फर्श से अर्श की उड़ान का मार्मिक अंत

फर्श से अर्श की उड़ान का मार्मिक अंत  

फर्श से अर्श की उड़ान का मार्मिक अंत आभा बंसल ग्रह नक्षत्रों का खेल वाकई अजीब होता है। ये अनुकूल हों तो रंक को राजा बना दें और प्रतिकूल वाला गरीब बच्चा कल मर्सीडीज में बैठेगा, कोई नहीं जानता था। यह ग्रहों का चमत्कार ही था जिन्होंने पोंटी को हजारों करोड़ का मालिक बना दिया था। पोंटटी चड्ढा का असली नाम गुरदीप सिंह चड्ढा था। उनका परिवार पार्टीशन के दौरान पाकिस्तान से मुरादाबाद शिफ्ट हुआ था और उनके पिता एक देशी शराब की दुकान के आगे तली मछली बेचा करते थे। उनके पिता को किसी तरह से शराब बेचने का लायसेंस मिल गया तो उन्होंने अपनी शराब बेचने की दुकान शुरू कर दी।


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