राशि के अनुसार रुद्राक्ष

राशि के अनुसार रुद्राक्ष  

राशि के अनुसार रुद्राक्ष ओम प्रकाश दार्शनिक जिस प्रकार उचित रत्न धारण करने से ग्रहों के कुप्रभावों को कम अथवा समाप्त किया जा सकता है, उसी तरह रुद्राक्ष भी किसी भी मनुष्य के दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलने में पूर्णरूप से सक्षम होते हैं। आप अपने भाग्य के बंद द्वारों को खोलना चाहते हैं तो अपनी राशि के अनुसार रुद्राक्ष धारण करें और उसका प्रभाव देखें। मेष राशि: आपको सौभाग्य वृद्धि हेतु एक मुखी, तीन मुखी अथवा पांच मुखी रुद्राक्ष प्राण-प्रतिष्ठित एवं सिद्ध किया हुआ धारण करना चाहिए। नेता, मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी, दवा विक्रेता, प्रापट्री डीलर, होटल मालिकों को एक मुखी रुद्राक्ष विशेष रूप से धारण करना चाहिए। वृष राशि: आपको सौभाग्य वृद्धि हेतु चार मुखी, छः मुखी अथवा चैदह मुखी रुद्राक्ष प्राण प्रतिष्ठित एवं सिद्ध किया हुआ धारण करना चाहिए। वृष लग्न के जातकों को चार मुखी रुद्राक्ष विशेष रूप से धारण करना चाहिए। अधिवक्ता, लेखाकार/ लेखाधिकारी, पुलिस, सेना, डाॅक्टर आदि को कैरियर में सफलता के लिए प्राण-प्रतिष्ठित एवं सिद्ध चार मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। मिथुन राशि: आपको सौभाग्य वृद्धि हेतु चार मुखी, पांच मुखी और तेरह मुखी रुद्राक्ष प्राण प्रतिष्ठित एवं सिद्ध किया हुआ धारण करना चाहिए। मिथुन लग्न वाले जातक को छः मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रोफेसर, शिक्षक आदि इसे धारण कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं। कर्क: आपको सौभाग्य वृद्धि हेतु तीन मुखी, पांच मुखी अथवा गौरी शंकर रुद्राक्ष प्राण-प्रतिष्ठित एवं सिद्ध किया हुआ धारण करना चाहिए। कर्क लग्न वाले दो मुखी, तीन मुखी व पांच मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण करें। चिकित्सीय क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति जैसे नर्स, केमिस्ट, कंपाउडर, दवा विक्रेताओं के लिए यह विशेष लाभकारी है। सिंह राशि: आपको सौभाग्य वृद्धि हेतु एक मुखी, तीन मुखी और पांच मुखी रुद्राक्ष प्राण प्रतिष्ठित एवं सिद्ध किया हुआ धारण करना चाहिए। सिंह लग्न वाले जातक को आठ मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। सी. ए. करने वाले, सिविल इंजीनियर, कंप्यूटर का काम करने वाले आठ मुखी रुद्राक्ष धारण करें। कन्या राशि: आपको सौभाग्य वृद्धि हेतु चार मुखी, पांच मुखी तथा तेरह मुखी रुद्राक्ष प्राण प्रतिष्ठित एवं सिद्ध किया हुआ धारण करना चाहिए। कन्या लग्न वाले सात मुखी, आठ मुखी व छः मुखी रुद्राक्ष धारण करने से जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं। विद्युत संबंधी कार्य करने वाले, बिजली के उपकरण, निर्माता, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, बिजली घर व कारखाने में कार्यरत कारीगर लोग इसे धारण कर सकते हैं। इससे सुख-समृद्धि, गुप्त धन प्राप्ति तथा शत्रुनाश में लाभ होता है। तुला राशि: आपको सौभाग्य वृद्धि हेतु चार मुखी, छः मुखी या चैदह मुखी रुद्राक्ष प्राण प्रतिष्ठित एवं सिद्ध किया हुआ धारण करना चाहिए। तुला लग्न वाले जातकों को सात मुखी रुद्राक्ष व आठ मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। इसे धारण करने से जीवन में संपन्नता तथा आनंद की प्राप्ति होती है। यश, पुण्य एवं नेतृत्व का लाभ होता है। विद्या प्राप्ति के लिए सर्वोत्तम है। वृश्चिक राशि: सौभाग्य वृद्धि के लिए तीन मुखी, पांच मुखी या गौरी शंकर रुद्राक्ष प्राण प्रतिष्ठित एवं सिद्ध किया हुआ धारण करना चाहिए। यह कैरियर के हर क्षेत्र में समान फल देने वाला है। व्यापार, व्यवसाय में लाभ तथा नौकरी में पदोन्नति, स्टेनो, सरकारी कोर्टकचहरी आदि में कार्य करने