2017 ज्योतिष के नजरिए से

2017 ज्योतिष के नजरिए से

रिसर्च जर्नल के इस विशेषांक को खास तौर पर कानपुर में होने वाले ज्योतिषीय सेमीनार के लिए तैयार किया गया है। इस विशेषांक में बहुत सारे लेख जन्म व सांसारिक मुद्दों के सम्बन्ध में लिखे गये हैं। इनके अतिरिक्त इसमें बहुत सारे अुनसंधान लेख मेवाड़ यूनीवर्सिटी के पी.एच.डी के विद्यार्थियों द्वारा भी लिखे गये हैं, उनमें से कुछ लेख इस प्रकार हैं:- 2017 के भारत में रोग-व्याधियों पर पूर्वानुमान, वर्ष 2017 ज्योतिष के आइने मे, वर्ष 2017 का भविष्यफल, 2017 में नेताओं का भविष्य और भारत वर्ष, अष्टम भाव विवेचन, संवत्सर चक्र व ज्योतिष के आइने में वर्ष 2017, वर्ष 2017: राशियों में शनि की साढ़ेसाती व गोचर आदि। यहां अंग्रजी पाठकों के लिए भी लेख सम्मिलित किये गये हैं।

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लेख

सौर मंडल में नौ ग्रह विद्यमान हैं जो समस्त ब्रह्मांड, जीव एवं सभी क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं। प्रत्येक ग्रह की अपनी विशेषतायंे हैं जिनमें शनि की भूमिका महत्वपूर्ण है। शनि को दुःख, अभाव का कार...और पढ़ें

शनि व शुक्र परिचय शनि को “सौरमंडल का गहना” (श्रमूमस व िजीम ैवसंत ैलेजमउ) कहा जाता है क्योंकि इनके चारों ओर अनेक सुन्दर वलय परिक्रमा करते हैं। खगोलीय दृष्टिकोण से शनि एक गैसीय ग्रह है और शनि को ...और पढ़ें

जन्मकुंडली में दो या अधिक ग्रहों के आपसी संबंध को ‘योग’ कहते हैं। इन संबंधों में ‘युति’ का अंतिम (चैथा) स्थान है। ग्रह योग पिछले जन्म के अच्छे-बुरे कर्मफल अनुसार बनते हैं जिसकी अनुभूति उन ग्रहो...और पढ़ें

प्रत्येक जातक को अपने जीवन में दो या तीन बार शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का सामना करना ही पड़ता है। जिन जातकों की दीर्घायु होती है उनके जीवन में कुल तीन साढ़ेसाती आती है क्योंकि 30 वर्षों के पश्चात ही श...और पढ़ें

संन्यास योग कारक शनि

फ़रवरी 2016

व्यूस: 8

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सौरमंडल में नौ ग्रह विद्यमान हैं जो समस्त ब्रह्मांड, जीव एवं सभी क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं, जिनमें शनि की महत्वपूर्ण भूमिका है। शनि चिंतनशील, गहराइयों में जाने वाला...और पढ़ें

शनि का उदय होना: मेष राशि का शनि उदय होगा तो जलवृष्टि, मनुष्यों में सुख, वृष राशि में सुख, घास-हरियाली में अभाव, घोड़ों में रोग, महंगाई होगी और मिथुन में उदय हो तो सुभिक्ष होगा। कर्क में उदय हो, ...और पढ़ें

महाशिवरात्रि व्रत प्रतिवर्ष भूतभावन सदाशिव महाकालेश्वर भगवान शंकर के प्रसन्नार्थ और स्वलाभार्थ फाल्गुन, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को किया जाता है। इसको प्रतिवर्ष ‘नित्य’ और कामना से करने से यह ‘काम्य’ होत...और पढ़ें

महाशिवरात्रि व्रत प्रतिवर्ष भूतभावन सदाशिव महाकालेश्वर भगवान शंकर के प्रसन्नार्थ और स्वलाभार्थ फाल्गुन, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को किया जाता है। इसको प्रतिवर्ष ‘नित्य’ और कामना से करने से यह ‘काम्य’ होत...और पढ़ें

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