शरीर पर तिल होने का फल

शरीर पर तिल होने का फल  

प्रायः शरीर के अलग-अलग अंगों पर तिल के फल भी अलग-अलग होते हैं। पुरुष के शरीर पर दाहिनी ओर तिल होना शुभ एवं लाभकारी माना गया है जबकि महिलाओं के बायीं तरफ वाले तिल शुभ एवं लाभकारी माने जाते हैं। यदि किसी के हृदय पर तिल हो तो वह सौभाग्यवती होती है। किसी भी व्यक्ति के शरीर पर बारह से ज्यादा तिल होना अच्छा नहीं माना जाता। बारह से कम तिलों का होना शुभ फलदायक है। तिल मात्र सौंदर्य बोधक ही नहीं होते हैं, ये व्यक्ति के भविष्य में घटित होने वाली घटनाओं का संकेत भी देते हैं। शरीर के विभिन्न अंगों पर तिल की स्थिति, उनके रंग और आकृति आदि के अध्ययन से जातक के भविष्य का अनुमान लगाया जा सकता है। व्यक्ति के चेहरे पर किसी भी प्रकार के घाव आदि के चिर् िंया दाग, धब्बा आदि उसके सौंदर्य का नाश करते हैं, भले ही व्यक्ति के चेहरे का रंग गोरा अथवा सांवला हो। व्यक्ति के चेहरे पर तिल तो निश्चय ही सौंदर्यवर्धक हुआ करते हैं। तिल चेहरे की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं। ऐसी मान्यता भी है कि व्यक्ति के चेहरे पर काले तिल उसे लोगों की बुरी नजर से बचाते हैं। इसलिए आजकल युवतियां अपने चेहरे को सुंदर बनाने के लिए कृत्तिम तिल भी बनवा लेती हैं। शरीर के विभिन्न अंगों पर पाए जाने वाले तिलों का सामान्य फल इस प्रकार है। ललाट पर तिल - ललाट के मध्य भाग में तिल निर्मल प्रेम की निशानी है। ललाट के दाहिने तरफ का तिल किसी विषय विशेष में निपुणता, किंतु बायीं तरफ का तिल फिजूलखर्ची का प्रतीक होता है। ललाट या माथे के तिल के संबंध में एक मत यह भी है कि दायीं ओर का तिल धन वृद्धि कारक और बायीं तरफ का तिल घोर निराशापूर्ण जीवन का सूचक होता है। भौंहों पर तिल - यदि दोनों भौहों पर तिल हो तो जातक अक्सर यात्रा करता रहता है। दाहिनी भौंह पर तिल सुखमय और बायीं पर तिल दुखमय दांपत्य जीवन का संकेत देता है। आंख की पुतली पर तिल - दायीं पुतली पर तिल हो तो व्यक्ति के विचार उच्च होते हैं। बायीं पुतली पर तिल वालों के विचार कुत्सित होते हैं। पुतली पर तिल वाले लोग सामान्यतः भावुक होते हैं। पलकों पर तिल - आंख के पलकों पर तिल हो तो जातक संवेदनशील होता है। दायीं पलक पर तिल वाले बायीं वालों की अपेक्षा अधिक संवेदनशील होते हैं। आंख पर तिल - दायीं आंख पर तिल स्त्री से मेल होने का एवं बायीं आंख पर तिल स्त्री से अनबन होने का आभास देता है। कान पर तिल - कान पर तिल व्यक्ति के अल्पायु होने का संकेत देता है। नाक पर तिल - नाक पर तिल हो तो व्यक्ति प्रतिभासंपन्न और सुखी होता है। महिलाओं की नाक पर तिल उनके सौभाग्यशाली होने का सूचक है। होंठ पर तिल - होंठ पर तिल वाले व्यक्ति बहुत प्रेमी हृदय होते हैं। यदि तिल होंठ के नीचे हो तो गरीबी छाई रहती है। मुंह पर तिल - मुखमंडल के आसपास का तिल स्त्री तथा पुरुष दोनों के सुखी संपन्न एवं सज्जन होने के सूचक होते हैं। मुंह पर तिल व्यक्ति को भाग्य का धनी बनाता है। उसका जीवनसाथी सज्जन होता है। गाल पर तिल - गाल पर लाल तिल शुभ फल देता है। बाएं गाल पर कृष्ण वर्ण तिल व्यक्ति को निर्धन, किंतु दाएं गाल पर धनी बनाता है। जबड़े पर तिल - जबड़े पर तिल हो तो स्वास्थ्य की अनुकूलता और प्रतिकूलता निरंतर बनी रहती है। ठोड़ी पर तिल - जिस स्त्री की ठोड़ी पर तिल होता है, उसमें मिलनसारिता की कमी होती है। कंधों पर तिल - दाएं कंधे पर तिल का होना दृढ़ता तथा बाएं कंधे पर तिल का होना तुनकमिजाजी का सूचक होता है। दाहिनी भुजा पर तिल - ऐसे तिल वाला जातक प्रतिष्ठित व बुद्धिमान होता है। लोग उसका आदर करते हैं। बायीं भुजा पर तिल - बायीं भुजा पर तिल हो तो व्यक्ति झगड़ालू होता है। उसका सर्वत्र निरादर होता है, उसकी बुद्धि कुत्सित होती है। कोहनी पर तिल - कोहनी पर तिल का पाया जाना विद्वत्ता का सूचक है। हाथों पर तिल - जिसके हाथों पर तिल होते हैं वह चालाक होता है। हथेली के तिल और उनके फल से जुड़ी बातें... 1. हथेली के शुक्र पर्वत पर तिल होने से व्यक्ति के विचारों की पवित्रता खत्म हो सकती है। 2. जिन लोगों की हथेली में चंद्र पर्वत पर तिल स्थित है, उन्हें पानी (नदी, तालाब, कुएं, समुद्र) से सावधान रहना चाहिए। इन लोगों के विवाह में भी देर हो सकती है। 3. यदि गुरु पर्वत पर तिल होता है तो विवाह में परेशानियां आती हैं, किसी भी काम में उचित सफलता प्राप्त नहीं हो पाती है। 4. शनि पर्वत पर तिल होने से विवाह में विलंब होता है और वैवाहिक जीवन भी संतोषजनक नहीं रहता है। 5. सूर्य पर्वत पर तिल है तो यह मान-सम्मान के लिए शुभ नहीं होता है। सूर्य पर्वत पर तिल हो तो व्यक्ति को समाज में अपमान का सामना करना पड़ सकता है। 6. यदि किसी व्यक्ति की हथेली के बुध पर्वत पर तिल का निशान बन जाता है तो अचानक कोई नुकसान हो सकता है। बुध पर्वत सबसे छोटी उंगली के नीचे स्थित होता है। जब हथेली में ऐसी स्थिति बने तो सावधानीपूर्वक कार्य करना चाहिए। रेखाओं पर तिल 1. जीवन रेखा पर तिल स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। इस रेखा पर तिल हो तो गंभीर रोग हो सकता है। 2. हथेली में मस्तिष्क रेखा पर तिल हो तो व्यक्ति को सिर से जुड़ी किसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 3. हृदय रेखा पर तिल स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता है। 4. भाग्य रेखा पर तिल होने पर व्यक्ति को भाग्य का साथ नहीं मिल पाता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन आशा के अनुरूप फल प्राप्त नहीं हो पाता है। 5. विवाह रेखा पर तिल होने से विवाह में देरी हो सकती है। वैवाहिक जीवन में भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।


