अंग बताये मनुष्य का भविष्य

अंग बताये मनुष्य का भविष्य  

अंग बताये मनुष्य का भविष्य पं. मनोहर शर्मा मुख के आधार पर पुरुषों का मुख मुंह छोटा हो तो शुभ होता है। मुंह बहुत अधिक फैला हुआ हो तो व्यक्ति दरिद्र होता है। चैड़ा मुंह अशुभ होता है। स्त्रियों के मुख उन्नत ललाट एवं आकर्षक मुखाकृति वाली स्त्रियों को राजसी सुख प्राप्त होता है। जिस स्त्री का मुंह सुंदर, कांतियुक्त मुख हो वह सौभाग्यशालिनी होती है। आकर्षक, शांत और कांतियुक्त मुंह वाली स्त्रियां धनवान होती हैं। मुंह-गोल तथा मांसल हो तो स्त्रियां सौभाग्यशालिनी होती हैं। पिता से मिलता जुलता मुंह विशेष सौभाग्य का सूचक होता है। कमल के समान मुंह वाली स्त्री सर्वगुण संपन्न होती है। नाक: पुरुष की नाक यदि चार अंगुल लंबी नाक हो तो व्यक्ति दीर्घायु होता है। जिसकी नाक उभरी हुई हो वह सदाचारी होता है। हाथी के समान नाक वाला व्यक्ति भोगी होता है। तोते के समान नाक वाला व्यक्ति सुखी होता है। जिसकी नाक सीधी हो वह सौभाग्यशाली होता है। जिसके नथुने छोटे हों वह भाग्यवान होता है। जिसके नाक के आगे का हिस्सा टेढ़ा हो वह आर्थिक दृष्टि से सम्पन्न होता है। नुकीली नाक वाला राजातुल्य होता है। छोटी नाक वाला धर्मात्मा होता है। जिसकी नाक के आगे का हिस्सा दो भागों में बंटा हुआ हो वह दरिद्र होता है। चपटी नाक वाला व्यक्ति सरल स्वभाव का होता है। कटी हुई नाक वाला व्यक्ति पापी होता है। दायीं ओर झुकी हुई नाक वाला व्यक्ति कमजोर होता है। बड़े नथुने वाला व्यक्ति स्वस्थ होता है। स्त्रियों की नाक यदि नाक छोटी हो तो वह मजदूर स्वभाव वाली होती है। चपटी और लंबी नाक वाली स्त्री विधवा होती है। यदि नाक के आगे का हिस्सा लंबाई लिए हुए हो, तो वह रानी के समान सुख भोगती है। यदि नाक की नोक पर काला तिल या मस्सा हो, तो वह दुराचारिणी होती है। अत्यधिक लंबी नाक वाली स्त्री सुखहीन होती है। सुडौल और समान छिद्र वाली नाक श्रेष्ठता की सूचक है। लंबी और पतली नाक वाली स्त्री शुभ होती है। यदि किसी स्त्री की नाक बहुत बड़ी हो तो वह झगड़ालू होती है और यदि वह हिलती डुलती चले तो चुगलखोर और लड़ने वाली होती है। यदि किसी स्त्री की नाक टेढ़ी-मेढ़ी हो तो वह दासी की भांति मेहनत करने वाली होती है। नथुने फूले हों तो वह झगड़ालू होती है। यदि नाक का अगला भाग लाल, लंबा व मोटा हो तो यह स्त्रियों के लिए शुभ नहीं होता। जिस स्त्री के नथुने उठे हुए हों वह कामुक होती है। नोकदार नाक वाली स्त्रियां विदुषी होती हैं। कान के आधार पर (पुरुषों के कान) जिस पुरुष के कान उभरे हुए हों एवं उनकी नोक सुडौल तथा बड़ी हो वह सौभाग्यशाली होता है। यदि कान जन्म से ही लंबे हों तो वह सुखी होता है। जिनके कान मोटे हों वे कोमल स्वभाव के होते हैं। जिनके कान छोटे हों वे बुद्धिमान होते हैं। शंख के समान कान वाले लोग मिलिट्री में उच्च