घरेलू टोटके विशेषांक

घरेलू टोटके विशेषांक  जनवरी 2006

अंक के और लेख | व्यूस : 1613 |
मनुष्य का जन्म स्वतन्त्र हुआ है किन्तु वह हर जगह शृंखला में आबद्ध है। मनुष्य अपने हर जन्म में अपने कर्मों के अनुरूप नकारात्मकता अथवा सकारात्मकता के कारण वर्तमान जीवन में अच्छे या बुरे दिन देखता है। पीड़ा की मात्रा इन्हीं कर्मों के संचय के आधार पर अलग-अलग होती है। इनका प्राकट्य जन्म के समय कुण्डली में होता है जब नौ ग्रह उसके कर्मों के अनुरूप अलग-अलग भावों में स्थान ग्रहण करते हैं। इसके अलावा दशाओं के क्रम भी भावी जीवन की आधारशिला रखते हैं। यदि दशाओं का क्रम अच्छा होता है तो जातक को जीवन में सुख एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है अन्यथा वह दुख झेलने को बाध्य होता है। ज्योतिष में विभिन्न प्रकार की पीड़ा से मुक्ति हेतु अनेक उपायों की चर्चा की गई है। इन्हीं उपायों में से एक महत्वपूर्ण उपाय है टोटका। फ्यूचर समाचार के इस महत्वपूर्ण विशेषांक में विभिन्न प्रकार की समस्याओं से मुक्ति पाने हेतु सामान्य, सरल एवं घरेलू टोटकों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण आलेख समाविष्ट हैं। इन महत्वपूर्ण टोटके के आलेखों में से धन लाभ एवं खुशहाली हेतु, कर्ज से मुक्ति और धन वापसी, मानसिक तनाव दूर करने के लिए, परीक्षा में सफल होने के लिए, शीघ्र विवाह के लिए, सन्तान प्राप्ति के लिए टोटके आदि लेख सम्मिलित हैं।
manushya ka janm svatantra hua hai kintu vah har jagah shrinkhla men abaddh hai. manushya apne har janm men apne karmon ke anurup nakaratmakata athva sakaratmakata ke karan vartaman jivan men achche ya bure din dekhta hai. pira ki matra inhin karmon ke sanchay ke adhar par alg-alag hoti hai. inka prakatya janm ke samay kundali men hota hai jab nau grah uske karmon ke anurup alg-alag bhavon men sthan grahan karte hain. iske alava dashaon ke kram bhi bhavi jivan ki adharshila rakhte hain. yadi dashaon ka kram achcha hota hai to jatak ko jivan men sukh evan samriddhi ki prapti hoti hai anyatha vah dukh jhelne ko badhya hota hai. jyotish men vibhinn prakar ki pira se mukti hetu anek upayon ki charcha ki gai hai. inhin upayon men se ek mahatvapurn upay hai totka. fyuchar samachar ke is mahatvapurn visheshank men vibhinn prakar ki samasyaon se mukti pane hetu samanya, saral evan gharelu totkon se sambandhit mahatvapurn alekh samavisht hain. in mahatvapurn totke ke alekhon men se dhan labh evan khushhali hetu, karj se mukti aur dhan vapsi, mansik tanav dur karne ke lie, pariksha men safal hone ke lie, shighra vivah ke lie, santan prapti ke lie totke adi lekh sammilit hain.



घरेलू टोटके विशेषांक  जनवरी 2006

मनुष्य का जन्म स्वतन्त्र हुआ है किन्तु वह हर जगह शृंखला में आबद्ध है। मनुष्य अपने हर जन्म में अपने कर्मों के अनुरूप नकारात्मकता अथवा सकारात्मकता के कारण वर्तमान जीवन में अच्छे या बुरे दिन देखता है। पीड़ा की मात्रा इन्हीं कर्मों के संचय के आधार पर अलग-अलग होती है। इनका प्राकट्य जन्म के समय कुण्डली में होता है जब नौ ग्रह उसके कर्मों के अनुरूप अलग-अलग भावों में स्थान ग्रहण करते हैं। इसके अलावा दशाओं के क्रम भी भावी जीवन की आधारशिला रखते हैं। यदि दशाओं का क्रम अच्छा होता है तो जातक को जीवन में सुख एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है अन्यथा वह दुख झेलने को बाध्य होता है। ज्योतिष में विभिन्न प्रकार की पीड़ा से मुक्ति हेतु अनेक उपायों की चर्चा की गई है। इन्हीं उपायों में से एक महत्वपूर्ण उपाय है टोटका। फ्यूचर समाचार के इस महत्वपूर्ण विशेषांक में विभिन्न प्रकार की समस्याओं से मुक्ति पाने हेतु सामान्य, सरल एवं घरेलू टोटकों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण आलेख समाविष्ट हैं। इन महत्वपूर्ण टोटके के आलेखों में से धन लाभ एवं खुशहाली हेतु, कर्ज से मुक्ति और धन वापसी, मानसिक तनाव दूर करने के लिए, परीक्षा में सफल होने के लिए, शीघ्र विवाह के लिए, सन्तान प्राप्ति के लिए टोटके आदि लेख सम्मिलित हैं।

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