सर्वश्रेष्ठ यंत्रों का सिरमौर हनुमान चक्र

सर्वश्रेष्ठ यंत्रों का सिरमौर हनुमान चक्र  

हनुमान जी ज्योतिषी के रूप में भी प्रसिद्ध हैं। उन्होंने ज्योतिष प्रश्नावली के 40 चक्र बनाए हैं। प्रश्नकर्ता आंखं मूंद कर चक्र के नाम पर उंगली रखे। अगर उंगली लाइन पर रखी गई हो, तो दोबारा रखे और नाम के अनुसार शभ-अशभ फल समझ । रामायण काल के परम दुर्लभ यंत्रों में हनुमान चक्र श्रेष्ठ यंत्रों का सिरमौर है। हनुमान चक्र से अपने प्रश्न का उत्तर पाने के लिए प्रश्नकर्ता प्रातः स्नान कर, शांतचित्त हो, भगवान श्री रामचंद्र जी का श्रद्धापूर्वक स्मरण कर, मन में प्रश्न विचारकर चक्र के कोष्ठक पर उंगली रखे। यदि प्रश्नकर्ता पुरुष है तो वह अपने दाएं हाथ की सूर्य उंगली को कोष्ठक पर रख दे और उस कोष्ठक के स्वामी अंक के उत्तर को चुपचाप पढ़ ले। जिज्ञासा का समाधान अवश्य होगा। यदि प्रश्नकर्ता स्त्री है तो बायें हाथ की गुरु उंगली (तर्जनी) को कोष्ठक पर रखें। ज्योतिष प्रश्नावली का परम दुर्लभ यंत्र ‘हनुमान चक्र’ यहां प्रस्तुत है। - श्री रामचंद्र जी: अति शुभ है, मनोकामना पूर्ण होगी । जो काम करेंगे, सिद्ध होगा। - सीता जी: अशुभ है, ईच्छा पूर्ण न होगी। विपत्तियों में फंस जाएंगे। - लक्ष्मण जी: मनोकामना शीघ्र पूर्ण होगी, चित्त प्रसन्न रहेगा, अच्छी वस्तु मिलेगी। - विभीषण: यदि वाहन के द्वारा काम करें तो बहुत लाभ होगा। - कुंभकरण: भाग्य पर निराशा के बादल का द्योतक है। दो पक्षी जो पिंजड़े में बंद हों, छुड़वाकर उड़ा द । अन्यथा विपत्तिया परशान करेंगी। - तारा: शत्रु से हानि का भय है, सावधान रहं। रविवार को तांबे के दो पैसे दान में दें। - हनुमान: यह शुभ है। मनोकामना स्वतः ही पूर्ण हो जाएगी। प्रश्न विवाह से संबंधित है तो शीघ्रता करें। - रावण: यह अशुभ है। मंगलवार, रविवार और सोमवार को भूखों का भाजन कराए । सायकाल चैराहे पर सतनाजा (सात प्रकार के अनाज) चढ़ाएं। - अंगद: मनोकामना पूरी होगी। - सुग्रीव: विवाह की ईच्छा हो तो शीघ्रता करें। मनपसंद स्त्री मिलेगी। - कैकेई: अपनी इच्छाआ का त्याग दें अन्यथा हानि होगी। - मेघनाद: नीयत ठीक नहीं है, हानि उठाएंगे। सोमवार को भूखों को खाना खिलाएं और इसी दिन दो पक्षियों को मुक्त करवाकर उड़ा दें। इस प्रकार ‘हनुमान चक्र’ के माध्यम से आप अपनी ही नहीं, अपने मित्रों भाइयों, बहनों आदि की जिज्ञासाओं को शांत कर सकते हैं और जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। द्वादशाक्षर हनुमान मंत्र: हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्! शत्रु पर विजय प्राप्त करने और अन्य सफलताओं के लिए यह मंत्र अत्यंत प्रभावी है। इसका कम से कम एक माला जप सुबह शाम अवश्य करें।



संकटमोचक हनुमान विशेषांक  आगस्त 2013

फ्यूचर समाचार पत्रिका के संकटमोचक हनुमान विशेषांक में राम भक्त हनुमान के प्राकट्य की कथा, उपदेश, पूजन विधि, ऐश्वर्यदायी साधना के विभिन्न सूत्र, उनके विभिन्न स्वरूप, विभिन्न रूपों की पूजा से दुःख निवारण, प्रमुख तीर्थ स्थलों का परिचय, पूजा साधना के प्रभाव, चक्र आदि ज्ञानवर्धक आलेख सम्मिलित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त उत्तराखंड की त्रासदी, कृष्ण जन्माष्टमी व्रत, श्रावण में क्यों बढ़ जाता है शिव पूजा का महत्व, अंक ज्योतिष के रहस्य, सत्यकथा, पुरूषोत्तम श्री कृष्ण की अमृतवाणी, त्रिक भावों में ग्रहों का फल एवं उपाय, भुखंड वास्तु व सम्मोहन उपचार तथा धार्मिक क्रिया कलाप का वैज्ञानिक महत्व और ऊर्जा क्षेत्र बढाने के साधन व विवादित वास्तु इत्यादि रोचक आलेख भी पत्रिका की शोभा बढ़ाते हैं।

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