पदस्थ होते हैं। चपटे कानों वाले लोग भोगी होते हैं। बड़े-बड़े रोमयुक्त कान दीर्घायु का संकेत देते हैं। बहुत मोटे कान नेता होते हैं। अत्यंत छोटे कान वाले व्यक्ति कंजूस होते हैं। सूखे हुए कान दरिद्रता के सूचक होते हैं। लंबे और फैले हुए कान व्यक्ति के क्रूर होने का संकेत देते हैं। बड़े कान वाले लोग समाज में सम्मानित होते हैं। चिकनाई रहित कान कमजोरी के सूचक होते हैं। स्त्रियों के कान स्त्रियों के कानों पर बाल होना उनके शिघ्र होने विधवा का सूचक हैं। स्त्रियों के कान लंबे हों तो शुभ होते हैं। लंबे, सुंदर एवं घुमावदार कान स्त्रियों के चरित्रवान होने का संकेत देते हैं। कान टेढ़े-मेढ़े, छोटे और पतले हों तो स्त्री दुर्भाग्यशाली होती है। लंबे, तिल या मस्सायुक्त कान स्त्रियों के सौभाग्यशालिनी होने का सूचक होते हैं। नोंकदार कानों वाली स्त्री विद्वान होती है। गर्दन के आधार पर पुरुषों की गर्दन छोटी गर्दन वाला व्यक्ति भाग्यशाली होता है। गोल और मजबूत गर्दन वाला धनवान होता है। शंख के समान गर्दन वाला व्यक्ति राजा होता है। भैंसे के समान मोटी गर्दन वाला व्यक्ति बलवान होता है। बैल के समान गर्दन वाला व्यक्ति अल्पायु होता है। लंबी गर्दन वाला व्यक्ति भोगी होता है। टेढ़ी गर्दन वाला व्यक्ति चुगलखोर होता है। लंबी और चपटी गर्दन वाला व्यक्ति दुखी होता है। मांसहीन गर्दन निर्धनता की सूचक होती है। चार अंगुल वाली गर्दन सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। 24 से 26 अंगुल घेरे वाली गर्दन उत्तम होती है। बड़ी-बड़ी हड्डियों से युक्त गर्दन निर्धनता की सूचक होती है। स्त्रियों की गर्दन यदि स्त्रियों के गले के मनके सीधे हों तो वे दीर्घायु होती हैं। यदि गले की गुटकी ऊंची हो तो वे सौभाग्यशालिनी होती हैं। मांस से भरी हुई सुंदर गर्दन उत्तम होती है। तीन रेखाओं से युक्त गर्दन वाली स्त्रियां धनी होती हैं। जिस स्त्री के गले में हड्डियां दिखाई देती हों वह हतभाग्य होती है। मोटी गर्दन वाली स्त्री विधवा होती है। जिसके गले में नाड़ियां दिखाई देती हों वह दरिद्र होती है। जिस स्त्री की गर्दन बहुत अधिक लंबी हो, वह कुल का नाश करने वाली मानी जाती है। जिस स्त्री की गर्दन सुंदर, सुडौल चार अंगुल वाली हो वह गुणवती होती है। सुराहीदार गर्दन वाली स्त्री शृंगारप्रिय और सुखी होती है। जिस स्त्री की गर्दन पीछे की ओर झुकी हुई रहती हो वह धूर्त, चालाक और बेशर्म होती होती है। गले में तीन सकल पड़ने वाली सुख संपत्ति बढ़ाने वाली होती है। चिबुक (ठोड़ी) के आधार पर पुरुषों के चिबुक यदि चिबुक गोल या मांसल हो तो पुरुष धनवान होता है। लंबा, पतला और दुबला चिबुक दरिद्रता सूचक होता है। यदि ठोड़ी का अग्रभाग सुंदर और कोमल हो तो शुभ होता है। यदि ठोढ़ी के अगले भाग में लालिमा दिखाई दे तो अशुभ होती है। स्त्रियों के चिबुक जिस स्त्री का