वर्ष 2010 में राजनीतिक दल एवं नेता

वर्ष 2010 में राजनीतिक दल एवं नेता  

नव संवत्सर का प्रारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तदनुसार 15 मार्च 2010 को हो रहा है। देश की राजनीति में आए दिन उथल-पुथल होती रहती है। कैसा रहेगा इस वर्ष राजनीतिक परिदृश्य, क्या होगा विभिन्न राजनीतिक दलों, नेताओं और मंत्रियों का भविष्य इसका विस्तृत ज्योतिषीय विश्लेषण यहां प्रस्तुत है। राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी: कुंडली के ग्रह योग के अनुसार 27/04/2010 से 20/08/2010 तक पार्टी का प्रभुत्व बढ़ेगा। विभिन्न प्रांतों में पार्टी के सदस्यों और कार्यकर्ताओं का प्रभुत्व भी बढ़ेगा। कांग्रेस के सामने भाजपा के प्रभाव में कमी आएगी। नई सरकारों के गठन में भी कांग्रेस का सहयोग रहेगा। किंतु 24/10/2010 से 10/01/2011 के बीच पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता को किसी भयंकर संकट का सामना करना पड़ सकता है, उनकी दुर्घटना हो सकती है या यात्रा प्रवास के दौरान हत्या हो कसती है। फरवरी 2011 में नेतृत्व परिवर्तन का योग बनेगा। पार्टी में युवा कार्यकर्ताओं का प्रभुत्व बढ़ेगा। आगामी चुनावों में स्थिति यथावत रहेगी। Û भाजपा: इस पार्टी के उदय लग्न में इस वर्ष ग्रहण योग बन रहा है। विपक्ष का नेतृत्व भी यह पार्टी अच्छी तरह नहीं कर पाएगी। पार्टी का नेतृत्व कमजोर होगा। व्यक्तिवाद के कारण एवं आपसी मनमुटाव के फलस्वरूप पार्टी की छवि धूमिल होगी। किंतु 29/04/2010 से 13/08/2010 के बीच पार्टी की नारी सदस्यों के प्रयास से इसकी स्थिति में कुछ सुधार होगा। इस प्रतिकूल स्थिति में भी दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा व मध्य प्रदेश में इसके प्रभुत्व में वृद्धि हो सकती है। Û बसपा: सन् 2010 से 13 तक पार्टी का विकास होगा। केंद्र सरकार में 2016 में इसके सांसदों को मंत्रिमंडल में मंत्री पद की प्राप्ति हो सकती है। दक्षिणी भारत तथा पूर्वी भारत में इसका प्रभुत्व बढ़ेगा। कत्र्तरी योग के कारण दल की नेता को मृत्यु तुल्य कष्ट हो सकता है। विशिष्ट व्यक्ति इस पार्टी में सम्मिलित होने का प्रयास करते रहेंगे। पार्टी का भविष्य उज्ज्वल प्रतीत होता है। Û सपा: इस वर्ष मंगल के नीचस्थ होने के कारण पार्टी की छवि धूमिल हो सकती है। पदलोलुपता के कारण पार्टी प्रमुख की साख को भी धब्बा लग सकता है। किंतु मध्य भारत, दिल्ली तथा उत्तरांचल में इसका प्रभुत्व बढ़ेगा। चुनाव में सीटों के तालमेल के लिए अन्य पार्टियों का सहयोग लेना पड़ेगा। Û जद: इस वर्ष शनि की ढैया के प्रभाववश से पार्टी नेतृत्व ऋणग्रस्त होगा। उसे संकट से गुजरना पड़ेगा, लेकिन पार्टी के माध्यम से सत्ता पक्ष से लाभ मिलता रहेगा। बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और बिहार में इसके प्रभुत्व में वृद्धि होगी। पार्टी की नारी सदस्य इसके प्रचार प्रसार में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगी जिसका लाभ पार्टी को मिलेगा। Û माकपा: शनि के प्रभाव से पार्टी अन्याय के विरुद्ध आवाज बुलंद करेगी। स्थानीय निकायों में वर्चस्व बढ़ेगा। किंतु इसके शीर्ष नेता को न्यायालय की शरण में भी जाना पड़ सकत