पिरामिड वास्तु

पिरामिड वास्तु  

प्रश्न- शयन कक्ष के साथ शौचालय क्यों नहीं रखना चाहिए ? उत्तर - शयन कक्ष के साथ शौचालय नहीं रखना चाहिए अन्यथा ऋणात्मक उर्जा के प्रभाव से नाना प्रकार के कष्टां का सामना करना पड़ता है। यदि शयन कक्ष के साथ शौचालय हो तो निम्नांकित चित्रानुसार तथा मन भी अषांत रहता है। साथ ही परिवार में दरिद्रता का आगमन होता है। यदि इस दिशा में मुंह करके खाना बनाने की बाध्यता हो तो निम्नांकित चित्रानुसार खाना बनाने वाले के चेहरे के ठीक सामने 9 ग 9 का तीन इंच का पिरामिड लगाएं। प्रश्न- आग और पानी प्लेटफार्म पर एक सीध में रखना क्यों मना है? उत्तर- रसोईघर में वाष-बेसिन को खाना बनाने वाले प्लेटफार्म के ठीक समानांतर नहीं रखना चाहिए क्योंकि रसोईघर में आग और पानी का एक सीध में होना बीमारी, धन की हानि का कारक एवं परिवार में कलह उत्पन्न करता है। अतः यह ध्यान रखें कि आग और पानी एक सीध में न रहे। अगर ऐसा संभव न हो तो छत पर ऐसी स्थिति होने पर द्वार के दोष को दूर किए बिना पूरा लाभ नहीं मिल सकता। चित्रानुसार 9ग9 का पिरामिड लगाने से इस दोष को दूर किया जा सकता है। प्रश्न- बीमार कल-कारखाने को पिरामिड के द्वारा किस प्रकार ऊर्जामय किया जाता है? उत्तर-बीमार कल-कारखाने को ठीक करने के लिए पिरामिड का उपयोग भी शुभ फलदायक होता है। मशीनंे शौचालय की बाहर दीवार की चैखट पर तीन पिरामिड लगाएं। प्रश्न- खाना बनाते समय चेहरा पूर्व की तरफ क्यों होना चाहिए? उत्तर- खाना बनाते समय गृहिणी का चेहरा हमेशा पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए ताकि पूर्व से मिलने वाली ऊर्जा का पूर्ण लाभ उन्हें मिलता रहे एवं स्वस्थ रहते हुए स्फूर्तिपूर्वक खाना बना सकंे। पष्चिम या दक्षिण की तरफ मुंह करके रसोई बनानेवाली गृहिणी का स्वास्थ्य बार-बार बिगड़ता रहता है। शरीर में दुर्बलता महसूस होती है। स्फूर्ति एवं उत्साह की कमी रहती है पिरामिड स्ट्रिप लगा कर इसे अलग किया जा सकता है। प्रश्न- पिरामिड के द्वारा मुख्य द्वार की सुरक्षा किस प्रकार की जाती है? उत्तर-औद्योगिक एवं व्यावसायिक परिसर का वास्तु ठीक रहने के बाद भी यदि मुख्य द्वार के सामने किसी तरह का वेध या अवरोध हो तो उस क्षेत्र का समग्र विकास नहीं हो पाता। लक्ष्मी का अभाव बना रहता है। मानसिक असंतुलन एवं कार्यों में गतिरोध बना रहता है। फलस्वरूप व्यावसायिक विकास की गतियां मंद पड़ जाती हं ठीक ढंग से कार्य नहीं कर पा रही हां तथा नित्य नयी परेशानियां आ रही हो, कार्य करने वाले मानसिक रूप से बीमार हों तो वैसी स्थिति में भूखंड के सभी दिशाओं पर पिरामिड लगाकर ऊर्जामय बनाना लाभप्रद होता है जिसके फलस्वरूप कर्मचारियों के कार्य करने की क्षमताओं तथा उत्पादन में अप्रत्याशित वृद्धि होती है।



विघ्नहर्ता गणेश विशेषांक  सितम्बर 2013

फ्यूचर समाचार पत्रिका के विघ्नहर्ता गणेश विशेषांक में गणपति के प्राकट्य की कथा, गणपति पूजन विधि, उच्छिष्ट गणपति पूजन, गणपति के विभिन्न स्वरूप, गणपति के विभिन्न रूपों की पूजा से दुःख निवारण, गणपति के प्रमुख तीर्थ स्थलों का परिचय, सर्वप्रथम गणपति पूजन क्यों? आदि ज्ञानवर्धक आलेख सम्मिलित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त एक जांबाज के दुःखद अंत की सत्यकथा, तारकासुर का वध, अंक ज्योतिष के रहस्य एवं दुःख निवारक शनि की भूमिका जैसे रोचक आलेख विशेष जानकारी से युक्त तो हैं ही साथ ही इनको पढ़ने से आप आनंदित भी महसूस करेंगे।

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