चिबुक दो अंगुल का मांसल तथा सुंदर हो, वह सौभाग्यशालिनी होती है। रोमयुक्त चिबुक वाली स्त्री दुराचारिणी होती है। गोल मांसल और मुलायम चिबुक स्त्री के लिए शुभत्व प्रदान करने वाला होता है। कपोल के आधार पर: पुरुषों के कपोल फूले हुए गाल वाले लोग सुखी होते हैं। मांसल कपोल भोगी होने का संकेत देते हैं। जिनके कपोल सिंह के समान उभरे हुए हों वे राजा होते हैं। मांस रहित चिपके हुए कपोल लोगों का जीवन दुःखमय होता है। फूले गाल वाला व्यक्ति मंत्री होता है। स्त्रियों के कपोल जिन स्त्रियों के गाल निर्मल व सुंदर होते हैं वे गुणवत्ती होती हैं। जिन स्त्रियों के गालों पर नाड़ियां नहीं होतीं वे देवी के समान पूजनीय होती हैं। जिन स्त्रियों के गाल गड्ढेदार हों वे पूर्ण धनलोलुप तथा शौकीन मिजाज की होती है। मांस से भरे गोल एवं समान कपोल वाली स्त्रियां उत्तम गृहलक्ष्मी होती हैं। जिन स्त्रियों के गाल मांसल, चैड़े व मोटे हों वे सौभाग्यशालिनी होती हैं। वे स्त्री सुखी और संपन्न होती हैं। स्त्रियों के पुष्ट, मांसल और उन्नत गाल अच्छे लक्षणों के प्रतीक हैं। मांस रहित व लंबे रोमयुक्त गाल शुभ नहीं होते। गालों का खुरदरा और चिपका होना भी सुंदर लक्षण नहीं है। जिन स्त्रियों के गाल चारों ओर से गोल तथा लाली लिए हुए होते हैं वे सौभाग्यशालिनी एवं पति की प्रिया होती हैं। होंठ के आधार पर पुरुषों के होंठ लाल होंठ वाले लोग धनवान होते हैं। गुलाबी होंठ वाले लोग बुद्धिमान होते हैं। मोटे होंठ वाले लोग धर्मात्मा होते हैं। लंबे होंठ वाले लोग भोगी होते हैं। उबड़ खाबड़ होंठ वाले लोगों का जीवन दुखमय होता है। रूखे, सूखे, पतले एवं कांतिहीन होंठ निर्धनता के सूचक हैं। स्त्रियों के होंठ जिस स्त्री के होंठ लाल एवं चिकने हों वे गुणवती होती हैं। जिस स्त्री के होंठे के बीच में रेखा दिखाई दे वे सौभाग्यशालिनी होती हैं। आड़े तिरछे होठों वाली स्त्रियां पति सुख से हीन होती हैं। बहुत अधिक मोटे होंठों वाली स्त्रियां कलहकारिणी होती हैं। जिन स्त्रियों का ऊपरी होंठ कोमल, झुका हुआ एवं चिकना हो वे स्त्रियां सौभाग्यशालिनी होती हैं। जिन स्त्रियों का निचला होंठ ऊपर की ओर उठा हुआ हो वे स्त्रिया विधवा होती हैं। गोल एवं लालिमा लिए हुए होंठों वाली स्त्रियों को पति का पूर्ण सुख प्राप्त होता है। पतले, सुंदर एवं लंबे होंठो वाली स्त्रियों के पति गुणवान होते है।



हस्तरेखा एवं मुखाकृति विशेषांक   जनवरी 2008

हस्तरेखा विज्ञान का इतिहास एवं परिचय, हस्तरेखा शास्त्र के सिद्धांत एवं नियम, हस्तरेखा विश्लेषण की विधि, हस्तरेखा एवं ज्योतिष का संबंध, मुखाकृति विज्ञान क्या हैं? मुखाकृति विज्ञान से जातक का विश्लेषण एवं भविष्य कथन कैसे किया जाएं ? यह विशेषांक कुछ ऐसे ही गूढ़ विषयों पर आधारित है.

सब्सक्राइब

अपने विचार व्यक्त करें

blog comments powered by Disqus
.