सटीक फलादेश

सटीक फलादेश  

कुंडली देखने के नियम: - जातक की प्रथम कुंडली जांच लें उसे ठीक कर लें। - महादशास्वामी, अंतर्दशास्वामी, प्रत्यंतर्दशास्वामी एक तरफ रफ पेज पर लिखें। - उसके बाद दशास्वामी सभी कुंडलियों में वर्तमान काल में कहां गोचर कर रहे हैं उसे लिखं। - सूर्य आज की तारीख में कहां गोचर कर रहा है उसे लिखें। - जातक के सभी प्रश्न क्रम वार लिख लें। - जातक के प्रश्न से संबंधित सवालों का जवाब देने हेतु जो सवाल होगा, उस भाव को देखें, उस भावेश को देखें, फिर दशास्वामी (राशि) को देखें। अगर दशा कोई भी भावेश की होगी तो संबंधित भाव से संबंधित घटना घटेगी ही। अब कब घटेगी उसका उर जानने के लिए जो भावेश की दशा है। उसका काल देखिये। कब से कब तक है फिर उस काल में सूर्य का गोचर उस भावेश के राशि या नक्षत्र से होता है क्या? उस महीने में ही जातक के जीवन में दशास्वामी संबंधित घटना घटेगी। अब इसको एक कुंडली द्वारा देखते हैं। प्रश्न: घर कब बनेगा? उर: नियम सभी देखें। महादशास्वामी राहु 2012-2013 चतुर्थ में भाव में गोचर करेगा तब घर बनेगा, कारण जातक का सवाल घर से संबंधित है। घर भाव चतुर्थ भाव होता है। अब राहु का गोचर काल 16 महीने का होता है। इस काल में घटना कब घटित होगा? राहु दिसंबर 2012 को तुला में प्रवेश कर चुका है। अब सूर्य राहु के नक्षत्र में कब जायेगा, यह देखना है। कारण राहु की राशि नहीं है। तो जब सूर्य मिथुन राशि में, तुला राशि में और कुंभ राशि में गोचर करेगा तब घर का काम होगा। राहु का नक्षत्र ऊपर दिये राशि में ही है। इससे अपना फल सटीक बैठेगा। अगर जातक का सवाल नौकरी के संदर्भ में है तो राहु का गोचर दशम भाव में जब, जिस वर्ष होगा उस वर्ष में नौकरी लगेगी। संतान संबंधी प्रश्न है तो सभी दशास्वामी ग्रह जब-जब गोचर में अपने दशा काल में पंचम भाव से गुजरेंगे और उसी दशाकाल में सूर्य जब गोचर करते हुए प्रत्यंतर्दशास्वामी के नक्षत्र में गुजरेगा संतान अवश्य होगी। अब अंतर्दशा को देखें, मान लो राहु वर्तमान काल में चतुर्थ में गोचर कर रहा है। लेकिन जातक का प्रश्न विवाह संबंधी है। तब कैसे उर दें? अंतर्दशा केतु की है केतु दशम में गोचर कर रहा है। जब केतु का गोचर सप्तम भाव में होगा, उसका वक्त बता दें। प्रत्यंतर्दशा शनि की है। शनि चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है। उसकी दशम दृष्टि सप्तम भाव पर पड़ रही है इससे विवाह की संभावनाएं बढे़ंगी ऐसा सेाचकर बताना चाहिए। इससे घटनाएं सही होकर जातक का विश्वास ज्योतिष पर और बैठता है। इससे भी सटीक हम गोचर से ही प्रश्नकुंडली द्वारा बता सकते हैं। जन्मकुंडली और गोचर का मिलान ही सटीकता देता है। जातक कोई भी प्रश्न पूछे, उसके प्रश्न हेतु वह अनुकूल जवाव हमसे चाहता है। लेकिन कुंडलीनुसार ही हमें जातक को जवाब देना है। ग्रहों को गोचर में अनुकूल होने तक जातक को इंतजार करना ही पड़ता है।



पर्व व्रत विशेषांक  दिसम्बर 2013

फ्यूचर समाचार पत्रिका के पर्व व्रत विषेषांक में व्रत और पर्वों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी, उनका धार्मिक महत्व, उनसे जुड़ी शास्त्रोक्त लोक गाथाएं तथा विभिन्न पर्वों के मनाए जाने की विधि और उनके सांस्कृतिक महत्व को दर्शाने वाले अनेकानेक आलेख जैसे विराट संस्कृति के परिचायक हैं भारतीय पर्व, आस्था एवं शांति का पर्व मकर संक्रांति एवं सरस्वती पूजा, होली, गुरु पूर्णिमा, स्नेह सद्भावना एवं कर्Ÿाव्य का सूत्र रक्षाबंधन, शारदीय नवरात्र, महापर्व दीपावली एवं छठ पर्व की आलौकिकता व पर्व व्रत प्रश्नोŸारी सम्मिलित किये गये हैं इसके अतिरिक्त नवंबर मास के व्रत त्यौहार, अंक कुंडली का निर्माण एवं फलादेश, आरुढ़ लग्न का विचार, एश्वर्य और सौंदर्य की रेखाएं, त्रिक भावों ग्रहों का फल एवं उपाय तथा गूगल बाॅय कौटिल्य नामक सत्यकथा को भी शामिल किया गया है।

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