अक्षरों के विहित अर्थ-1

अक्षरों के विहित अर्थ-1  

नाम में मौजूद प्रत्येक अक्षर का अपना अलग महत्व एवं प्रभाव है। सामान्यतः सभी व्यक्तियों के नाम एवं कुलनाम सहित नाम के दो या दो से अधिक हिस्से होते हैं। हर वर्ष परिघटना अंक के रूप में नाम के प्रत्येक हिस्से का एक अक्षर प्रकट होता है तथा उनका सम्मिलित रूप ही परिघटना अंक कहा जाता है। हर अक्षर का अपना स्वभाव, प्रभाव एवं गुण-अवगुण होता है। ये भिन्न-भिन्न अक्षर अपनी उपस्थिति से जीवन की घटनाओं को प्रभावित करते हैं। इस आलेख में हम यही समझने का प्रयास करेंगे कि ये अक्षर जब परिघटना अंक के रूप में प्रकट होते हैं तो हमारे जीवन में आने वाली किस अच्छी-बुरी घटना A : J : S A=1:A प्रकटीकरण नयी योजना के सूत्रपात, निवास अथवा व्यावसायिक वातावरण में परिवर्तन, नयी गतिविधियाँ तथा दृढ़ता से महत्वपूर्ण निर्णय लेना दर्शाता है। इस अवधि में नये लोगों से मिलने के अवसर, स्थान परिवर्तन, एवं यात्रा की भी असीम संभावनायें बनती हैं। J=10/1 :Aही सभी प्रभाव साथ ही पद एवं आर्थिक स्थिति मंे उन्नति की संभावना। S=19/1 :व्यक्तिगत एवं/अथवा व्यावसायिक जीवन में अचानक अथवा आशा के विपरीत परिवर्तन। कोई भी घटना अचानक घट सकती है। सभी A,S,Jकाल एक वर्ष की अवधि का होता हA . A, A . J, A . S, J . J तथा J.S अत्यधिक गतिविधियों में संलग्नता का संकेत करते हैं जिसके कारण सही अवसर का चुनाव करने में समस्या महसूस हो सकती है। S.Sअचानक परिवर्तन के कारण भावनात्मक परेशानी का संकेत करता है। B.K.T B=2 :परिघटना अंक के रूप में ठ का प्रकटीकरण धीमी गति से सहयोग, साझेदारी एवं कूटनीति के द्वारा उन्नति का द्योतक है। यह अवधि सुन्दर प्रेम संबंध एवं पारिवारिक जीवन को भी निर्दिष्ट करता है। अति संवेदना एवं सहयोग का अभाव संबंधों में समस्या उत्पन्न कर सकता है। अत्यधिक तनाव से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। K=11/2 :सभी प्रभाव ठ जैसे ही किन्तु इस अवधि में आध्यात्मिक अनुभव से आन्तरिक जागृति की भी संभावना होती है। अचानक अथवा विचित्र किस्म की दोस्ती एवं प्रणय संबंधों के कारण उत्तेजना एवं यात्रा की संभावना हो सकती है। T=20/2 :सभी प्रभाव ठ जैसे ही होते हैं साथ ही व्यवसाय एवं वित्त में उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। प्रेम एवं विवाह के मामले में देरी अथवा बाधा इस काल की प्रमुख विशेषता होती है। सभ B.K.T काल 2 वर्ष के होते हैं। अक्षरों के समूह B.B, B.K, B.T, K.K, K.Tएवं T.T भावनात्मक ठेस का संकेत करते हैं खासकर K.K एव T.T साथ। C.L.U C=3 :सामाजिक आनंद, मित्रता, सृजनात्मक कार्यशीलता, प्रणय सम्बन्ध इस काल की विशेषतायें हैं। शाह खर्ची, अनुशासन का अभाव अथवा आमोद-प्रमोद में अधिक दिलचस्पी के कारण पछताना पड़ेगा। L=12/3 सभी प्रभाव ब् जैसे ही, इसके अलावा प्रेम, विवाह, घर एवं बच्चों पर अधिक ध्यान सुख एवं आनंद देगा। सुखद यात्राएँ प्यार एवं व्यापार दोनों के लिए लाभदायक सिद्ध होंगी। U=21/3 सभी प्रभाव C एवं L जैसे ही साथ ही योग्यता के आधार पर बड़े अवसर की प्राप्ति जिससे उन्नति होगी। अति संवेदना को नियंत्रित करना आवश्यक है नहीं तो यह मिले हुए अवसर के आड़े आएगा तथा घर में भी समस्या लाएगा। सभी C,L,U काल की अवधि तीन वर्षों की होती है। अक्षरों के समूह C.C, C.L, C.U एवं L.U बिखरी हुई ऊर्जा का संकेत करते हैं जिसके कारण मिला हुआ अवसर हाथ से निकल जाएगा एवं निराशा होगी। D.M.V D=4: अच्छे भविष्य के लिए व्यवसाय एवं व्यक्तिगत जीवन दोनों में कार्य, उत्तरदायित्व एवं संगठन पर बल देता है। भूतकाल में जिन समस्याओं की अवहेलना की गई वे अब सतह पर आएँगी। फिर भी आनंद, अच्छी दोस्ती एवं यात्रा की संभावना है। सम्पत्ति एवं वित्त सम्बन्धी मामले संगठित होंगे। M13/4: सभी प्रभाव क् जैसे ही किन्तु अधिक प्रबलता से सीमितता एवं प्रतिबन्ध की भावना के साथ। स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। इस काल में प्रणय सम्बन्ध एवं/अथवा विवाह, यात्रा एवं कुछ पारितोषिक प्राप्त होने की संभावना है। V22/4: अत्यधिक कार्य एवं महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सफलता के लिए अच्छी तरह से सोचकर उसे लागू करने की जरूरत है। असामान्य व्यवसाय एवं यात्राएँ करनी पड़ सकती हैं। समय-समय पर आराम एवं दूसरों का प्रेमपूर्ण व्यवहार इस काल में काफी सहायक हो सकता है। तनाव एवं अत्यधिक खर्च से पछताना पड़ सकता है। सभी D.M.V काल की अवधि 4 वर्ष होती है। अक्षरों का समूह D.D, D.M, D.V, M.M एवं M.V निरर्थक परिश्रम एवं बिना लाभ के कार्य का संकेत करते हैं जिसका परिणाम निराशा होती है। V.V का योग अत्यधिक तनाव का संकेत करता है जो सम्बन्धों में समस्या पैदा करती है। सीमित कार्य एवं उत्तरदायित्व लेना इस काल में हितकर होगा। इसका जीवन पर बड़ा ही महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। E.N.W. E=5: परिवर्तनशीलता, उत्तेजना, लोक कार्य एवं अचानक तथा आशा के प्रतिकूल घटना इस काल की विशेषतायें हैं। रहन-सहन की स्थिति में परिवर्तन एवं/अथवा व्यावसायिक जीवन में परिवर्तन हो सकता है। स्वतंत्रता की ईच्छा, चहुँमुखी प्रतिभा एवं साधन संपन्नता कुछ सम्बन्धों को तोड़ सकती है एवं कुछ नये संबंध बना सकती है तथा व्यावसायिक कठिनाइयों को दूर कर सकती है। प्रेम एवं विवाह अचानक होते हैं पर ज्यादा दिन टिकते नहीं। कानूनी बाधायं आ सकती हैं। आनंद, यात्रा एवं उतार-चढ़ाव पूर्ण आर्थिक स्थिति का सामना इस पूरे काल में करना पड़ सकता है। N14/5: सभी प्रभाव E जैसे ही होते हैं किन्तु यह काल अधिक विकासवादी एवं व्यावसायिक जीवन में लाभ प्रदान करने वाली होती है। पारिवारिक जीवन को बचाए रखने के लिए ध्यान देने की आवश्यकता है। W=23/5: सभी प्रभाव E जैसे ही होते हैं किन्तु घटनाएँ और भी अचानक एवं आशा के विपरीत होती हैं। जब तक यह समय समाप्त नहीं होता जीवन में कई उतार-चढ़ाव आते हैं। सभी E,N,W काल की अवधि पाँच वर्षों की होती है। अक्षरों के समूह E.E, E.N, E.W.N.W, N.N एवं W.W बिखरी हुई ऊर्जा का संकेत करते हैं जिसके कारण मिला हुआ अवसर व्यर्थ चला जाता है। सभी कार्यों में जल्दबाजी एवं सनकीपन का पुट रहता है। (क्रमशः)


