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ज्योतिष के स्तम्भ (1 व्यूस)

ज्योतिष का आधार निम्नलिखित चार तथ्यों पर आधारित है। यदि इन तथ्यों को भली भांति समझ लिया जाय तो ज्योतिष को समझना बहुत आसान है। आज तक विश्व में जितने भी ज्योतिषी हुए हैं वे सब इन्हीं चार तथ्यों का अध्ययन करके ही विश्लेषण करते हैं और फलादेश करते हैं। इन चार तथ्यों के अलावा ज्योतिष में और कुछ भी नहीं है। वे तथ्य हैं -
ग्रह - 9 (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु, केतु)
भाव- 12 (लग्न, धन, पराक्रम, सुख, संतान, रोग, विवाह, मृत्यु, भाग्य, कर्म, आय, व्यय)
राशि - मेष, वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ, मीन
नक्षत्र - अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आद्र्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पू.फा., उ.फा., हस्त, चित्रा, स्वाती, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पू.षा., उ.षा., श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पू.भा., उ.भा., रेवती


ज्योतिष में संपूर्ण ज्ञान होते हुए भी तबतक वह अधूरा है जबतक कि उसके उपाय न मालूम हो। यह ठीक उसी तरह ...देखे

आप ज्योतिष क्षेत्र में रूचि रखते हैं लेकिन सीखने का माध्यम अभी तक प्राप्त नहीं हुआ था या ज्योतिष में...देखे

रुद्राक्ष को भगवान शिव का अश्रु कहा गया है। शास्त्रों में रुद्राक्ष सिद्धिदायकए पापनाशकए पुण्यवर्धकए...देखे

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