रत्नों का फैन बाॅलीवुड

रत्नों का फैन बाॅलीवुड  

व्यूस : 2803 | जुलाई 2016

सुखमय जीवन जीने के लिए व्यक्ति को तीन प्रकार की ऊर्जा की आवश्यकता होती है जिसमें एक ऊर्जा हमें भोजन के द्वारा प्राप्त होती है। दूसरी ऊर्जा हमें सूर्य से प्राप्त होती है और तीसरी ऊर्जा हमें रत्नों के द्वारा प्राप्त हो सकती है। शरीर में जिस ग्रह की ऊर्जा कम हो उसे ध्यान में रखते हुए रत्न का निर्धारण किया जाता है। रत्न पहनने के पश्चात रत्न आकाश मण्डल से ग्रहों की अनुकूल तरंगों को एकत्रित कर शरीर में प्रविष्ट करता है। एक प्रकार से हम कह सकते हैं कि रत्न एंटीना की भांति कार्य करता है। अगर हम इसे साधारण तरीके से समझें तो यह उसी तरीके से काम करता है जैसे - किसी व्यक्ति की आंखों की रोशनी कम हो जाती है तो डाॅक्टर उसे चश्मा पहनने की सलाह देते हैं और जैसे ही व्यक्ति अपनी आंखों पर चश्मा लगाता है उसे साफ दिखाई देने लगती है। इसका कारण यही होता है कि व्यक्ति की आंखों की रोशनी चश्मे के शीशे से टकराती है और उस व्यक्ति को साफ दिखाई देने लगता है।

उसी प्रकार जब व्यक्ति रत्न की अंगूठी धारण करता है तो उस रत्न से संबंधित ग्रह उसे अपने चुंबकीय प्रभाव से उस व्यक्ति को ऊर्जा देते हंै और उसे उस ग्रह का पूर्ण फल रत्नों के माध्यम से प्राप्त होता है। रत्नों की महिमा का गान हमारे ऋषि-मुनियों ने, वैदिक और धार्मिक शास्त्रों में तथा कवियों ने अपने-अपने ढंग से किया है। वेद, रामायण, महाभारत और पुराणों में कई तरह की चमत्कारिक मणियों एवं रत्नों का वर्णन मिलता है। पौराणिक कथाओं में सर्प के सिर पर मणि के होने का उल्लेख मिलता है। ऐसा माना जाता है कि चिंतामणि को स्वयं ब्रह्माजी धारण करते हैं। रुद्रमणि को भगवान शंकर धारण करते हैं। कौस्तुभ मणि को भगवान विष्णु धारण करते हैं। इसी तरह और भी कई मणियां हैं जिनके चमत्कारों का उल्लेख पुराणों में है। जैसे- पारस मणि, नील मणि, नागमणि और न जाने कितनी मणियां प्राचीन काल से सभी को अपनी ओर आकर्षित करती रही हंै।

रत्नों से व्यक्ति का प्रेम किसी वर्ग, धर्म या स्तर की सीमाओं में बंधा हुआ नहीं है। रत्नों का यह जादू आज हर व्यक्ति के सिर चढ़ कर बोल रहा है। यहां तक कि बॉलीवुड जगत भी इससे अछूता नहीं रहा है। कई नामी गिरामी बॉलीवुड अभिनेता-अभिनेत्रियों का रत्नों से विशेष लगाव देखा जा सकता है। बॉलीवुड में रत्नों को सौंदर्य और आकर्षण शक्ति बढ़ाने के लिए ही धारण नहीं किया जाता है बल्कि बॉलीवुड सितारों का भी ज्योतिष विषय में विशेष आस्था-विश्वास रहा है जिसके चलते अपने भाग्य को चमकाने, जिंदगी को बेहतर बनाने और रातों-रात सफलता के आसमान पर छा जाने की कामना से रत्नों को धारण किया जाता है। बॉलीवुड में यह देखा गया है कि रत्न धारण करने वाले सितारों का भाग्य एक ही रात में बदल गया और वो चकाचैंध की इस दुनिया में मशहूर हो गए। आज के समय में अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय, हेमा मालिनी, शिल्पा शेट्टी, संजय दत्त, गोविंदा, लता मंगेशकर, जया प्रदा तथा राजनेता प्रणब मुखर्जी, लालू प्रसाद यादव, मुलायम सिंह यादव और क्रिकेटर सुनील गावस्कर तथा चर्चित व्यवसायी विजय माल्या भी रत्नों के मोह में फंसे हुए हैं।