है। नारी सदस्यों की शक्ति के बल पर पार्टी चमकेगी। Û निर्दलीय तथा अन्य पार्टियां: क्षेत्रीय पार्टियों तथा निर्दलीय सदस्यों का आपसी तालमेल बढ़ेगा। सरकारों के बनने बिगड़ने में इनकी भूकिता अहम होगी। पार्टियों से निष्कासित नेतागण इस समूह की शरण में आएंगे। वहीं किसी नए दल के गठन में भी ये अहम भूमिका निभाएंगे। सरकारों में इनकी सहभागिता का लाभ भी इन्हें प्राप्त होगा। समाज में इनकी साख में वृद्धि होगी। व्यक्तिगत भविष्यफल कथन Û महामहिम राष्ट्रपति महोदया श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटील अपनी राशि में लग्न में स्थित शनि अपनी दशा में हमारे देश की पहली महिला राष्ट्रपति की महत्वपूर्ण मुद्दों के प्रति निर्णय की क्षमता को प्रबल करेगा। किंतु उनकी हवाई यात्रा में अशुभता का योग है। उपराष्ट्रपति महामहिम श्री हामिद अंसारी उप राष्ट्रपति महामहिम हामिद अंसारी के लिए यह वर्ष मंगलदायक रहेगा। किंतु मंगल कुछ रक्त विकार जन्य रोग दे सकता है। राहु और केतु गुप्त शत्रुता से सतर्क रहने का संकेत भी करता है। इनके लिए दिनांक 26/09/2010 से 20/10/2010 तक का समय प्रतिकूल रहेगा। श्री राहुल गांधी (सांसद) युवा नेता राहुल गांधी पूर्व की भांति इस वर्ष सक्रिय रहेंगे। वाहन दुर्घटना की संभावना है, अतः उन्हें सावधान रहना चाहिए। ता. 20/5/2010 से 30/10/2010 तक का समय पारिवारिक, शारीरिक एवं सामाजिक दृष्टि से कुछ चिंताजनक एवं अशुभ हो सकता है। श्री अटल बिहारी वाजपेयी (पूर्व प्रधान मंत्री) शनि और मंगल के कारण पूर्व प्रधान मंत्री भाजपा के वरिष्ठतम नेता श्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्वास्थ्य कुछ प्रतिकूल रहेगा। सूर्य, बुध, गुरु और शुक्र के कारण वह राजनीति में पुनः सक्रिय हो सकते हैं। उन्हें लंबी यात्राएं नहीं करना चाहिए। श्री लाल कृष्ण आडवाणी (नेता विपक्ष ) इस वर्ष श्री अडवाणी की रणनीति कार्य नहीं करेगी। उन्हें 12/4/1010 से 30/6/2010 तक शत्रुओं के प्रति सतर्क रहना चाहिए। उनके प्रधानमंत्री की संभावन अत्यंत क्षीण है। श्रीमती सोनिया गांधी (कांग्रेस, अध्यक्ष) जन्मकुंडली के अनुसार श्रीमती गांधी राजनीतिक रणनीति में सफल रहेंगी। उनके शत्रुओं की योजनाएं विफल होंगी। लेकिन 24/6/2010 से 10/10/2010 तक का समय चुनौतीपूर्ण होगा। अतः उन्हें सावधान रहना चाहिए और परिवार का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। पार्टी पर उनका प्रभुत्व और नियंत्रण पूर्व की भांति बना रहेगा। उनकी हर योजना सफल होगी। प्रधानमंत्री डाॅ. श्री मनमोहन सिंह इस वर्ष राजनीति में डाॅ. सिंह का प्रभुत्व बना रहेगा। वाहन योग में कुछ अशुभता बनती है। जून 2010 से अगस्त 2010 तक काफी परिवर्तनकारी योग बनेंगे। विदेशों में उनका प्रभाव बढ़ेगा, लेकिन महंगाई एवं राममंदिर निर्माण जैसा मुद्दों को लेकर स्थिति प्रतिकूल हो सकती है। नवंबर 2010 में विशेष सावधानी की आवश्यकता है। पाकिस्तान की यात्रा में भी स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव बनने के योग हैं। उनके मंत्रिमंडल में परिवर्तन की संभावना है। श्रीमती प्रियंका बढेरा राजनीतिक पटल पर श्रीमती प्रियंका बढेरा का प्रभुत्व उनकी मां सोनिया गांधी की