ग्रह स्थिति एवं व्यापार

ग्रह स्थिति एवं व्यापार  

मासारंभ में सूर्य वृश्चिक राशि में, चंद्र कर्क राशि में, मंगल कन्या राशि में, बुध वृश्चिक राशि में, गुरु सिंह राशि में, शुक्र तुला राशि में, शनि वृश्चिक राशि में, यूरेनस मीन राशि में, नेप्च्यून कुंभ राशि में, प्लूटो धनु राशि में स्थित होंगे। गोचर फल विचार मासारंभ में सूर्य व शनि का वृश्चिक राशि से संबंध होना तथा कन्या राशि में मंगल व राहु का राशि संबंध होने के कारण देश में राजनैतिक उथल-पुथल और सुरक्षा को लेकर माहौल गर्माया रहेगा। कई राजनैतिक मुद्दे खुलकर सामने आएंगे और शुक्र का तुला राशि में होना उठाए गए मुद्दों का हल होना भी निश्चित बनाता है। मंगल व देव गुरु बृहस्पति के द्विद्र्वादश योग से सैन्य संगठनों को मजबूती मिलेगी। 16 दिसंबर को सूर्य का धनु राशि में आकर मंगल और बृहस्पति की दृष्टि में आना तथा शनि से द्विद्र्वादश योग में आना सांप्रदायिक मुद्दों को लेकर हिंसक घटनाओं से आम जनता में भय का माहौल पैदा करेगा। 23 दिसंबर को मंगल का तुला राशि में प्रवेश करना और 25 दिसंबर को शुक्र का वृश्चिक राशि में आना कई प्रांतों में दुर्भिक्ष की स्थिति बनाकर महंगाई को और अधिक बढ़ाएगा। आम जनता को कई परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इस मास में शीत लहर का प्रकोप बना रहेगा तथा मास के अंत में पर्वतीय क्षेत्रों में हिमपात और सामान्य वर्षा का योग बनता है। गोचर ग्रह परिवर्तन व नक्षत्र वेध मासारंभ में 3 दिसंबर को सूर्य ज्येष्ठा नक्षत्र पर आकर सर्वतोभद्रचक्र में पुष्य, अश्विनी व स्वाति नक्षत्रों का वेध करेगा। 5 दिसंबर को शुक्र स्वाति नक्षत्र में प्रवेश कर शतभिषा नक्षत्र को वेधेगा। 6 दिसंबर को बुध मूल नक्षत्र में आकर पुनर्वसु नक्षत्र का वेध करेगा। 11 दिसंबर को बुध पश्चिम में उदय होगा। 12 दिसंबर को मंगल ग्रह चित्रा नक्षत्र में आकर दक्षिण वेध से मृगशिरा नक्षत्र का वेध करेगा। 14 दिसंबर को बुध पू. षा. में आकर आद्र्रा नक्षत्र का वेध करेगा। 16 दिसंबर को सूर्य मूल नक्षत्र में आकर पुनर्वसु, रेवती व चित्रा नक्षत्रों का वेध करेगा तथा पौष संक्रांति 30 मुहूर्ती में होगी। 17 दिसंबर को शुक्र विशाखा नक्षत्र में आकर धनिष्ठा नक्षत्र का वेध करेगा तथा शनि वृश्चिक राशि में उदय होगा। 23 दिसंबर को मंगल तुला राशि में प्रवेश करेगा। 24 दिसंबर को बुध उ. षा. नक्षत्र में आकर मृगशिरा नक्षत्र का वेध करेगा तथा शनि वृश्चिक राशि में उदय होगा। 23 दिसंबर को मंगल तुला राशि में प्रवेश करेगा। 24 दिसंबर को बुध उ.षा. नक्षत्र में आकर मृगशिरा नक्षत्र का वेध करेगा। 25 दिसंबर को शुक्र वृश्चिक राशि में आकर शनि से राशि संबंध बनाएगा। 26 दिसंबर को बुध मकर राशि में प्रवेश करेगा। 28 दिसंबर को शुक्र अनुराधा नक्षत्र में आकर अश्लेषा नक्षत्र का वेध करेगा तथा इसी दिन शनि ज्येष्ठा नक्षत्र में आकर पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेगा। 29 दिसंबर को सूर्य पू. षा. नक्षत्र में आकर आद्र्रा, उ. भा., हस्त नक्षत्र का वेध करेगा। सोना व चांदी मासारंभ में 3 दिसंबर को बाजारों में तेजी का योग दर्शाता है। 5 दिसंबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद मंदी का माहौल बनाएगा। 6 दिसंबर को बाजारों में मंदी का रूख ही बनाएगा। 11 दिसंबर को बाजारों में आगे तेजी की लहर को ही चलाएगा। 12 दिसंबर को बाजारों में तेजी के रूख को ही बरकरार रखेगा। 14 दिसंबर को बाजारों में पुनः मंदी का वातावरण बनाएगा। 16 दिसंबर को बाजारों में पूर्वरूख को ही बनाएगा। 17 दिसंबर को बाजारांे में मंदी का माहौल बना देगा। 23 दिसंबर को बाजारों में पुनः कुछ तेजी का योग ही दर्शाता है। 