अमिताभ बच्चन आधुनिक युग में रंक से राजा बनने की कहानी में सिनेमा जगत के महानायक अमिताभ बच्चन का नाम लिया जाता है। अमिताभ बच्चन ने अपने ‘‘करियर में सबसे बेहतरीन और सबसे खराब दौर भी देखा है। उनके जीवन में एक समय ऐसा आ गया था कि लक्ष्मी जी उनसे पूर्ण रूप से रूष्ट हो चुकी थीं। जब उन्होंने किसी ज्योतिषीय सलाह से नीलम रत्न धारण किया तो उन्हें कौन बनेगा करोड़पति’’ के माध्यम से एक नई शुरुआत करने का मौका मिला और उन्होंने फिर दोबारा पीछे मुड़ कर नहीं देखा। इसीलिए कहते हैं कि यदि जीवन की कठिनाइयों में किसी अनुभवी ज्योतिषी की सही सलाह मिल जाए तो जीवन का रुख बदल जाता है। नीलम रत्न को धारण करने का उनका फैसला बिल्कुल सही साबित हुआ और उन्होंने कामयाबी को दोबारा प्राप्त किया और देखते ही देखते रूष्ट लक्ष्मी पुनः उनके जीवन में लौट आईं। वे आज भी मध्यमा अंगुली में नीलम धारण किए हुए हैं।

नीलम रत्न के विषय में यह मान्यता है कि यदि नीलम धारण करना है तो मेहनत अवश्य करनी पड़ेगी क्योंकि शनि एक मेहनत प्रिय और ईमानदार ग्रह है इसीलिए इसका रत्न नीलम सिर्फ मेहनती और ईमानदार लोगों को चमत्कारिक फल देता है और यह बात श्री अमिताभ बच्चन को देखते हुए सोलह आने सच साबित होती है। ऐश्वर्या राय भव्य और आकर्षक ऐश्वर्या राय ने जब 1994 में ‘मिस वल्र्ड’ का खिताब जीता तो भारत के लिए यह गर्व का विषय रहा। ऐश्वर्या ने अपने प्रदर्शन और शालीन व्यवहार से सारी दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात जब ऐश्वर्या राय ने बॉलीवुड में अपना पहला कदम रखा तो उन्हें कोई खास सफलता नहीं मिली। लेकिन इसके बाद ‘ताल’ और ‘हम दिल दे चुके सनम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें सफलता का स्वाद चखा ही दिया। उन्होंने अपने करियर में कई चढ़ाव के साथ उतार भी देखे। इस स्थिति में उन्होंने अपने भाग्य को शक्ति देने के लिए रत्नों का साथ प्राप्त किया।

कहा जाता है कि उन्होंने सौंदर्य और सफलता का प्रतीक हीरा इसके बाद ही धारण किया था। हीरा सौंदर्य की दुनिया में सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हीरा शुक्र का रत्न है और दुनिया भर के सितारों और कलाकारों का पसंदीदा रत्न है। इस रत्न को विशेष रुप से फिल्मी दुनिया, मनोरंजन और सौंदर्य उद्योग में कार्यरत व्यक्तियों के द्वारा धारण किया जाता है। इस रत्न को धारण करने के बाद ऐश्वर्या राय हिन्दी, अंग्रेजी, तमिल और बंगाली में कई दर्जन सफल फिल्में दे चुकी हैं। हीरा रत्न को ऐश्वर्या राय काफी लंबे समय से धारण किए हुए हैं। इसके साथ ही ऐश्वर्या राय मध्यमा अंगुली में एक नीलम और कभी-कभी ओपल भी पहनती हंै। ऐश्वर्या राय की उपलबधियां और ख्यातियां काफी हद तक इन रत्नों के फलस्वरुप है। ऐश्वर्या राय आज के समय में व्यावसायिक सफलता की ऊंचाईयों पर हंै। इस वर्ष भी ऐश्वर्या की कई फिल्में रीलिज हुई हैं।