तरह ही बना रहेगा। लेकिन उन्हें अपने प्रत्यक्ष और परोक्ष शत्रुओं से सावधान रहना चाहिए। दिसंबर 2010 से जनवरी 2011 तक विशेष सावधानी की जरूरत है। Û पूर्व राष्ट्रपति महामहिम डाॅ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम पूर्व राष्ट्रपति डाॅ. कलाम के लिए इस वर्ष विदेश यात्राओं के योग प्रबल हैं। इनके महती योगदान के फलस्वरूप भारत में प्रौद्योगिकी का आशातीत विकास होगा। किंतु जून 2010 से सितंबर 2010 के दौरान स्वास्थ्य के प्रतिकूल रहने की संभावना है। इस वर्ष उन्हें विश्व भर में विशेष सम्मान प्राप्त होगा। किंतु किसी दुर्घटना की संभावना है, अतः उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। श्रीमती वसुंधरा राजे सिंधिया राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री के लिए वर्ष 2010-2011 का समय घटनाओं से भरा रहेगा। किंतु उत्थान-पतन के बावजूद कंेद्र में उनका प्रभुत्व बढ़ेगा। शनि, मंगल और शुक्र के कारण पारिवारिक विवाद का योग है, लेकिन राजनीति में उनका सितारा बुलंद होगा। उन्हें भाजपा के नेतृत्व का दायित्व भी मिल सकता है। इस वर्ष अगस्त से नवंबर तक का समय अनुकूल रहेगा, हालांकि उनके खिलाफ कोई आतंकवादी घटना हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्हें यथासंभव सावधान रहना चाहिए। श्री राजनाथ सिंह ग्रह स्थिति के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह के लिए यह वर्ष प्रतिकूल रहेगा। उन्हें पार्टी में हो रही उथल-पुथल से उत्पन्न बाधाओं का सामना करना पड़ेगा। इस वर्ष जुलाई से अक्तूबर के मध्य पद भी छोड़ना पड़ सकता है। उनके व्यवहार से भाजपा में मतभेद उभरने की संभावना है, किंतु वहीं नेता प्रतिपक्ष का पद मिलने का योग भी बनता है। प्रांतीय प्रभारियों, अध्यक्षों की नियुक्ति में प्रभाव कम होगा। श्री घनश्याम तिवारी शनि के प्रभाववश घनश्याम तिवारी इस वर्ष न्यायिक मामलों में सक्रिय रहेंगे। राज्य में भाजपा तथा उनके प्रभुत्व के कारण क्षेत्र का विकास होगा। वर्ष का राजा तथा मंत्री उनके लिए अनुकूल सिद्ध होंगे। किंतु शनि के कारण जुलाई से सितंबर के बीच यात्रा प्रवास में चोट या दुर्घटना की संभावना है। वर्ष में यात्राएं ज्यादा होंगी, अतः उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। श्री अशोक गहलोत राजस्थान के वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने चमत्कारिक व्यक्तित्व के कारण इस वर्ष राज्य में वातावरण अपने अनुकूल रखने में कामयाब होंगे। राज्य की जनता उनका साथ देगी। किंतु जून में यात्रा में अशुभ घटना का योग है। उनके नेतृत्व में राजस्थान में शिक्षा का विकास होगा। पार्टी में उनकी छवि उज्ज्वल बनी रहेगी। पार्टी में उनका खेमा प्रभावशाली रहेगा। उन्हें विदेश यात्रा के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। नवंबर का महीना उनके लिए अशुभ है। उनकी कार्य प्रणाली से राज्य के किसान संतुष्ट रहेंगे। राज्य में आरक्षण को लेकर चल रहे आंदोलन के समाधान में गहलोत की भूमिका अहम होगी। किंतु उनके गृह जिले में कुछ अशोभनीय घटनाएं हो सकती हैं। सुश्री मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री सुश्री मायावती के