित रूप ही परिघटना अंक कहा जाता है। हर अक्षर का अपना स्वभाव, प्रभाव एवं गुण-अवगुण होता है। ये भिन्न-भिन्न अक्षर अपनी उपस्थिति से जीवन की घटनाओं को प्रभावित करते हैं। इस आलेख में हम यही समझने का प्रयास करेंगे कि ये अक्षर जब परिघटना अंक के रूप में प्रकट होते हैं तो हमारे जीवन में आने वाली किस अच्छी-बुरी घटना का संकेत करते हैं तथा किस प्रकार हमें इशारा समझकर उसका फायदा उठाना चाहिए। F.O.X F=6: प्रेम, विवाह एवं घर य पारिवारिक दायित्व के कारण प्रतिबन्ध एवं लोक सेवा इस काल की प्रमुख विशेषतायें हैं। व्यावसायिक जीवन में कर्तव्यों का निर्वहन सफलता एवं प्रोन्नति प्रदान कर सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। स्वार्थ व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में गंभीर समस्याएँ पैदा कर सकता है। प्रेम एवं विवाह का पूर्ण आनंद लेने के लिए एक आदर्श समय। समय की माँग के प्रति समर्पण की भावना सुन्दर भविष्य की नींव रख सकती है किन्तु उत्तरदायित्व उतना ही स्वीकार करना चाहिए जितना निभाया जा सके। O=15/6: सभी प्रभाव F जैसे ही किन्तु अधिक प्रबल साथ ही आर्थिक उन्नति एवं लाभ तथा व्यवसाय एवं घर की स्थापना के अच्छे अवसर। बच्चों के साथ आनंद एवं समस्या दोनों के लिए संलग्नता। सौहार्दपूर्ण वातावरण, धार्मिक एवं कलात्मक साहचर्य, यात्रा एवं दोस्ती तथा सामाजिकता इस काल में विशेष अभिरुचि के क्षेत्र हो सकते हैं। X=24/6: सभी प्रभाव थ् जैसे ही किन्तु अधिक संवेदना (2) एवं उत्तरदायित्व (4) के साथ। कुछ ऐसी विचित्र परिस्थितियाँ आ सकती हैं जहाँ त्याग एवं बलिदान की आवश्यकता पड़े (क्रास X)। माता-पिता एवं बच्चों के बीच की समस्याएँ बढ़ सकती हैं, यहाँ तक कि सम्बन्ध भी टूट सकते हैं। धार्मिक अथवा आध्यात्मिक रुझान अथवा मानवता की सेवा करने की भावना शांति, यात्रा, प्रेम एवं आर्थिक उन्नति दे सकता है। सभी F,O,X काल की अवधि 6 वर्षों की होती है। अक्षरों के समूह F.F, F.O, F.X एवं O.X कत्र्तव्य एवं उत्तरदायित्व का संकेत करते हैं जिसके कारण थकान, परेशानी, सीमितताएं निराशा एवं क्रोध की भावना उत्पन्न हो सकती है। O.O का योग और भी अधिक उत्तरदायित्व एवं अधिक क्रोध की भावना का बोध कराते हैं। किसी भी वर्ष दोहरे X.X की उपस्थिति काफी गंभीर स्थिति है। माता-पिता एवं बच्चों के बीच गंभीर मतभेद पैदा हो सकते हैं जिसके कारण घर एवं व्यावसायिक जीवन दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ सकते हैं। G.P.Y. G=7: शिक्षा, शोध एवं अध्ययन के लिए एक आदर्श समय। अप्रतिम सफलता एवं धन का योग। घर में खुशी एवं सुख-शान्ति, अच्छे दोस्त किन्तु असामान्य प्रणय सम्बन्ध। अन्तरावलोकन एवं एकांगीपन समस्या उत्पन्न कर सकते हैं एवं स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। इस काल में व्यक्ति काफी चयनशील होता है तथा पसन्द-नापसंद की दृढ़ ईच्छा होती है। P=16/7: सभी प्रभाव G जैसे ही किन्तु व्यवसाय एवं धन की लिप्सा की अपेक्षा वैज्ञानिक अथवा विशेषज्ञता वाले कार्यों में अत्यधिक