वाले सभी के लिए लाभप्रद है। यश, संपन्नता, वैभव, सुख-शांति व ख्याति की प्राप्ति होती है। धनु राशि: आपको सौभाग्य वृद्धि हेतु एक मुखी, तीन मुखी अथवा पांच मुखी रुद्राक्ष प्राण प्रतिष्ठित एवं सिद्ध किया हुआ धारण करना चाहिए। इसके धारण करने से सर्वपाप का नाश होता है। मंगल/गुरु की दशा प्रतिकूल होने पर धारण करने पर विशेष लाभ प्राप्त होता है। मकर राशि: आपको सौभाग्य वृद्धि हेतु चार मुखी, छः मुखी या चैदह मुखी रुद्राक्ष प्राण प्रतिष्ठित एवं सिद्ध किया हुआ धारण करना चाहिए। कुंभ राशि: आपको सौभाग्य वृद्धि हेतु चार मुखी, छः मुखी या चैदह मुखी रुद्राक्ष प्राण-प्रतिष्ठित एवं सिद्ध किया हुआ धारण करना चाहिए। मकर तथा कुंभ लग्न वाले जातक ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण कर सकते हैं। मकर तथा कुंभ दोनों लग्नों वाले जातकों को बैंक मैनेजर, बैंक कर्मचारी, बैंक, सिविल इंजीनियर, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, क्लर्क, टाइपिस्ट, डिजायनर आदि धारण कर अपने-अपने क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। मीन राशि: आप सौभाग्य वृद्धि हेतु तीन मुखी, पांच मुखी अथवा गौरी शंकर रुद्राक्ष प्राण प्रतिष्ठित एवं सिद्ध किया हुआ धारण कर सकते हैं। मीन लग्न वाले जातक के लिए दो मुखी रुद्राक्ष धारण करना उपयोगी होता है। कैरियर में सफलता के लिए न्यायाधीशों तथा वकीलों को दो मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। आर्थिक समृद्धि हेतु: आर्थिक स्थिति में शीघ्र सुधार के लिए आपको प्राण-प्रतिष्ठित तथा सिद्ध किया हुआ गौरी-शंकर रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। इसके प्रभाव से आप की आय औरं ऐश्वर्यपूर्ण वस्तुओं के उपभोग में भी वृद्धि होगी। जीवन में उच्च सफलता की प्राप्ति हेतु: यदि जीवन में उच्च सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो आप एक मुखी से चैदह मुखी तक के रुद्राक्ष एक साथ, एक ही माला में धारण करें। इससे आपको निश्चय ही जीवन में सफलता मिल सकती है। प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता प्राप्ति हेतु: आज का युग प्रतिस्र्पधाओं का युग है। यदि आप प्रतियोगिता परीक्षायें बार-बार देने पर भी सफल नहीं हो पा रहे हैं तो आप को निश्चित रूप से प्राण-प्रतिष्ठित एवं सिद्ध एक मुखी रुद्राक्ष अथवा इसके अभाव में गणेश रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। इसके प्रभाव से आप को भगवान शिव एवं गणेश की कृपा प्राप्त होगी तथा आप सफलता के पथ पर अग्रसर होंगे। आरोग्य तथा सौभाग्य के लिए जिन जातकों को स्वास्थ्य संबंधी कष्ट जैसे उच्च रक्त चाप, गैस कमजोरी आदि रहती है, उनको रुद्राक्ष, मोती, स्फटिक तथा हकीक मिश्रित सौभाग्य माला दीपावली के पावन पर्व पर धारण करनी चाहिए। इसके धारण करने से अनेक रोगों से बचाव तो होता ही है साथ ही स्मरण शक्ति और भाग्यवृद्धि भी होती है। इस माला को प्रातःकाल बिना कुछ खाएं-पिए तथा स्नानोपरांत अपने इष्ट देव की पूजा करने के पश्चात शुभ मुहूर्त में धारण करना चाहिए।



होली एवं तंत्र विशेषांक  March 2017

फ्यूचर समाचार का मार्च 2017 का विशेषांक होली एवं तन्त्र को पूरी तरह से समर्पित है। इस विशेषांक में बहुत सारे अच्छे लेख होली व तंत्र पर लिखे गये हैं। उनमें से कुछ महत्वपूर्ण लेख इस प्रकार हैं- होली के मुहूत्र्त का चयन कैसे करें, होली की रात तंत्र साधना की बात, होली में शाबर मंत्रों से करें अपने व्यापार में वृद्धि, कैसे मनायी जाती है विदेशों में होली, होली के चमत्कारी टोटके, तंत्र साधना: एक परिचय, संतान प्राप्ति हेतु सिद्ध तंत्र प्रयोग आदि। इनके अतिरिक्त दूसरे महत्वपूर्ण लेख जो की हमारे स्थायी स्तम्भ हैं, पूर्व की भांति ही सम्मिलित हैं।

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