संकटमोचक हनुमान विशेषांक  आगस्त 2013

फ्यूचर समाचार पत्रिका के संकटमोचक हनुमान विशेषांक में राम भक्त हनुमान के प्राकट्य की कथा, उपदेश, पूजन विधि, ऐश्वर्यदायी साधना के विभिन्न सूत्र, उनके विभिन्न स्वरूप, विभिन्न रूपों की पूजा से दुःख निवारण, प्रमुख तीर्थ स्थलों का परिचय, पूजा साधना के प्रभाव, चक्र आदि ज्ञानवर्धक आलेख सम्मिलित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त उत्तराखंड की त्रासदी, कृष्ण जन्माष्टमी व्रत, श्रावण में क्यों बढ़ जाता है शिव पूजा का महत्व, अंक ज्योतिष के रहस्य, सत्यकथा, पुरूषोत्तम श्री कृष्ण की अमृतवाणी, त्रिक भावों में ग्रहों का फल एवं उपाय, भुखंड वास्तु व सम्मोहन उपचार तथा धार्मिक क्रिया कलाप का वैज्ञानिक महत्व और ऊर्जा क्षेत्र बढाने के साधन व विवादित वास्तु इत्यादि रोचक आलेख भी पत्रिका की शोभा बढ़ाते हैं।

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