शिवरात्रि व् होली पर किए जाने वाले विशिष्ट प्रयोग

शिवरात्रि व् होली पर किए जाने वाले विशिष्ट प्रयोग  

शिवरात्रि व होली पर किए जाने वाले विशिष्ट प्रयोग मसूर, चावल, केले, उड़द व तिल रखें। उस पर नवग्रह यंत्र स्थापित कर उसे केसर का तिलक लगाएं। फिर घी का दीपक और गुलाब या चंदन की अगरबŸाी जलाएं। स्फटिक की माला से यथासंभव निम्नलिखित मंत्र का जप करंे। जप पूरा होने पर यंत्र को पूजा स्थान पर स्थापित करें। ग्रह दोष दूर होंगे। सामग्री पीपल के वृक्ष की जड़ में रख आएं। मंत्र: ब्रह्मा मुरारी स्त्रीपुरान्तकारी भानु शशि भूमि सुतो ब्रह्मश्च गुरूश्च शुक्र शनि राहु केतवः सर्वे ग्रह शांति करा भवन्तुः। स यदि बार-बार वापस मांगने पर भी कोई आपका धन नहीं लौटा रहा हो, तो ग्यारह मंत्र पूरित गोमती चक्र पूजा स्थान में प्लेट में रखंे। धूप, दीप दिखाएं, रोली लगाएं, धन वापसी का निवेदन करें और जिससे पैसा वापस लेना हो, उस व्यक्ति का नाम लें। रात्रि में जहां होली जलती है, इन ग्यारह गोमती चक्रों को साथ ले जाएं और पैसा वापसी का निवेदन करते हुए होली की ग्यारह परिक्रमा करें। हर परिक्रमा में धन वापसी का निवेदन करें। इसके पश्चात् सुनसान स्थान पर सफेद कागज पर उस व्यक्ति का नाम लिखकर ‘धन वापस मिल जाए’ लिखें व उन गोमती चक्रों को उसमें रखकर गहरा गड्ढ़ा खोदकर उसमें दबा दें। पैसा वापस मिलेगा। यह टोटका होली के दिन ही करना है। जादू टोने से मुक्ति किसी ने कोई अभिचार कर्म आपके परिवार पर किया हो, तो उसे दूर करने के लिए होलिका दहन के समय दो फूलदार लौंग देसी घी में भिगोकर, एक बताशा और पान का एक पŸाा लेकर जाएं और होलिका को प्रार्थना सहित अर्पित करें। अगले दिन होली की थोड़ी सी राख हल्के हाथ से शरीर पर लगाएं तथा एक घंटे के पश्चात् हल्के गर्म पानी से स्नान कर लें। यदि बार-बार आर्थिक हानि हो रही हो होलिका दहन की शाम को अपने मुख्यद्वार पर आटे का दोमुखी दीपक बनाएं। थोड़ा सा गुलाल छिड़क कर उस दीपक में तेल भर कर उसे गुलाल पर रख दें। दीपक जलाते वक्त मन में धन लाभ की प्रार्थना करें। जब दीपक थोड़ा ठंडा हो जाए, तो उसे जलती होली में रख आएं। धन हानि रुक जाने की प्रार्थना मन में करते हुए जाना चाहिए।



विद्यादायिनी सरस्वती विशेषांक   फ़रवरी 2008

विद्या प्राप्ति हेतु मां सरस्वती की उपासना विधि एवं महिमा, कुंडली में विद्या प्राप्ति के योग, विद्या प्राप्ति के अनुभूत उपाय, विद्या प्राप्ति हेतु तंत्र-मंत्र एवं यंत्र का उपयोग, विद्या प्राप्ति हेतु वास्तु एवं वास्तु एवं फेंग शुई वस्तुओं का प्रयोग किस प्रकार लाभ देता है. इस अंक से जाना जा सकता है.

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