ग्रह स्थिति एवं व्यापार

ग्रह स्थिति एवं व्यापार  

गोचर फल विचार मासारंभ में शनि व मंगल में परस्पर द्विद्र्वादश योग बनना और राहु व बुध का सिंह राशि से संबंध बनाना देश भर में व्यापारिक स्थायित्व में उतार-चढ़ाव को बढ़ावा देगा। इसका प्रभाव अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर भी रहेगा। इसके फलस्वरूप दैनिक उपयोगी वस्तुओं में कमी के कारण आम जनता को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इस मास में अनेक प्रदेशों में हिंसक घटनाआंे से जनता के मन में भय की स्थिति का माहौल बना रहेगा। राजनीतिक दलों में परस्पर आरोप-प्रत्यारोप अधिक रहेगा। प्रशासकीय माहौल गर्म रहेगा और उच्च स्तरीय व्यापारी वर्ग के लिए यह मास प्रतिकूल रहेगा। शुक्र का शनि के साथ वृश्चिक राशि में एक राशि संबंध बनाना पड़ोसी देशों के साथ तनावमय स्थिति बनाएगा और युद्धमय गतिविधियों को बढ़ावा देगा। इस मास में उत्तर दक्षिणी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ वर्षा और उत्तर पर्वतीय क्षेत्रों में हिमपात होगा। गोचर ग्रह परिवर्तन व नक्षत्र वेध मासारंभ में 1 अक्तूबर को बुध उफा. नक्षत्र में प्रवेश कर सर्वतोभद्रचक्र द्वारा रेवती नक्षत्र का वेध करेगा। 2 अक्तूबर को चंद्र दर्शन रविवार के दिन 30 मुहूर्ती में होगा। 3 अक्तूबर को बुध कन्या राशि में प्रवेश करेगा। 5 अक्तूबर को शुक्र विशाखा नक्षत्र में प्रवेश कर धनिष्ठा नक्षत्र का वेध करेगा। 7 अक्तूबर को राहु पू. फाके प्रथम चरण में और केतु शतभिषा के तृतीय चरण में प्रवेश करेगा और गुरु ग्रह उदय होगा। 8 अक्तूबर को मंगल पू. षा. नक्षत्र में प्रवेश कर आद्र्रा नक्षत्र का वेध करेगा। 9 अक्तूबर को बुध हस्त नक्षत्र में प्रवेश कर उ. भा. नक्षत्र का वेध करेगा। 10 अक्तूबर को सूर्य चित्रा नक्षत्र में प्रवेश कर पू. भा. नक्षत्र का वेध करेगा। 13 अक्तूबर को गुरु हस्त नक्षत्र के दूसरे चरण में प्रवेश करेगा तथा इसी दिन शुक्र वृश्चिक राशि में आकर शनि से राशि संबंध बनाएगा। 16 अक्तूबर को शुक्र अनुराधा नक्षत्र में प्रवेश कर अश्लेषा नक्षत्र का वेध करेगा। 17 अक्तूबर को सूर्य तुला राशि में प्रवेश करेगा तथा कार्तिक संक्रांति 30 मुहूर्ती में होगी। इसी दिन बुध चित्रा नक्षत्र में प्रवेश कर पू.भा. नक्षत्र का वेध करेगा। 21 अक्तूबर को बुध तुला राशि में प्रवेश करेगा। 23 अक्तूबर को सूर्य स्वाति नक्षत्र में आकर शतभिषा नक्षत्र का वेध करेगा। 25 अक्तूबर को बुध भी स्वाति नक्षत्र में आकर शतभिषा नक्षत्र का वेध करेगा। 27 अक्तूबर को मंगल उ. षा. नक्षत्र में आकर मृगशिरा नक्षत्र का वेध करेगा तथा शुक्र ज्येष्ठा नक्षत्र में आकर पुष्य नक्षत्र का वेध करेगा। 29 अक्तूबर को शनि ज्येष्ठा नक्षत्र के दूसरे चरण में और गुरु ग्रह हस्त नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश करेगा। सोना व चांदी मासारंभ मंे 1 अक्तूबर को सोने के बाजारों में तेजी व चांदी के बाजारों में मंदी का संकेत देता है। 2 अक्तूबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद मंदी का योग दर्शाता है। 3 अक्तूबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद चांदी में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 5 और 7 अक्तूबर को बाजारों में पूर्वरूख का ही रूझान बनाएगा। 8 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का दायक ही बनाएगा। 9 अक्तूबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव की स्थिति को बनाएगा। 10 अक्तूबर को बाजारों में तेजी की लहर को आगे चलाएगा। 13 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का रूख बरकरार रखेगा। 17 अक्तूबर को बाजारों में तेजी में वृद्धि ही लायेगा। 21 अक्तूबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव का माहौल बनाएगा। 23 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का रूझान ही बनाएगा। 25 अक्तूबर को बाजारों में मंदी का माहौल बनाएगा। 27 अक्तूबर को बाजारों में पुनः तेजी का दायक ही बनाएगा। 29 अक्तूबर को बाजारों में रूख तेजी की तरफ ही बनाएगा। गुड़ व खांड़ मासारंभ में 1 अक्तूबर को बाजारों में मंदी का रूझान ही बनाएगा। 2 अक्तूबर को गुड़ व खांड के बाजारों में मंदी का रूख बरकरार रखेगा। 3 अक्तूबर को बाजारों में बदलाव देकर तेजी की लहर को ही चलाएगा। 5 और 7 अक्तूबर को पूर्वरूख का ही माहौल बनाएगा। 8 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का योग दर्शाता है। 10 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 13 अक्तूबर को तेजी का माहौल ही बनाएगा। 16 अक्तूबर को बाजारों में मंदी का ही दायक बनाएगा। 17 अक्तूबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव का योग बनाएगा। 21 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का रूख बरकरार रखेगा। 23 अक्तूबर को गुड़ व खांड के बाजारों में तेजी का ही संकेत देता है। 25 अक्तूबर को बाजारों में पूर्वरूख के चलते उतार-चढ़ाव का ही दायक बनाएगा। 27 अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक तेजी का ही लहर चलाएगा। अनाजवान एवं दलहन मासारंभ में 1 अक्तूबर को जौ, चना, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजों तथा मूंग, मौठ, मसूर, अरहर इत्यादि दलहन के बाजारों में तेजी की तरफ संकेत देता है। 2 अक्तूबर को बाजारों में मंदी का योग दर्शाता है। 3 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का रूख बरकरार रखेगा। 5 अक्तूबर को बाजारों मंे मंदी का माहौल बनाएगा। 7 अक्तूबर को बाजारों में मंदी के बाद कुछ तेजी का रूझान बनाएगा। 8 अक्तूबर को पुनः मंदी का ही दायक बनाएगा। 9 अक्तूबर को पूर्वरूख ही बनाएगा। 10 अक्तूबर को बाजारों में कुछ तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 13 अक्तूबर को बाजारों में तेजी की लहर को चलाएगा। 17 अक्तूबर को बाजारों में तेजी ही लाएगा। 21 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का रूझान ही आगे बनाएगा। 23 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का माहौल ही बनाए रखेगा। 25 अक्तूबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद कुछ मंदी की स्थिति को ही बनाएगा। 27 अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक जौ, चना, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजांे तथा मूंग, मौठ, अरहर, चना, मसूर इत्यादि दालवानों में उतार-चढ़ाव के चलते तेजी की लहर ही चलाएगा। घी व तेलवान मासारंभ में 1 अक्तूबर को घी व तेलवानों के बाजारों में तेजी का माहौल ही बनाएगा। 2 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का ही संकेत बनाएगा। 3 अक्तूबर से 7 अक्तूबर तक बाजारों में मंदी का योग ही बनाएगा। 8 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का वातावरण ही दर्शाता है। 9 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का ही रूझान बनाएगा। 10 अक्तूबर को बाजारों में पूर्वरूख ही लाएगा। 13 अक्तूबर को बाजारों में विशेष उतार-चढ़ाव के चलते तेजी ही बनाएगा। 16 अक्तूबर को बाजारों में कुछ मंदी का ही रूझान बनाएगा। 17 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का ही दायक बनाएगा। 21 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का योग दर्शाता है। 23 अक्तूबर को बाजारों मंे तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 27 अक्तूबर को बाजारों में तेजी का ही माहौल बनाएगा। 28 अक्तूबर को बाजारों में मंदी का ही रूझान बनाएगा। 29 अक्तूबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद आगे तेजी के लहर को ही चलाएगा। उपर्युक्त फलादेश पूरी तरह ग्रह स्थिति पर आधारित है, पाठकों का बेहतर मार्ग दर्शन ही इसका मुख्य उद्देश्य है। इसके साथ-साथ संभावित कारणों पर भी ध्यान देना चाहिए जो बाजार को प्रभावित करते हैं। कृपया याद रखें कि व्यापारी की सट्टे की प्रवृत्ति और निर्णय लेने की शक्ति में कमी तथा भाग्यहीनता के कारण होने वाले नुकसान के लिए लेखक, संपादक एवं प्रकाशक जिम्मेदार नहीं हैं।