लाभ। शिक्षण, लेखन अथवा प्रकाशन इसके परिणाम हो सकते हैं। इस काल में प्रेम, विवाह एवं साझेदारी आराम से नहीं चल सकता तथा मित्रतापूर्ण रवैया नहीं होने के कारण समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। अन्तज्र्ञान एवं आन्तरिक जागृति इस काल में संभव है। Y=25/7: शिक्षा, शोध, साधना एवं आध्यात्मिकता के प्रति गहरा झुकाव जिसके कारण अन्तज्र्ञान एवं आन्तरिक जागृति संभव होता है। व्यवसाय में काफी कम रूचि यद्यपि कि अपनी ईच्छापूर्ति के लिए धन की आवश्यकता होती है। अकेले रहने की प्रवृत्ति साझेदारी, प्रेम एवं विवाह में संकट उपस्थित कर सकता है। ध्यान नहीं रखने पर स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। व्यक्ति अकेला एवं पहँुच से दूर प्रतीत हो सकता है किन्तु आध्यात्मिक उत्थान की ओर उसके अच्छे कार्य जारी रहेंगे। सभी G,P,Y काल की अवधि 7 वर्षा की होती है। अक्षरों के समूह G.G, G.P,G.Y.P.P,P.Y And Y.Y भीड़ एवं जनता/सामाजिक जीवन से अलग होने का संकेत करता है जिसके कारण गलतफहमी एवं भावनात्मक भ्रम पैदा हो सकते हैं। प्रगति में कठिनाई हो सकती है । H.Q.Z. H=8: कठिन श्रम एवं व्यावहारिक अनुप्रयोग के कारण एक अच्छा व्यावसायिक बल उत्पन्न होगा जो आर्थिक उन्नति, शक्तिशाली पद, सत्ता एवं प्रतिष्ठा प्रदान कर सकता है। लगातार प्रयास, लोगों एवं घटनाओं का सही निर्णय एवं तथ्यों पर ध्यान देना आवश्यक है। प्रतिष्ठा की देख-भाल एवं परिवार तथा सम्बन्धियों की आवश्यकता को पूरा करने में प्रायः बहुत अधिक खर्च होते हैं। व्यावसायिक यात्राएँ, लेखन, वाचन अथवा प्रकाशन के द्वारा दार्शनिक भावनाओं का प्रकटीकरण तथा सम्पत्ति की खरीद-बिक्री इस काल की दूसरी गतिविधियाँ हैं। व्यावसायिक प्रतिबद्धता के कारण प्रेम संबंध एवं पारिवारिक अभिरुचि की बलि देनी पड़ती है। Q=17/8: सभी प्रभाव H जैसे ही किन्तु इस अपवाद के साथ कि व्यक्ति कुछ ऐसे असामान्य कार्य चुनेगा या करेगा जो सामान्यतः बहुत कम लोग ही कर सकते हैं ठीक वैसे ही जैसे नाम में Q कभी-कभी उपस्थित होता है। इस बात पर ध्यान देना आवश्यक है कि इस विचित्र वातावरण की परिस्थितियाँ पैदा न हो जायें जिससे कि विकास अवरुद्ध हो जाये एवं प्रेम एवं विवाह मंे संकट उपस्थित हो जाये। रहस्यवादी एवं गुप्त विद्वत्ता के स्तर की सोच के कारण क्रियाकलाप कुछ हद तक छिप जाते हैं।र् Z=26/8: सभी प्रभाव H जैसे ही किन्तु फ की तरह ही असामान्य कार्य तथा गुप्त विद्या में लिप्तता। असामान्य मित्रता, प्रणय सम्बन्ध एवं विवाह किन्तु अति भावुकता के कारण परेशानी उत्पन्न हो जाती है। सभी H,Q,Z काल की अवधि 8 वर्ष की होती है। अक्षरों के समूह H.H, H.Q, H.Z एवं O.Z भौतिक उपलब्धियों के लिए अत्यधिक कार्य का संकेत करता है जिसके कारण व्यक्तिगत एवं पारिवारिक जीवन में समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। Q.Q का योग भावनात्मक कठिनाइयों एवं असामान्य व्यवहार के कारण व्यवसाय की प्रगति में समस्याएँ उत्पन्न करता है। किसी भी वर्षर् Z.Z की दोहरी उपस्थिति