ग्रह स्थिति एवं व्यापार

ग्रह स्थिति एवं व्यापार  

गोचर फल विचार मासारंभ में सिंह राशिस्थ बृहस्पति व राहु का राशि संबंध तथा इन पर शनि की दृष्टि का होना राजनैतिक और सांप्रदायिक समस्याओं में वृद्धि करेगा जिससे विरोध और टकराव की स्थितियां बनी रहेंगी। आम जनता के द्वारा सत्ता पक्ष का विरोध किया जाएगा। दैनिक उपयोगी वस्तुओं में भी महंगाई के कारण आम लोगों के लिए परेशानी बनी रहेगी। 12 जुलाई को शनि व मंगल का पुनः राशि संबंध बनना किसी प्राकृतिक प्रकोप, उपद्रव या अग्निकांड जैसी दुर्घटनाओं के कारण जन-धन हानि का योग बनायेगा। किसी नए रोग के कारण जनता में भय की स्थिति बनी रहेगी। विभिन्न प्रदेशों में परस्पर विरोधाभास बना रहेगा। यह योग सैन्य हलचल को बढ़ावा देकर सीमाओं पर प्रमुख घटना का संकेत देता है। इस मास में सामान्य वर्षा का योग बनेगा लेकिन कुछ राज्यों में सूखा और कहीं बाढ़ इत्यादि से कृषि के क्षेत्र में नुकसान होगा। गोचर ग्रह परिवर्तन व नक्षत्र वेध मासारंभ में 3 जुलाई को गुरु पू. फानक्षत्र के चतुर्थ चरण में प्रवेश कर सर्वतोभद्रचक्र में मूल नक्षत्र का वेध करेगा। 6 जुलाई को बुधवार के दिन चंद्र दर्शन 30 मुहूर्ती में होगा। इसी दिन बुध ग्रह भी पुनर्वसु नक्षत्र पर आकर मूल नक्षत्र का वेध करेगा। 7 जुलाई को शुक्र कर्क राशि में प्रवेश करेगा। 8 जुलाई को वक्री शनि ग्रह अनुराधा नक्षत्र में आकर अश्लेषा नक्षत्र का वेध करेगा। 9 जुलाई को शुक्र ग्रह उदय होगा। 10 जुलाई को शुक्र पुष्य नक्षत्र में आकर ज्येष्ठा नक्षत्र का वेध करेगा। 11 जुलाई को बुध कर्क राशि में आकर शुक्र के साथ राशि संबंध बनाएगा। 12 जुलाई को मंगल वृश्चिक राशि में पुनः प्रवेश कर शनि के साथ राशि संबंध बनाएगा। इसी दिन बुध भी पुष्य नक्षत्र पर आकर ज्येष्ठा नक्षत्र का वेध करेगा। 16 जुलाई को सूर्य कर्क राशि में आकर बुध व शुक्र के साथ राशि संबंध बनाएगा तथा आषाढ़ की संक्रांति 30 मुहूर्ती में होगी। 18 जुलाई को बुध पश्चिम में उदय होगा। 19 जुलाई को सूर्य पुष्य नक्षत्र में आकर ज्येष्ठा नक्षत्र का वेध करेगा। इसी दिन बुध अश्लेषा नक्षत्र पर आकर अनुराधा नक्षत्र का वेध करेगा। 20 जुलाई को शुक्र भी अश्लेषा नक्षत्र पर आकर अनुराधा नक्षत्र का वेध करेगा। 24 जुलाई को गुरु उ. फा. नक्षत्र में प्रवेश कर रेवती नक्षत्र का वेध करेगा। 26 जुलाई को मंगल अनुराधा नक्षत्र पर आकर अश्लेषा नक्षत्र का वेध करेगा। 27 जुलाई को बुध मघा नक्षत्र पर प्रवेश कर भरणी नक्षत्र का वेध करेगा। 31 जुलाई को शुक्र भी मघा नक्षत्र पर प्रवेश कर भरणी नक्षत्र का वेध करेगा। सोना व चांदी 3 जुलाई को सोने व चांदी के बाजारों में तेजी का रूख बनाएगा। 5 जुलाई को बाजारों में तेजी का योग दर्शाता है। 6 जुलाई को बाजारांे में मंदी के बाद पुनः तेजी की लहर को चलाएगा। 7 जुलाई को बाजारों में मंदी का माहौल बना देगा। 8 जुलाई को बाजारांे में पूर्वरूख की स्थिति ही बनाएगा। 9 जुलाई को बाजारों में पुनः तेजी का योग दर्शाता है। 10 जुलाई को बाजारों में उतार-चढ़ाव का वातावरण ही बनाएगा। 11 जुलाई को बाजारांे में मंदी का योग ही बनाएगा। 12 जुलाई को बाजारांे में तेजी की स्थिति बनाएगा। 16 जुलाई को बाजारों में तेजी का रूख बरकरार रखेगा। 18 जुलाई को बाजारांे में तेजी में वृद्धि करेगा। 19 जुलाई को बाजारांे में पूर्वरूख का माहौल बनाएगा। 20 जुलाई को बाजारांे में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनाएगा। 24 जुलाई को बाजारों में उतार-चढ़ाव ही दर्शाता है। 26 जुलाई को बाजारों में तेजी का रूझान ही बनाएगा। 27 जुलाई को बाजारों में तेजी का माहौल ही बनाएगा। 31 जुलाई को सोने के बाजारों में तेजी लेकिन चांदी के बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी का योग ही बनाता है। गुड़ व खांड़ मासारंभ में 3 जुलाई को बाजारांे में मंदी के बाद तेजी का वातावरण बनाएगा। 5 जुलाई को बाजारों में तेजी का योग दर्शाता है। 6 जुलाई को बाजारों में पूर्वरूख को बरकरार रखेगा। 7 जुलाई को बाजारों में मंदी का ही माहौल बनाएगा। 8 जुलाई को गुड व खांड़ के बाजारों में पूर्वरूख ही दर्शाता है। 10 जुलाई को बाजारांे में मंदी का रूख बनाएगा। 11 जुलाई को बाजारों में तेजी के बाद मंदी का रूझान बनाएगा। 12 जुलाई को बाजारों में तेजी की लहर को आगे चलाएगा। 16 जुलाई को बाजारांे में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 18 जुलाई को बाजारों में पूर्वरूख की स्थिति ही बनाएगा। 19 जुलाई को बाजारों में तेजी का योग दर्शाता है। 24 जुलाई को बाजारों में बदलाव देकर मंदी की तरफ रूख बरकरार रखेगा। 26 जुलाई को बाजारों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनाएगा। 31 जुलाई तक बाजारों में तेजी का माहौल ही बनाएगा। अनाजवान एवं दलहन मासारंभ में 3 जुलाई को गेहूं, जौ, चना, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजवानों तथा मूंग, मौठ, अरहर, मसूर इत्यादि दालवानों में तेजी का योग दर्शाता है। 5 जुलाई को बाजारों में तेजी ही बनाएगा। 7 जुलाई को बाजारों में बदलाव देकर मंदी का रूख ही बनाएगा। 8 जुलाई को बाजारों में पूर्वरूख ही दर्शाता है। 9 जुलाई को बाजारों में मंदी का माहौल ही बनाएगा। 11 जुलाई को बाजारों में तेजी की लहर को चलाएगा। 12 जुलाई को बाजारों में तेजी का ही रूझान बनाएगा। 16 जुलाई को बाजारों में मंदी की स्थिति को ही बनाएगा। 19 जुलाई को बाजारों में तेजी का माहौल बनाएगा। 20 जुलाई को बाजारों में उतार-चढ़ाव का रूख ही बनाएगा। 24 जुलाई को बाजारों में तेजी का योग दर्शाता है। 26 जुलाई और 27 जुलाई को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी का ही दायक बनाएगा। 31 जुलाई को गेहूं, जौ, चना, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजवानों व मूंग, अरहर, मौठ इत्यादि दालवानों के बाजारों में तेजी की लहर को चलाएगा। घी व तेलवान मासारंभ में घी व तेलवान के बाजारों में 3 जुलाई को मंदी का रूझान ही बनाएगा। 5 जुलाई को बाजारों में तेजी का रूख बरकरार रखेगा। 6 जुलाई को बाजारों में पूर्वरूख ही दर्शाता है। 9 जुलाई को बाजारों में तेजी का योग बनाएगा। 10 जुलाई को बाजारों में तेजी का वातावरण ही दर्शाता है। 11 जुलाई को बाजारों में पूर्वरूख का माहौल ही बनाएगा। 12 जुलाई को बाजारों में तेजी में वृद्धि का दायक ही बनाएगा। 16 जुलाई को बाजारों में तेजी का रूख बरकरार रखेगा। 8 और 19 जुलाई को बाजारों में पूर्वरूख को ही बरकरार रखने में सहायक होगा। 24 जुलाई को बाजारों में बदलाव देकर मंदी का रूझान ही दर्शाता है। 26 जुलाई से 31 जुलाई तक बाजारों में रूख उतार-चढ़ाव के साथ तेजी की तरफ ही दर्शाता है। नोट: उपर्युक्त फलादेश पूरी तरह ग्रह स्थिति पर आधारित है, पाठकों का बेहतर मार्ग दर्शन ही इसका मुख्य उद्देश्य है। इसके साथ-साथ संभावित कारणों पर भी ध्यान देना चाहिए जो बाजार को प्रभावित करते हैं। कृपया याद रखें कि व्यापारी की सट्टे की प्रवृत्ति और निर्णय लेने की शक्ति में कमी तथा भाग्यहीनता के कारण होने वाले नुकसान के लिए लेखक, संपादक एवं प्रकाशक जिम्मेदार नहीं हैं।

