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वास्तु दोष दूर करने के सरल उपाय

वास्तु दोष दूर करने के सरल उपाय  

- घर के मुख्य द्वार पर अंदर और बाहर की ओर गणेश जी की दो प्रतिमाएं इस तरह लगाएं कि उनकी पीठ एक दूसरे से जुड़ी रहे। सभी प्रकार से कल्याण होगा। - घर के मुख्य द्वार पर ईशान कोण में तुलसी का पौधा रखें। प्रतिदिन प्रातः काल उसमें जल अर्पित करें तथा सायंकाल इसे घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्ज्वलित करके ‘‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का मात्र 11 बार जप करने से ही धन प्राप्ति और सुख शांति की प्राप्ति भी होती है। - पूर्व या उत्तर दिशा में तुलसी का पौधा लगाकर उसकी नियमित पूजा करने से घर के सदस्यों में आत्मविश्वास बढ़ता है। - घर में यदि किसी भी प्रकार का वास्तु दोष है तो घर की छत पर तुलसी का पौधा गमले में लगायें। ऐसा करने से घर में बिजली गिरने का भी भय नहीं रहता है। - घर में किसी भी प्रकार के वास्तुदोष से बचने के लिये घर के ईशान कोण में पांच तुलसी के पौधे लगायें तथा उनकी नियमित सेवा करें। - मुख्य द्वार के बाद घर के खिड़की दरवाजों पर ध्यान देना चाहिये। सदैव ध्यान रखना चाहिए कि खिड़की दरवाजों की संख्या सम हो जैसे (2, 4, 6, 8, 10) तथा खिड़की दरवाजे अंदर की तरफ ही खुले। - द्वार खुलने और बंद करते समय किसी भी प्रकार की कर्कश ध्वनि नहीं आनी चाहिए। ऐसी कर्कश ध्वनि पारिवारिक सदस्यों में वैचारिक मतभेद एवं कटुता की सूचक है। - यदि किसी भिक्षुक को भिक्षा देनी हो तो घर से बाहर आकर ही दें, अन्यथा अनहोनी होने की संभावना बनी रहती है और यदि कोई दान-दक्षिणा देनी हो तो घर के मध्य भाग को चुनें। - पूजा घर में किसी भी देवी-देवता की एक से अधिक मूर्ति या चित्र न लगायें अथवा कलह-क्लेश की संभावना बनी रहती है। - किसी भी दो देवता की तस्वीरें इस प्रकार न लगायें कि उनका मुख आमने-सामने हो। - देवी देवताओं के चित्र कभी भी नैर्ऋत्य कोण में नहीं लगाने चाहिये अन्यथा कोर्ट-कचहरी के मामलों में उलझने की पूरी संभावना बनी रहती है। - चलते समय कभी पैर घसीट कर न चलें। - किसी को कुछ समझाना हो तो अपना मुंह पूर्व दिशा में ही रखें। - पढ़ते समय बच्चों का मुख्य पूर्व दिशा में ही होना चाहिये और बच्चों की स्टडी टेबल किसी दीवार से सटा कर रखें। स्टडी टेबल के सामने खिड़की नहीं होनी चाहिए। इससे बच्चों का ध्यान पूर्णतया पढ़ाई में नहीं लग पाता है। - इस बात का सदैव ध्यान रखें कि घर में कभी भी फालतू सामान, टूटे-फूटे बर्तन, फर्नीचर, कूड़ा-कबाड़ तथा बिजली का सामान इकट्ठा न होने पाये। - फटे पुराने जूते-मोजे, छाते, अंडरगारमेंट्स आदि जितनी जल्दी हो सके घर से बाहर फेंक दें नहीं तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का सर्वथा अभाव रहेगा और कष्ट और परेशानियां आपको घेरे रहेगी। - फटे पुराने मोजे-जूते और अंडर गारमेंट्स प्रयोग करने से शनि का नकारात्मक प्रभाव भी झेलना पड़ता है। जीवन में अनायास ही दुर्घटनाएं होती रहती हैं। - कभी किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने हों तो अपने ही ‘पेन’ का प्रयोग करें। इससे जीवन में स्थायित्व आता है। - दक्षिण की दीवार पर कभी भी दर्पण न लगायें। दर्पण सदैव पूर्व या उत्तर दिशा की दीवार पर ही होना चाहिये। - किसी भी द्वार के ठीक ऊपर घड़ी नहीं लगानी चाहिये। - यदि लगातार ध्ान-वृद्धि चाहिये तो तिजोरी का मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर ही होना चाहिए। जहां पर रुपये-पैसे रखते हों वहां पर कोई भी सुगंधित द्रव्य, परफ्यूम इत्यादि नहीं रखना चाहिये। - घर के किसी भी कोण में सीलन नहीं होनी चाहिये और न ही घर के किसी भी कोण में रात को अंधेरा रहना चाहिये।

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