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आप और आपका मनपसंद संगीत

आप और आपका मनपसंद संगीत  

मधुर संगीत प्रायः हर दिल को छूने की क्षमता रखता है। ये बात तो हम सभी जानते हैं कि महिलाएं पुरूषों की तुलना में अधिक भावुक होती हैं और शायद इसीलिए संगीत जैसे सौम्य विषय में इनकी रूचि और जुड़ाव अधिक होता है। किसी न किसी प्रकार का संगीत हर स्त्री जातक को प्रिय होता है, कोई 2-4 गीत सभी को इतने पसंद होते हैं कि इनके सुनाई पड़ते ही बस ध्यान उन्हीं की तरफ चला जाता है और मन उस गीत की धुन में ऐसा डूब सा जाता है कि कुछ पलों के लिए मानो हम एक अलग ही दुनिया में पहुंच जाते हैं। संगीत भी कई प्रकार के होते हैं - क्लासिकल, लोक गीत, इलेक्ट्राॅनिक ड्रम्स एंड इन्सट्रूमेंटल, ट्रैडिशनल साॅफ्ट, नया हिप हाॅप, फास्ट म्यूजिक या फिर मेलोडियस पुराने गीत। वैसे तो म्यूजिक जगह और समय के हिसाब से ही अच्छा लगता है फिर भी अपने को खुश करने के लिए सभी अलग-अलग तरह का म्यूजिक सुनना पसंद करती हंै। कोई फास्ट गानों की धुन पर थिरकती हैं तो किसी स्त्री को पुराने गाने ही लुभाते हैं। आइए जानें सभी लग्न/राशि के हिसाब से उनका पसंदीदा संगीत। मेष: मंगल की प्रभावशाली राशि/लग्न होने के कारण आपको प्रेरक म्यूजिक पसंद आते हैं। आपको तीव्र आवाज और खूब बीट्स और धुनों से परिपूर्ण लाईव म्यूजिक ही पसंद आता है, नए से नए गाने और संगीत सुनने का शौक रखती हैं और युवावस्था में इन पर खूब थिरकती भी हंै। पाॅप, राॅक, जैज़ जैसे म्यूजिक आपको लुभाते हैं। किंतु एक उम्र के बाद या फिर शांत समय में आपको पुराने मधुर गीत सुनने का भी एक अलग क्रेज होता है। वृष: शुक्र प्रधानता के कारण संगीत में आपकी खासा रुचि होती है। आपको प्रायः कई तरह के म्यूजिक और गाने पसंद आते हैं। लोक गीतों में खासी दिलचस्पी होती है। आपको सूदिंग म्यूजिक पसंद आता है। पुराने रोमान्टिक गाने आप काफी पसंद करती हैं। जब भी आप रेडियो पर अपना पसंदीदा गाना सुनती हैं तो गुनगुनाने से रूकना मुश्किल हो जाता है। ड्रम्स, शहनाई, गिटार पर बजने वाले संगीत आपको तरोताजा कर देते हैं। मिथुन: आपको घूमने-फिरने और सामाजिक जीवन की आदत सी होती है। प्रायः सभी प्रकार का म्यूजिक और डान्सिंग आप पसंद करती हैं। हिप हाॅप, लोकल बैंड्स के इवेंट, शोज और पार्टिज में बजने वाला म्यूजिक पसंद करती हैं। दोस्तों के साथ मिल-जुलकर म्यूजिक इन्ज्वाॅय करती हैं। कमरे में बैठकर साॅफ्ट म्यूजिक सुनना आपका स्टाइल नहीं है। आपका इन्टरैक्टिव टाइप का म्यूजिक टेस्ट होता है। कर्क: आपके लिए एक पार्टिकुलर म्यूजिक टेस्ट निर्धारित करना काफी मुश्किल है। समय के साथ एक दो सिंगर्स या बैंड आपके फेवरिट हो जाते हैं और फिर उन्हीं के गाने सुनना पसंद करती हैं। आपको भावुक और हृदय को छूनेवाले बोल पसंद आते हैं। आपका स्वभाव रोमान्टिक होता है इसलिए आपको साॅफ्ट और माइल्ड इमोशनल थीम और ट्यून के गाने ही पसंद आते हैं। सिंह: अग्नि तत्व राशि और सूर्य का शाही स्वभाव होने के कारण आप हर दौर के फेमस गीत सुनती हैं। आकर्षण का केंद्र बनने की चाहत और आत्मविश्वास से परिपूर्ण व्यक्तित्व होने के कारण, कभी-कभार जोर दिए जाने पर अपने मिलने-जुलने वालों के बीच गुनगुनाने से भी पीछे नहीं हटतीं। आपको ड्रामैटिकल और क्लासिकल म्यूजिक पसंद आता है। ज्यादातर आप नामी-गिरामी सिंगर्स या बैंड सुनती हैं और अपने पसंदीदा संगीतकार की लाॅयल फैन लिस्ट में शामिल होती हैं। कन्या: आपको शांतिपूर्ण और सूदिंग संगीत ही पसंद आएगा। आपको ऐसे गाने अत्यधिक पसंद आते हैं जिनमें बैकग्राउंड में साॅफ्ट म्यूजिकल इन्स्ट्रूमेंट बज रहा हो। गिटार, वायलिन, बांसुरी जैसे म्यूजिकल इन्सट्रूमेंट सीखने, बजाने और सुनने का आपको शौक होता है। आपको राॅक और हार्ड म्यूजिक कम ही लुभाता है। आप मेलोडियस वाॅयस की प्रशंसक होती हैं। तुला: तुला शुक्र की मूल त्रिकोण राशि है जो कि प्रेम का ग्रह है। अतः आपको रोमान्टिक ट्यून्स, म्यूजिक और गाने अत्यधिक पसंद होते हैं। किसी भी युग के लेटेस्ट गाने को सुनने में भी आपको आनंद प्राप्त होता है। हृदय से भावुक और स्वभाव से मिलनसार आपको इजी गोइंग म्यूजिक पसंद आता है जिसमें कुछ सोशल/रिलेशनशिप मैसेज हो। म्यूजिकल इवेंट्स और नाइट्स अटेन्ड करने का शौक रखती हैं। वृश्चिक: स्वभाव से खोजी और हर चीज की तह तक जाने की इच्छा के कारण आप इन्टेंस म्यूजिक पसंद करती हैं। कम्प्लेक्स और रिच इन्सट्रूमेंटल म्यूजिक पसंद करेंगी जिसमें कई प्रकार के इलेक्ट्राॅनिक इन्सट्रूमेंट का उपयोग किया गया हो। आप अच्छी आवाज के साथ-साथ उसकी कम्पोजिशन की भी सच्ची सराहना करने वाली हैं। आॅर्केस्ट्रा म्यूजिक आपके लिए एक अच्छी च्वाइस है। धनु: ट्रैडिशनल एंड क्लासिकल म्यूजिक की सच्ची आराधक आप ही हैं। संगीत कला केंद्र में विभिन्न प्रकार के म्यूजिकल इन्सट्रूमेंट्स और म्यूजिक से जुड़े इतिहास जानने की इच्छा रहती है। आपको फिल्मी गानों के साथ-साथ लोक गीत और लोकल ट्रैडिशनल गीत सुनना पसंद आता है। कुछ क्लासिकल धुनें भी आपकी फेवरिट होती हैं जिन्हें आप अपने आॅडियो प्लेयर में रेडी रखती हैं। मकर: आपको म्यूजिक का बहुत ज्यादा शौक नहीं होता या कहें तो फेवरिट म्यूजिक बताना आपके लिए थोड़ा मुश्किल ही साबित होता है। मकर लग्न वाली स्त्री पुराने गाने और संगीत चलने पर अच्छा महसूस करती हैं। कभी-कभार जैज़ म्यूजिक भी सुनना पसंद करती हैं पर इस विषय में खास रुचि न होने के कारण जानकारी भी न्यूनतम ही रहती है। कुंभ: आपको भी टेक्निकल म्यूजिक ज्यादा लुभाता है जिसमें आप उसकी बीट्स को महसूस कर पाएं। साॅफ्ट साँग्स, सदाबहार फेमस साॅन्ग आपको पसंद आते हैं लेकिन साथ ही ऐसे गानों में भी आपकी दिलचस्पी रहती है जिनमें ड्रम, स्टिक, ओल्ड या इनोवेटिव इन्सट्रूमेंट उपयोग किए गए हों। आप नयापन ऐसे तलाशती हैं जैसा रियलिटी शोज और टैलेंट शो में देखने को मिलता है और इस प्रकार के प्रोग्राम बहुत इन्ज्वाॅय करती हैं। मीन: चंचल स्वभाव और मस्तमौला व्यक्तित्व होने के कारण आपको फास्ट ट्रैक पसंद आते हैं। ओल्ड साॅन्ग की बजाए आप गाड़ी में बैठते ही नए और लेटेस्ट गाने को एफएम पर सुनकर गुनगुनाना शुरू कर देती हैं। आपको लाईवली और अपबीट म्यूजिक ही पसंद आता है। आप वाटर साउण्ड या झरनों की आवाजें भी इन्ज्वाॅय करती हैं। प्रस्तुत लेख में अपने बारे में जानने के लिए अपने लग्न अनुसार पढ़ें। यदि लग्न न मालूम हो तो चन्द्र राशि अनुसार पढे़ं। यह भी न मालूम हो तो जन्म तारीख अनुसार सूर्य राशि ज्ञात कर लेख पढ़ें । लग्न जो कि जन्म तारीख, समय व स्थान पर निर्भर करता है आपकी छवि को 100 प्रतिशत चरितार्थ करता है जबकि चन्द्र राशि जो केवल जन्म तारीख पर निर्भर करती है केवल 50 प्रतिशत और सूर्य राशि जो केवल जन्म माह पर निर्भर करती है केवल 25 प्रतिशत छवि को दर्शाती है।