रत्न विशेषांक  जुलाई 2016

भूत, वर्तमान एवं भविष्य जानने की मनुष्य की उत्कण्ठा ने लोगों को सृष्टि के प्रारम्भ से ही आंदोलित किया है। जन्मकुण्डली के विश्लेषण के समय ज्योतिर्विद विभिन्न ग्रहों की स्थिति का आकलन करते हैं तथा वर्तमान दशा एवं गोचर के आधार पर यह निष्कर्ष निकालने का प्रयास करते हैं कि वर्तमान समय में कौन सा ग्रह ऐसा है जो अपने अशुभत्व के कारण सफलता में बाधाएं एवं समस्याएं उत्पन्न कर रहा है। ग्रहों के अशुभत्व के शमन के लिए तीन प्रकार की पद्धतियां- तंत्र, मंत्र एवं यंत्र विद्यमान हैं। प्रथम दो पद्धतियां आमजनों को थोड़ी मुश्किल प्रतीत होती हैं अतः वर्तमान समय में तीसरी पद्धति ही थोड़ी अधिक प्रचलित है। इसी तीसरी पद्धति के अन्तर्गत विभिन्न ग्रहों के रत्नों को धारण करना है। ये रत्न धारण करने के पश्चात् आश्चर्यजनक परिणाम देते हैं तथा मनुष्य को सुख, शान्ति एवं समृद्धि से ओत-प्रोत करते हैं। फ्यूचर समाचार के वर्तमान अंक में रत्नों से सम्बन्धित अनेक उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय आलेखों को सम्मिलित किया गया है जो रत्न से सम्बन्धित विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हैं।

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