लिए यह वर्ष शुभ रहेगा, हालांकि उनकी कार्य प्रणाली से लोग चिंतित रहेंगे। देश के दक्षिणी पश्चिमी भागों में उनका प्रभुत्व और पार्टी के कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ेगा। उत्तरांचल के चुनावों विपक्ष का दायित्व उनकी पार्टी को प्राप्त हो सकता है। किंतु अक्तूबर से नवंबर तक का समय उनके लिए अशुुभ है, अतः इस दौरान उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। राजस्थान में उनकी पार्टी के सदस्य कुछ धोखा दे सकते हैं। श्री मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का स्वास्थ्य इस वर्ष शनि के कारण प्रतिकूल रहेगा। इस वर्ष उनकी पार्टी का प्रभुत्व भी घटेगा। नीच जनों का संग हो सकता है, अतः उन्हें सावधान रहना चाहिए। दक्षिण भारत में उन्हें कुछ चोट आ सकती है, या कोई अन्य अशुभ घटना हो सकती है। उन्हें छिपे शत्रुओं के प्रति सतर्क रहना चाहिए। उनके विरुद्ध कोई मुकदमा भी हो सकता है। जून से सितंबर तक का समय विशेष रूप से प्रतिकूल रहेगा, इसलिए इस दौरान उन्हें विशेष सतर्क रहना चाहिए। सुश्री जयललिता वर्ष 2010-11 में जयललिता के प्रभुत्व में कमी आएगी। पार्टी के प्रभुत्व में भी कमी आएगी। उनके विरोधी उनका अपमान कर सकते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह वर्ष उनके लिए प्रतिकूल रहेगा। किसी औरत विशेष से धोखे या कहासुनी के कारण मन विचलित रहेगा। किंतु इस प्रतिकूल परिस्थिति में भी वह केंद्रीय सत्ता की ओर अग्रसर हो सकती है। इस वर्ष अगस्त से अगले वर्ष जनवरी तक का समय उनके लिए विशेष रूप से प्रतिकूल है। इस दौरान वह बीमार या किसी दुर्घटना का शिकार हो सकती हैं। श्री एम. चंद्र बाबू नायडू आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री नायडू की मानसिक स्थिति इस वर्ष कमजोर रहेगी। मस्तिष्क जन्य बीमारी से परेशानी तथा हवाई मार्ग से दुर्घटना का योग बनेगा। नेतृत्व में भी शीथिलता आएगी। सामाजिक परिवेश में अशोभनीय घटना घटेगी। अक्तूबर से नवंबर तक स्थिति संकटदायक रहेगी। यात्राओं के दौरान अशुभ घटनाएं हो सकती हैं। श्री प्रणव मुखर्जी प्रणव मुखर्जी के कांधों पर इस वर्ष दायित्वों का बोझ बढ़ सकता है। केंद्रीय सत्ता पक्ष में भी उनका प्रभुत्व बढ़ेगा और अच्छा स्थान मिलेगा। किंतु जून से सितंबर तक का समय प्रतिकूल रहेगा। भूमि-भवन के विवाद से स्थिति बिगड़ेगी। श्री ज्योति वसु इस वर्ष संगठन की कमजोरी को लेकर बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री चिंतित रहेंगे। असामाजिक तत्वों से हानि की संभावना है। राजनीति में भूमिका यथावत रहेगी। श्री शरद पवार पार्टी का प्रभुत्व बढ़ाने में सफलता का योग नजर नहीं आता। पार्टी में आपसी लड़ाई के कारण एकता में कमी आएगी। दक्षिणी पश्चिमी क्षेत्र में प्रभुत्व बढ़ेगा। इस वर्ष अगस्त से अक्तूबर तक का समय उनके लिए अशुभ है, अतः इस दौरान उन्हें यथासंभव सावधान रहना चाहिए। श्री प्रवीण तोगड़िया राजनीतिक क्षेत्र में यह वर्ष विफलतादायक होगा। सामाजिक मामले में सफलता मिलेगी। मई से जुलाई के मध्य का समय अशुभ है, इसलिए इस दौरान उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। त्रिशूल दीक्षा के कार्यक्रम में गति आएगी। जन