दीपावली विशेषांक  अकतूबर 2016

फ्यूचर समाचार के वर्तमान विशेषांक को विशेष रूप से मां लक्ष्मी को समर्पित किया गया है। प्रत्येक जन रातोंरात अमीर व सुख सुविधा वाली जिन्दगी की तमन्ना करता है लेकिन मां लक्ष्मी को प्रत्येक आदमी प्रसन्न नहीं कर पाता, लेकिन दीपावली के अवसर पर उनकी विधि विधान से पूजा करके आप मां लक्ष्मी को आकर्षिक कर सकते हैं। इस वर्तमान विशेषांक में मां लक्ष्मी के ऊपर कई अच्छे लेख सम्मिलित किये हैं। लक्ष्मी को आकर्षित करने के व प्रसन्न करने के टोटके आदि भी सम्मिलित किये गये हैं इनके अतिरिक्त स्थायी स्तम्भों में पूर्व की भांति ही ज्योतिष पर आधारित लेख भी शामिल हैं, जिनमंे से कुछ लेख इस प्रकार हैं: महाशक्तिदायिनी मां दुर्गा पूजा का ज्योतिषीय योग, पंचमहा दिवसात्मक महापर्व दीपावली, दीपावली पूजन विधि, लक्ष्मी प्राप्ति के स्वर्णिम सरल प्रयोग, धन प्राप्त करने के सरल टोटके, धन प्राप्त करने के अचूक उपाय, प्रसन्न करें राशि अनुसार लक्ष्मी जी को, श्रीविद्या साधना आदि।

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