असंतुलित भावना का संकेत करता है। जिसके कारण सम्बन्धों में समस्या उत्पन्न हो सकती है। I.R I=9: महत्वपूर्ण एवं नाटकीय घटनाक्रम के कारण जीवन पर गहरा प्रभाव। उच्च संवेदना एवं भावुकता को दूसरों की मदद में लगाया जा सकता है जिसके कारण धन की प्राप्ति एवं कार्य का निष्पादन होगा। इस प्रकार की संवेदना एवं भावुकता के प्रदर्शन से व्यक्तिगत एवं पारिवारिक जीवन की समस्याएँ भी कम होंगी। स्वास्थ्य की रक्षा करें। लोक कल्याणकारी एवं मानवतावादी कार्यों की दिशा में व्यावसायिक अवसर प्राप्त होंगे तथा कार्य में पूर्ण सफलता मिलेगी। इस काल में सीमितता एवं प्रतिबन्ध की भावना अपने व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत जीवन में किसी वर्चस्वकारी व्यक्ति के कारण महसूस होगी। अपनी भावना, मनमौजीपन एवं गुस्से पर नियंत्रण आवश्यक है। सहनशीलता एवं दया से विलंब के प्रभाव को नकारा जा सकता है। R=18/9: जीवन का एक महत्वपूर्ण काल जिसमें सभी प्रभाव तो I के होंगे ही परन्तु कुछ अपवाद के साथ। इस काल में अपनी संवेदना पर बेहतर नियंत्रण प्राप्त कर सकेंगे तथा किसी व्यक्ति की वर्चस्वता के कारण सीमितता की कोई भावना भी नहीं होगी। R अंक ज्योतिष में अन्तिम अक्षर है। अनेक भावनात्मक परीक्षाओं से गुजरते हुए तथा मानवता के उच्च आदर्शों के लिए प्रेम, धैर्य एवं मानवीय भाईचारे की भावना से कार्य करने पर अच्छा पद एवं प्रतिष्ठा मिलेगी। लोक कल्याणकारी, मानवतावादी, कलात्मक एवं सृजनात्मक कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होंगे। स्वार्थपरता व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत जीवन में निराशा देगी। प्रणय सम्बन्ध एवं विवाह यादगार बन सकते हैं यदि उच्च नैतिकता का पालन करें। बेईमानी के कारण अलगाव अथवा तलाक हो सकता है। शायद यह असीमित अवसरों के कारण जीवन का सर्वश्रेष्ठ काल हो सकता है। कई ऐसे उत्तरदायित्व होंगे जो जीवन में विशिष्ट चीजें जैसे प्रेम एवं धन उपलब्ध कराएँगी जिससे उच्च लक्ष्य पूर्ण होंगे। सभी I,R त् काल 9 वर्ष की अवधि के होते हैं। अक्षरों के समूह I.I एवं I.R उच्च संवेदना एवं भावनात्मक अन्तर्विरोध का संकेत करते हैं जिसका परिणाम विलंब एवं दुख कारक होता है। R.R का योग धीमी प्रगति एवं उपलब्धि में विलंब दर्शाता है।



विघ्नहर्ता गणेश विशेषांक  सितम्बर 2013

फ्यूचर समाचार पत्रिका के विघ्नहर्ता गणेश विशेषांक में गणपति के प्राकट्य की कथा, गणपति पूजन विधि, उच्छिष्ट गणपति पूजन, गणपति के विभिन्न स्वरूप, गणपति के विभिन्न रूपों की पूजा से दुःख निवारण, गणपति के प्रमुख तीर्थ स्थलों का परिचय, सर्वप्रथम गणपति पूजन क्यों? आदि ज्ञानवर्धक आलेख सम्मिलित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त एक जांबाज के दुःखद अंत की सत्यकथा, तारकासुर का वध, अंक ज्योतिष के रहस्य एवं दुःख निवारक शनि की भूमिका जैसे रोचक आलेख विशेष जानकारी से युक्त तो हैं ही साथ ही इनको पढ़ने से आप आनंदित भी महसूस करेंगे।

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