सेवा में अपनी पहचान बना सकेंगे। गुजरात, मध्यप्रदेश और आंध्र प्रदेश में उनकी लोकप्रियता बढ़ेगी, किंतु शत्रुओं का प्रभुत्व भी बढ़ेगा। डाॅ. मुरली मनोहर जोशी शनि के प्रभाव से पूर्व मानव संसाध विकास मंत्री मुरली मनोहर जोशी के लिए यह वर्ष चिंताजनक है। स्वास्थ्य प्रतिकूल हो सकता है। किंतु अगस्त से जुलाई के बीच प्रभुत्व में वृद्धि होगी। पूर्वोत्तर भारत का क्षेत्र उनके लिए शुभ रहेगा। श्री लालू प्रसाद यादव राजद सुप्रीमो के लिए यह वर्ष कष्टदायक सिद्ध हो सकता है। बृहस्पति, शनि, और बुध के कारण पारिवारिक संकट गहराएगा। राजनीति में स्थिति यथावत रहेगी। हवाई यात्रा के दौरान कोई अशुभ घटना घट सकती है, अतः इसके प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। शत्रु पक्ष के प्रति भी सावधान रहना चाहिए। श्री टी. एम. करुणानिधि करुणानिधि के लिए यह वर्ष स्वास्थ्य की दृष्टि से अशुभ है। इस वर्ष उन्हें मृत्यु तुल्य कष्ट हो सकता है। पार्टी के प्रचार-प्रसार के क्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं से धोखे की संभावना है। श्री रामविलास पासवान पूर्व मंत्री रामविलास पासवान के लिए यह वर्ष मिश्रित फलदायी रहेगा। कहीं सम्मान तो कहीं अपमान की संभावना है। आगामी 30 जून से 28 नवंबर तक का समय अशुभ है, अतः इस दौरान उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। यात्राएं होती रहेंगी। श्री पी. चिदंबरम केंद्रीय मंत्री पी.चिदंबरम के लिए यह वर्ष शनि की अशुभ स्थिति के कारण चिंताकारक है। जून से पद परिवर्तन का संकेत है। देश-विदेश की यात्राएं तो हांेगी, लेकिन स्वास्थ्य के प्रतिकूल होने की संभावना है। श्री शिवराज पाटिल क्षेत्र में प्रभुत्व बढ़ेगा किंतु केंद्र में संकट की स्थिति रहेगी। न्यायालय संबंधी विवाद का प्रकरण भी उजागर होगा। उन्हें वाहन स्वयं नहीं चलाना चाहिए। पार्टी के सदस्यों की सक्रियता पर खास जोर देना है। सुश्री उमा भारती उमा भारती के लिए यह वर्ष शुभ है। पार्टी में उनका पुनः स्वागत होगा। जून से सितंबर तक का समय हलचल भरा रहेगा। इस दौरान उन्हें किसी विशेष लाभ की प्राप्ति की संभावना है। उनके व्यक्तित्व और कार्यप्रणाली के बल पर पार्टी की गरिमा बढ़ेगी। बुध ग्रह के कारण कुछ शर्तों की प्रस्तुति से उन्हें लाभ भी मिलेगा। श्रीमती राबड़ी देवी बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री के लिए यह वर्ष मानसिक अशांति का सूचक है। पुराने रहस्यों के उजागर होने से विवादों में फंस सकती हैं। किंतु आगामी उपचुनाव में उनके विजयी होने की संभावना भी है। राजनीति में उनका प्रभाव पुनः बढ़ सकता है। अप्रैल से जुलाई तक का समय उनके लिए काफी उथल-पुथल वाला सिद्ध हो सकता है। इस दौरान उन्हें किसी संकट का सामना भी करना पड़ सकता है। श्रीमती शीला दीक्षित शीला दीक्षित के लिए शनि की अशुभ स्थिति के कारण शारीरिक कमजोरी का योग बनता है। किंतु यह वर्ष उनके लिए प्रगतिदायक सिद्ध होगा। जनता में लोकप्रियता बनी रहेगी। श्रीमती मेनका गांधी पूर्व मंत्री मेनका गांधी के लिए यह वर्ष सामान्य रहेगा, हालांकि कुछ विवाद की संभावना है। उनके कांधों पर नए दायित्व का बोझ बढ़ेगा। सामाजिक दायित्व भी बढ़ेंगे। जुलाई