मंगल दोष विशेषांक  जुलाई 2015

फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में मंगल दोष की विस्तृत चर्चा की गई है। कुण्डली में यदि लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम भाव एवं द्वादश भाव में यदि मंगल हो तो ऐसे जातक को मंगलीक कहा जाता है। विवाह एक ऐसी पवित्र संस्था जिसके द्वारा पुरुष एवं स्त्री को एक साथ रहने की सामाजिक मान्यता प्राप्त होती है ताकि सृष्टि की निरन्तरता बनी रहे तथा दोनों मिलकर पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्व का निर्वहन कर सकें। विवाह सुखी एवं सफल हो इसके लिए हमारे देश में वर एवं कन्या के कुण्डली मिलान की प्रथा रही है। कुण्डली मिलान में वर अथवा कन्या में से किसी एक को मंगल दोष नहीं होना चाहिए। यदि दोनों को दोष हैं तो अधिकांश परिस्थितियों में विवाह को मान्यता प्रदान की गई है। इस विशेषांक में मंगल दोष से जुड़ी हर सम्भव पहलू पर चर्चा की गई है। इसके अतिरिक्त स्थायी स्तम्भ में भी विभिन्न विषयों को समाविष्ट कर अच्छी सामग्री देने की कोशिश की गई है।

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