वे आज स्वयं को भारतीय फिल्म उद्योग की समकालीन अभिनेत्रियों में अग्रणी स्थान पर स्थापित कर चुकी हैं। सलमान खान सलमान खान और विवाद का चोली-दामन का साथ रहा है। परछाईं की तरह विवाद सलमान का पीछा करते रहे हैं। न चाहते हुए भी विवादों से सलमान हमेशा घिरे रहे हैं। जितने सलमान खान अपने व्यवहार के कारण चर्चित रहते हंै उतना ही उनका ब्रेसलेट चर्चा का विषय रहा है। सलमान खान की तो जैसे पहचान ही बन चुका है उनका फिरोजा ब्रेसलेट। यह फिरोजा रत्न उन्हें उनके पिता के द्वारा उपहार स्वरुप दिया गया है। पिता के द्वारा दिया गया यह ब्रेसलेट सलमान के लिए काफी भाग्यशाली भी रहा है। सलमान खान को भाग्यशाली और आकर्षक बनाए रखने में फिरोजा जड़ित ब्रेसलेट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह फिरोजा उन्होंने चांदी धातु में जड़वा कर पहना हुआ है। फिरोजा रत्न के बारे में यह माना जाता है कि फिरोजा शीघ्र भाग्य बदलता है।

यह रत्न अच्छी किस्मत लेकर आता है और पहनने से बुरी किस्मत दूर होती है। यह ब्रेसलेट आज उनका प्रतीक बन गया है। यहां तक कि तुसाद म्यूजियम में बनी मोम की प्रतिमा में भी सलमान खान को ब्रेसलेट पहने दर्शाया गया है। शिल्पा शेट्टी भारतीय फिल्म उद्योग की जानी मानी अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने भी सफलता के लिए रत्न थेरेपी का इस्तेमाल किया है। शिल्पा का पेशेवर और निजी जीवन जब परेशानियों के दौर से गुजर रहा था तब उसने पन्ना रत्न धारण किया। इस रत्न को धारण करने के बाद शिल्पा का जीवन बदलना आरम्भ हो गया। इसके पश्चात ही उसने शादी की और उसके पेशेवर जीवन में सुधार आना आरम्भ हुआ। शिल्पा शेट्टी पन्ना और पुखराज दो महत्वपूर्ण रत्न एक साथ धारण करती हंै। दोनों ही रत्न शिल्पा को सम्मान, सफलता दे रहे हैं। शिल्पा सामाजिक संस्थाओं के लिए कार्य कर रही हैं और क्रिकेट जैसे क्षेत्रों से भी जुड़ी हुई हैं। शिल्पा शेट्टी के अलावा यह पन्ना रत्न प्रीति जिंटा और रानी मुखर्जी ने भी धारण किया हुआ है।

तीनों कलाकारों को भारत की प्रमुख अभिनेत्रियों के रुप में गिना जाता है। ये सभी फिल्म जगत का सफल हिस्सा रही हंै। ये सभी पन्ना रत्न धारण किये रहती हंै। करीना कपूर खूबसूरत बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर भी रत्नों की शक्ति में विश्वास रखती हंै। वह भी अच्छी किस्मत और भाग्योदय के लिए पुखराज और मोती की अंगूठी धारण किए रहती हैं। ग्रहों की शुभता को प्राप्त करने के लिए रत्न शक्ति का करीना के द्वारा प्रयोग किया जाता रहा है। पुखराज उनका पसंदीदा रत्न है। यह रत्न उन्हें मान-सम्मान, अच्छी किस्मत, धन और भाग्य दे रहा है तथा चंद्र रत्न मोती की शुभता से उनका जीवन शान्तिपूर्ण बना हुआ है। मोती रत्न करीना कपूर को सदैव सकारात्मक बनाए रखता है। पुखराज और मोती का संयोजन कुछ विशेष व्यक्तियों के लिए चमत्कारी सिद्ध हुआ है। इसके अतिरिक्त कभी-कभी वो लाल मूंगा भी पहनती हैं। विद्या बालन ऊ लाला फेम विद्या बालन अपने भाग्य को बल देने के लिए मोती रत्न धारण करती हैं।

