हस्ताक्षर के प्रकार एवं विशेषतायें

हस्ताक्षर के प्रकार एवं विशेषतायें  

व्यूस : 4505 | फ़रवरी 2014
हस्ताक्षर किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व का एक आइना/दर्पण है जो उसको उसकी परछाईं दिखाता है। इससे किसी भी व्यक्ति के स्तर, चरित्र, योग्यता का आकलन किया जा सकता है। प्राचीन काल में ऋषि-मुनि हस्ताक्षर मात्र से ही जातक के कुल गोत्र का पता लगा लेते थे। हस्ताक्षर एक अनुसंधान/शोध की विषय वस्तु है इसमें जितनी खोज की जाए कम है। हस्ताक्षर से किसी भी व्यक्ति का बौद्धिक, शैक्षिक, चरित्र व कुटनीतिज्ञता का पता चलता है। व्यक्ति व्यापारी है? व्यक्ति प्रशासक है? अपराधी है? या राजनीतिज्ञ इन सभी का आकलन हस्ताक्षर से किया जा सकता है। हस्ताक्षर के निम्न प्रकार आम तौर पर पाए जाते हैं। 1. सीधे स्पष्ट सरल हस्ताक्षर 2. सीधी लाइन में किए जाने वाले हस्ताक्षर। 3. नीचे की ओर जाने वाले हस्ताक्षर। 4. ऊपर की ओर जाने वाले हस्ताक्षर। 5. नोंकदार हस्ताक्षर 6. एक अक्षर से निकलते हस्ताक्षर 7. तेज गति वाले हस्ताक्षर 8. लंबे-चैड़े शब्दों वाले हस्ताक्षर 9. लाइन युक्त हस्ताक्षर अर्थात् हस्ताक्षर के नीचे रेखा खींचना। 10. हल्कापन वाला हस्ताक्षर 11. सूक्ष्म हस्ताक्षर 12. गोपनीय शब्दांे वाला हस्ताक्षर 1. सीधे, सरल, स्पष्ट हस्ताक्षर सीधी लाइन में स्पष्ट शब्दों से हस्ताक्षर करने वाला व्यक्ति बड़ा, साफ, निष्पक्ष दिल वाला होता है। साथ ही तर्कशील भी होता है। ऐसे व्यक्ति प्रायः राजनेता, प्रबंधक, प्रशासक व पत्रकार हो सकते हैं। इस श्रेणी में हमारे माननीय पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी व श्री जाॅर्ज फर्नांडिस के हस्ताक्षर आते हैं। 2. सीधी रेखा में किए जाने वाले हस्ताक्षर इनकी सोच स्वावलंबी, दूरदर्शी, परिपक्वता से परिपूर्ण होती है, परंतु ये शक्की होते हैं, बात-बात पर शक करना इनकी आदत होती है। 3. नीचे की ओर जाने वाला हस्ताक्षर नीचे की ओर हस्ताक्षर करने वाला व्यक्ति प्रायः निराशावादी, तनावग्रस्त, डिप्रेशन का शिकार व नास्तिक होता है। उसकी संकीर्ण मानसिकता होती है। ये सत्य से परहेज करते हैं। 4. ऊपर की ओर जाने वाले हस्ताक्षर हस्ताक्षर को ऊपर की तरफ ले जाने वाला व्यक्ति आस्तिक, सात्विक, आशावादी व शुद्ध विचारों वाला होता है। इनके विचार शक्ति से परिपूर्ण होते हैं व ये निडर होते हैं। ये क्रियाशील होते हैं। निष्छल स्वभाव इस हस्ताक्षर का परिचायक है। इस श्रेणी में सचिन तेंदुलकर व जाने-माने कार्टूनिस्ट श्री अजीत पाठक जी के हस्ताक्षर आते हैं। 5. नोंकदार व नुकीले हस्ताक्षर नुकीले हस्ताक्षर करने वाला व नोंकदार शब्दों का प्रयोग करने वाला व्यक्ति प्रायः झगड़ालू प्रवृत्ति का होता है। किसी पर व्यंग्य करना व आलोचना करना इनकी आदत होती है। अक्सर ऐसे व्यक्ति संसद के अंदर देखे जा सकते हैं। 6. एक अक्षर से निकलते हस्ताक्षर ऐसे हस्ताक्षर करने वाला व्यक्ति हस्ताक्षर को पूर्ण करने/समाप्त करने के पश्चात ही देखता है। एक ही शब्द मात्र से वह पूर्ण हस्ताक्षर करता चला जाता है। ऐसे व्यक्ति अपने द्वारा किए गए किसी भी कार्य को शुरू से अंत तक पूर्ण करके ही दम लेते हैं। ये बाल की खाल निकालने वाले व इरादों के पक्के होते हैं। 7. तेज गति वाले हस्ताक्षर तेज गति से हस्ताक्षर करने वाला व्यक्ति निजी जीवन में भी तेज गति वाला होता है, तेज तर्रार दिमाग वाला होता है। मंदगति से हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति इसके ठीक विपरीत होते हैं। वो आलसी, निम्न जीवन जीने वाले होते हैं। इनमें साहस की कमी होती है। ये आभायुक्त नहीं होते हैं। 