24 दिसंबर को बाजारांे में मंदी का वातावरण बनाएगा। 25 दिसंबर को बाजारांे में मंदी का रूख ही बनाएगा। 26 दिसंबर को बाजारों में तेजी की लहर को चलाएगा। 28 दिसंबर को सोने व चांदी के बाजारों में पूर्वरूख को ही दर्शाता है। 29 दिसंबर को बाजारों मंे तेजी का योग ही आगे बनाएगा। गुड़ व खांड़ मासारंभ में 3 दिसंबर को गुड़ व खांड़ के बाजारों में तेजी का वातावरण बनाएगा। 5 दिसंबर को बाजारांे में मंदी का रूख ही बनाएगा। 6 दिसंबर को बाजारों में मंदी का योग दर्शाता है। 12 दिसंबर को बाजारों में तेजी की लहर को ही चलाएगा। 14 दिसंबर को बाजारांे में उतार-चढ़ाव की स्थिति को ही दर्शाएगा। 16 दिसंबर को बाजारों में पूर्व रूख ही बनाएगा। 17 दिसंबर को बाजारों में तेजी का माहौल ही बनाएगा। 23 दिसंबर को बाजारों में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 25 दिसंबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी का दायक ही बनाएगा। 26 दिसंबर को बाजारों में पूर्वरूख को ही दर्शाता है। 28 दिसंबर को बाजारों में तेजी का योग ही बनाएगा। 29 दिसंबर को बाजारों में आगे तेजी की लहर को ही आगे चलाएगा। अनाजवान एवं दलहन मासारंभ में जौ, चना, गेहूं, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजों तथा मूंग, मौठ, मसूर, अरहर इत्यादि दलहन के बाजारों में 3 दिसंबर तक तेजी का रूख ही बनाएगा। 5 दिसंबर को बाजारों में मंदी का माहौल बनाएगा। 6 दिसंबर को बाजारों में मंदी का माहौल बनाएगा। 6 दिसंबर को बाजारों में पूर्व रूख को ही दर्शाता है। 11 दिसंबर को बाजारों में कुछ तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 12 दिसंबर को बाजारों में तेजी की लहर को ही चलाएगा। 16 दिसंबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव की स्थिति को ही बनाएगा। 17 दिसंबर को बाजारों में विशेषतया उतार-चढ़ाव अधिक होने का दायक होगा। 23 दिसंबर को बाजारों में तेजी का योग ही दर्शाता है। 24 दिसंबर को बाजारों में पुनः मंदी का रूख ही बनाएगा। 25 दिसंबर को बाजारों में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 26 दिसंबर को बाजारों में तेजी का रूख ही बरकरार रखेगा। 29 दिसंबर को जौ, चना, गेहूं, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजों तथा मूंग, मौठ, मसूर, अरहर इत्यादि दलहन के बाजारों में आगे तेजी की लहर को ही चलाएगा। घी व तेलवान मासारंभ में 3 दिसंबर को बाजारों में तेजी का रूख ही बनाएगा। 5 दिसंबर को घी व तेलवान के बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद मंदी की तरफ रूख रहेगा। 6 दिसंबर को बाजारों में मंदी का माहौल बनाएगा। 11 दिसंबर को बाजारों में तेजी का वातावरण बनाएगा। 12 दिसंबर को बाजारों में पूर्वरूख ही बनाएगा। 14 दिसंबर को बाजारों में मंदी का दायक ही बनाएगा। 16 दिसंबर को बाजारों में तेजी का योग ही दर्शाता है। 17 दिसंबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद मंदी का रूख बनाएगा। 23 दिसंबर को बाजारों में पुनः तेजी की लहर को ही आगे चलाएगा। 25 दिसंबर को बाजारों में तेजी का रूख ही बना देगा। 26 दिसंबर को बाजारों में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 29 दिसंबर को आगे बाजारों में तेजी की लहर को ही बनाएगा। नोट: उपर्युक्त फलादेश पूरी तरह ग्रह स्थिति पर आधारित है, पाठकों का बेहतर मार्ग दर्शन ही इसका मुख्य उद्देश्य है। इसके साथ-साथ संभावित कारणों पर भी ध्यान देना चाहिए जो बाजार को प्रभावित करते हैं। कृपया याद रखें कि व्यापारी की सट्टे की प्रवृत्ति और निर्णय लेने की शक्ति में कमी तथा भाग्यहीनता के कारण होने वाले नुकसान के लिए लेखक, संपादक एवं प्रकाशक जिम्मेदार नहीं हैं।