फेस रीडिंग विशेषांक  मार्च 2016

भविष्य कथन की महत्वपूर्ण पद्धतियां श्रष्टि के प्रारम्भ से ही इस धरा के विभिन्न हिस्सों में मौजूद रही हैं। प्रत्येक सभ्यता में किसी न किसी रूप में भविष्यवक्ता अथवा अन्तर्द्रष्टा भूत एवं भविष्य के विषय में किसी न किसी प्रकार से लोगों को अवगत कराते रहे हैं। भारत में भी इन विधाओं की समृद्ध विरासत रही है जहां हर काल में ज्योतिष, हस्तरेखा शास्त्र, अंक शास्त्र, मुखाकृति विज्ञान आदि पुष्पित-पल्लवित होते रहे हैं तथा इन्होंने लोगों के भविष्य को आकार देने में महती भूमिका अदा की है। फ्यूचर समाचार के इस वर्तमान विशेषांक में मुखाकृति विज्ञान पर विशेष जोर दिया गया है। इस विषय पर अनेक महत्वपूर्ण आलेख समाविष्ट किये गये हैं जिनमें से कुछ अति महत्वपूर्ण आलेख हैं: नैन अन्तःकरण के झरोखे हैं, बनावट के अनुसार भौहें तथा उनके फल, आंखे व्यक्तित्व का आईना, नाक की आकृति स्वभाव एवं भविष्य आदि। इन विशिष्ट आलेखों के अतिरिक्त पूर्व की भांति सभी स्थायी स्तम्भ मौजूद हैं जिनमें विज्ञ ज्योतिर्विदों के आलेखों को स्थान दिया गया है।

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