से अक्तूबर तक का समय संकट का संकेत देता है। क्षेत्रीय राजनीति में प्रभुत्व बढ़ेगा। श्रीमती सुषमा स्वराज इस वर्ष यात्राएं अधिक होंगी। पार्टी में अपमान का सामना करना पड़ सकता है। भितरघात की संभावना भी है। जून से अगस्त तक का समय स्वास्थ्य के लिए अशुभ है, अतः इस दौरान उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। दुर्घटना का योग भी है। डाॅ. कर्ण सिंह डाॅ. कर्ण सिंह को इस वर्ष विशेष यश की प्राप्ति होगी। वह अध्यात्म जगत की ओर अग्रसर होंगे। राज्य सभा तथा लोक सभा में भी मान-सम्मान बढ़ेगा। किंतु मंगल ग्रह अशुभ स्थिति के ककारण कुछ हानि की संभावना है। उन्हें स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। नेताओं, मंत्रियों आदि की भांति विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के ताने-बाने में भी इस वर्ष काफी उतार-चढ़ाव आने की संभावना है। नीचे देश की प्रमुख राजनीतिक पर्टियों के भविष्य का ज्योतिषीय विश्लेषण प्रस्तुत है। यू. पी. ए. गठबंधन इस वर्ष मंगल ग्रह के प्रभाववश में एकता बनी रहेगी। सामाजिक, राजनीतिक एवं प्रशासनिक स्तर पर गठबंधन सफल रहेगा। लेकिन जून से सितंबर के बीच गठबंधन के किसी विशिष्ट नेता के देहावसान या दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना है। विपक्ष के साथ-साथ् कुछ सहयोगी दल भी ज्योतिषीय भ्रामक स्थिति पैदा कर सकेते हैं। फिर भी गठबंधन के प्रति जनता का विश्वास बना रहेगा। बाल ठाकरे यद्यपि मंगल के कारण शिव सेना के अस्तित्व पर तो कोई आंच नहीं आएगी, किंतु कालसर्प योग के कारण उसकी छवि धूमिल होगी और उसके अंदर कलह बढ़ेगा। करणी सेना इस वर्ष इस क्षेत्रीय पार्टी का प्रभुत्व बढ़ेगा, किंतु नेतृत्व कमजोर होगा। आगामी अक्तूबर से फरवरी के बीच पार्टी में कुछ परिवर्तन की संभावना है। इस दौरान कार्यकर्ताओं में स्वार्थ की भावना बलवती होगी। संयुक्त मोर्चा शनि, केतु और राहु के प्रभाववश संयुक्त मोर्चा में इस वर्ष कुछ उथल-पुथल हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए मोर्चे के कार्यकर्ताओं को सावधानीपूर्वक करना चाहिए। मोर्चे में भितरघात की संभावना है। अकाली दल अकाली दल के लिए यह वर्ष अत्यंत शुभ है। केंद्र सरकार में इसका प्रभुत्व बरकरार रहेगा। राज्य सरकार में भी इसका हस्तक्षेप चलता रहेगा। पार्टी का नेतृत्व मजबूत होगा। बजरंग दल अकाली दल की भांति ही बजरंग दल के लिए भी यह वर्ष शुभ है। किंतु चंद्र, शुक्र, मंगल, राहु और केतु के कारण दल की महिला सदस्यों को हानि का योग है। जुलाई से दिसंबर तक का समय दल के लिए अशुभ सूचक है। झारखंड मुक्ति मोर्चा इस वर्ष इस मोर्चे की प्रगति में किसी विशेष वृद्धि की संभावना कम है। फिर क्षेत्र की अन्य पार्टियों को सहयोग प्रदान कर मोर्चा अपना प्रभुत्व बढ़ाने में सफल होगा। इस वर्ष 27 जून से अगस्त तक का समय प्रतिकूल है, इस दौरान किसी विशिष्ट नेता का निधन हो सकता है। इस तरह, ज्योतिषीय विश्लेषण से यह स्पष्ट हो जाता है कि यह वर्ष किसी राजनेता के लिए शुभ तो किसी के लिए अशुभ है। वहीं, कुछ पार्टियां उन्नति करेंगी तो कुछ अन्य को संघर्ष करना पड़ेगा।


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