उनके कंगन में भी रत्न देखे जा सकते हैं। ये रत्न इनके लिए भाग्यशाली रत्न सिद्ध हो रहे हैं। सार्वजनिक पुरस्कार के आयोजनों में इन्हें भारतीय पारंपरिक वेशभूषा में अनेक रत्नों से सजा हुआ कई बार देखा गया है। इमरान हाशमी रत्नों का जादुई स्पर्श फिल्मी सितारों को वास्तव में सितारों का दर्जा दिला देता है। फिल्मी सितारों की सफलता और जीवन काफी हद तक ग्रहों के रत्नों पर आधारित है। इमरान हाशमी लाल मूंगा, माणिक, पुखराज और ओपल जैसे रत्नों को धारण किए रहते हंै। माना जाता है कि इन्हें मर्डर-2 और जन्नत- 2 जैसी फिल्मों में सफलता इन्हीं को पहनने की वजह से मिली है। ऐसा नहीं है कि इनकी फिल्में फ्लॉप नहीं हुई हंै परन्तु रत्नों का साथ होने के कारण नुकसान थोड़ा कम होता है। गुरु, सूर्य और मंगल इन सभी ग्रहों की शुभता प्राप्त करने के लिए इमरान हाशमी ने इन ग्रहों के रत्नों को धारण किया हुआ है। रत्नों के माध्यम से ये ग्रहों की शक्ति का दोहन करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

संजय दत्त बॉलीवुड में अपने नाम और काम दोनों से पहचाने जाने वाले संजय दत्त कई पसंदीदा रत्न धारण किये रहते हैं। संजय दत्त पुखराज और मोती धारण करते हैं। संजय दत्त जेमोलाजी के एक बहुत बड़े प्रशंसक हैं और अपने करियर के शुरुआती समय से ही इन्होंने रत्नों को धारण किया है। खलनायक फिल्म से बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने वाले संजय अपने दाहिने हाथ की बीच की अंगुली में एक सीलोन नीली नीलमणि का उपयोग करते हैं। गुरु ग्रह का रत्न पुखराज और चंद्र ग्रह का रत्न मोती दोनों ही संजय दत्त ने धारण किये हैं। इन रत्नों को धारण करने के बाद ही ‘‘मुन्ना भाई एमबीबीएस ’’ में सफलता के लिए इन्हें पुरस्कृत भी किया गया।

फरहा खान बॉलीवुड में ऊर्जा, शक्ति, प्रसिद्धि और भाग्य का सहयोग बनाए रखने के लिए फरहा ने भी रत्नों पर विश्वास किया है। बॉलीवुड में सफल कोरियोग्राफर फरहा अपनी पहली फिल्म से ही सफलता की सीढ़ियां चढ़ती गई हैं। ओम शान्ति ओम, जो जीता वही सिकन्दर, हैप्पी न्यू ईयर जैसी सफल फिल्में दे चुकी फरहा खान ने सोने की अंगूठी में पुखराज पहना हुआ है। जिससे फरहा की उन्नति का मार्ग खुल गया है।

Ask a Question?

Some problems are too personal to share via a written consultation! No matter what kind of predicament it is that you face, the Talk to an Astrologer service at Future Point aims to get you out of all your misery at once.

SHARE YOUR PROBLEM, GET SOLUTIONS

  • Health

  • Family

  • Marriage

  • Career

  • Finance

  • Business

रत्न विशेषांक  जुलाई 2016

भूत, वर्तमान एवं भविष्य जानने की मनुष्य की उत्कण्ठा ने लोगों को सृष्टि के प्रारम्भ से ही आंदोलित किया है। जन्मकुण्डली के विश्लेषण के समय ज्योतिर्विद विभिन्न ग्रहों की स्थिति का आकलन करते हैं तथा वर्तमान दशा एवं गोचर के आधार पर यह निष्कर्ष निकालने का प्रयास करते हैं कि वर्तमान समय में कौन सा ग्रह ऐसा है जो अपने अशुभत्व के कारण सफलता में बाधाएं एवं समस्याएं उत्पन्न कर रहा है। ग्रहों के अशुभत्व के शमन के लिए तीन प्रकार की पद्धतियां- तंत्र, मंत्र एवं यंत्र विद्यमान हैं। प्रथम दो पद्धतियां आमजनों को थोड़ी मुश्किल प्रतीत होती हैं अतः वर्तमान समय में तीसरी पद्धति ही थोड़ी अधिक प्रचलित है। इसी तीसरी पद्धति के अन्तर्गत विभिन्न ग्रहों के रत्नों को धारण करना है। ये रत्न धारण करने के पश्चात् आश्चर्यजनक परिणाम देते हैं तथा मनुष्य को सुख, शान्ति एवं समृद्धि से ओत-प्रोत करते हैं। फ्यूचर समाचार के वर्तमान अंक में रत्नों से सम्बन्धित अनेक उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय आलेखों को सम्मिलित किया गया है जो रत्न से सम्बन्धित विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हैं।

सब्सक्राइब


.