वास्तु विशेषांक  दिसम्बर 2015

वास्तु संरचना का विज्ञान है जिसका उद्देश्य मनुुष्य की सुख समृद्धि है। हर संरचना चाहे वह घर हो अथवा दुकान अथवा फैक्ट्री अथवा कार्यालय, प्रत्येक संरचना के निर्माण में वास्तु नियमों का अनुपालन किया जाना आवश्यक है। यदि कोई भी संरचना वास्तु सम्मत नहीं हैं तो यह अनेक प्रकार की आर्थिक, स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं, दुःख, वैवाहिक जीवन में कठिनाई, पारिवारिक विवाद आदि को जन्म देता है। फ्यूचर समाचार के वास्तु सम्बन्धित इस विशेषांक में अनेक उल्लेखनीय आलेखों को समाविष्ट किया गया है जिसमें वास्तु के महत्वपूर्ण सिद्धान्तों का विश्लेषण सूक्ष्मता से किया गया है। इनमें से अति महत्वपूर्ण आलखों में शामिल हैं: नारद पुराण में वास्तुशास्त्र का सूक्ष्म वर्णन, वास्तु शास्त्र में पंच तत्व, भवन निर्माण में वास्तुशास्त्र का महत्व, वास्तु शास्त्र एक वैज्ञानिक पद्धति, वास्तु शास्त्र एवं धर्म, दिशा दोष दूर करने के वास्तु उपाय, फेंग शुई और वास्तु में अंतर और समानताएं, वास्तु एवं फेंग शुई के उपाय, मल्टीस्टोरी फ्लैट की वास्तुु की उपयोगिता एवं व्यवस्था, फ्लैट खरीदने में किन बातों का खयाल रखें आदि। इसके अतिरिक्त इस विशेषांक में सभी स्थाई स्तम्भों का समावेश भी पूर्व की भांति किया गया है जिसमें विविध आयामी आलेख सम्मिलित हैं।

सब्सक्राइब

अपने विचार व्यक्त करें

blog comments powered by Disqus
.