8. लंबे-चैड़े शब्दों वाले हस्ताक्षर ऐसे हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति विकसित मानसिकता वाले, परिपक्व, अंधविश्वास से कोसों दूर रहने वाले, प्रगतिशील, चिंतक व निरंतर प्रयासशील होते हैं। ये सदैव आगे की सोचा करते हैं। इस वर्ग में हमारे विश्वविख्यात धावक मिल्खा सिंह, स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी व मशहूर फिल्मी कलाकार स्वर्गीय श्री प्राण इसके जीवंत उदाहरण हैं व इस वर्ग में आते हैं। 9. लाइनयुक्त हस्ताक्षर जो लोग हस्ताक्षर के नीचे रेखा खींच देते हैं अर्थात् अंडरलाईन कर देते हैं ऐसे व्यक्ति निष्ठावान, ईमानदार व पूरी जांच पड़ताल के पश्चात् ही हस्ताक्षर करते हैं। ऐसे व्यक्ति दूरगामी होते हैं व प्रामाणिकता से परिपूर्ण होते हैं। हस्ताक्षर के नीचे आधी रेखा खींचने वाले व्यक्ति प्रायः अपने काम की आधी ही जांच पड़ताल किया करते हैं। इनमें परिपक्वता की कमी होती है। इनमें शैक्षिक स्तर तो है पर बौद्धिक नहीं, ये डगमग स्वभाव वाले हेाते हैं। उपरोक्त श्रेणी में स्वर्गीय श्री मोरारजी देसाई, काका हाथरसी व नीरजा प्रमुख हैं। 10. हल्कापन वाला हस्ताक्षर ऐसे हस्ताक्षर जिनकी लिखावट हल्की हो, वो प्रायः प्रसन्नचित्त, एकाग्रचित्त, सहनशील व पर्यावरण प्रेमी होते हैं। इस वर्ग में श्रीमती मेनका गांधी व डा. अशोक वालिया आते हैं। 11. सूक्ष्म हस्ताक्षर एक छोटे शब्द में संपूर्ण नाम का समावेश व शक्ति से परिपूर्ण सूक्ष्म हस्ताक्षर जिसमें हर प्रकार की सहमति, आदेश छुपा होता है। ऐसे हस्ताक्षर आमतौर पर किसी शीर्ष अधिकारी क्ण्ब्ण् ध् ैक्ड ध् च्डध् ब्ड के होते हैं। ऐसे व्यक्ति प्रायः किसी संस्था के मुखिया, प्रबंधक, प्रशासक, बड़े बाबू होते हैं। 12. गोपनीय शब्दों वाले हस्ताक्षर ऐसे हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति प्रायः रहस्यमयी प्रवृत्ति, गूढ़ विज्ञानी, ज्ञानी,प्रकृति प्रेमी, पुरातत्वप्रेमी होते हैं। इनके हस्ताक्षर अनेक अर्थ लिए हुए होते हैं। इसमें रचनात्मकता का वास होता है। ये आशावादी होते हैं। ये हर पहलू की जांच करने वाले होते हैं। ऐसे व्यक्ति प्रायः वैज्ञानिक, पुरात्व विभाग में पदस्थ व प्रकृति विभाग में कार्यरत होते हैं। ऐसे लोग गुप्त विद्या के भी जानकार होते हैं। अर्थपूर्ण हस्ताक्षर वाले व्यक्ति प्रतिभा के धनी होते हैं।

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हस्तलेख एवं हस्ताक्षर विशेषांक  फ़रवरी 2014

फ्यूचर समाचार पत्रिका के हस्तलेख एवं हस्ताक्षर विशेषांक में हस्तलेख से व्यक्तित्व विश्लेषण, लिखावट द्वारा रोगों की पहचान एवं उपचार, हस्ताक्षर के प्रकार एवं विशेषताएं, भिन्न मानसिकता की भिन्न लिखावट, हस्ताक्षर एवं ग्रह आपके हस्ताक्षर क्या कहते हैं, लिखावट से जानें व्यक्ति विशेष को तथा हस्तलिपि एवं उपयोग, कैसे लें हस्ताक्षर द्वारा स्वास्थ्य व धन लाभ आदि गूढ़ एवं महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के अतिरिक्त फिल्मों में करियर, एस्ट्रो पामिस्ट्री, महाशिवरात्रि व्रत का अध्यात्मिक महत्व, पंचपक्षी की क्रियाविधि, सफलता में दिशाओं का महत्व तथा आदि शक्ति जीवनदायिनी मंगलरूपा मां तारिणी के तीर्थस्थल पर रोचक आलेख सम्मिलित हैं।

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