ग्रह स्थिति एवं व्यापार

ग्रह स्थिति एवं व्यापार  

गोचर फल विचार मासारंभ में सूर्य व शनि का द्विद्र्वादश योग में बने रहना और सिंहस्थ बृहस्पति का मंगल और शुक्र के साथ राशि संबंध होना तथा इन पर शनि की दृष्टि का भी होना विश्वस्तर पर अशांति का माहौल और राजनैतिक, साम्प्रदायिक मसलों पर विशेष चर्चा का माहौल बनायेगा। सŸाा में पक्ष विपक्ष एक दूसरे पर निशाना साधते दिखाई देंगे और इन सब के बावजूद आम जनता को प्राकृतिक आपदाओं का भी सामना करना पड़ेगा। 3 नवंबर को मंगल व शुक्र का कन्या राशि में आकर राहु के साथ राशि संबंध बना लेना उपरोक्त परिस्थितियों को बढ़ावा देगा। सैन्य सेवाओं में भी विशेषतया हलचल बढ़ायेगा और सीमाओं पर अशांतमय माहौल रह सकता है। वर्षा की कमी के कारण कृषि के क्षेत्र को यह योग विशेषतया प्रभावित करेगा। खाद्य पदार्थों की कमी के कारण मंहगाई में वृद्धि होने से आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनेगा। इस मास में पर्वतीय क्षेत्रों में हिमपात होने से उŸारी भारत शीत लहर से प्रभावित रहेगा। गोचर ग्रह परिवर्तन व नक्षत्र वेध मासारंभ में 2 नवंबर को बुध स्वाति नक्षत्र में आकर सूर्य के साथ नक्षत्र संबंध बनायेगा तथा सर्वतोभद्र चक्र मंडल में शतभिषा नक्षत्र का वेध करेगा। 3 नवंबर को मंगल व शुक्र कन्या राशि में आकर राहु से राशि संबंध बनाएंगे। 5 नवंबर को बृहस्पति पू.फा. के चतुर्थ चरण में प्रवेश करेगा। 6 नवंबर को सूर्य विशाखा नक्षत्र में आकर धनिष्ठा नक्षत्र का वेध करेगा। 10 नवंबर को बुध भी विशाखा नक्षत्र में आकर धनिष्ठा नक्षत्र का वेध करेगा। 12 नवंबर को शुक्र हस्त नक्षत्र में आकर उ. भा. नक्षत्र का वेध करेगा। 13 नवंबर को शनि ग्रह पश्चिम में अस्त होगा। 16 नवंबर को सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा तथा मार्गशीर्ष संक्रांति 45 मुहूर्ती में होगी। 17 नवंबर को बुध भी वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा। 19 नवंबर को मंगल हस्त नक्षत्र में आकर उ. भानक्षत्र का वेध करेगा तथा इसी दिन बुध अनुराधा नक्षत्र में आकर अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेगा। 24 नवंबर को शुक्र चित्रा नक्षत्र में प्रवेश कर पू.भानक्षत्र का वेध करेगा। 27 नवंबर को बुध ज्येष्ठा नक्षत्र में प्रवेश कर पुष्य नक्षत्र को वेधेगा तथा केतु पू.भा. के चतुर्थ चरण में आकर चित्रा नक्षत्र का वेध करता रहेगा तथा राहु उ.फाके दूसरे चरण में प्रवेश करेगा। 28 नवंबर को गुरु ग्रह उ.फा. नक्षत्र को वेधेगा। 29 नवंबर को शनि ग्रह अनुराधा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में प्रवेश करेगा। 30 नवंबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेगा। सोना व चांदी 2 नवंबर को सोना व चांदी के बाजारों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। 3 नवंबर को बाजारों में तेजी का रुख बरकरार रखेगा। 5 नवंबर को बाजारों में कुछ मंदी का योग ही बनाएगा। 6 नवंबर को चांदी के बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद पुनः तेजी का योग दर्शाता है। 10 नवंबर को बाजारों में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 12 नवंबर को बाजारों में तेजी की लहर को ही चलाएगा। 13 नवंबर को सोने के बाजारों में कुछ मंदी के बाद तेजी का रुख ही बनायेगा। 16 नवंबर को बाजारों में पूर्व स्थिति का माहौल बनाएगा। 17 नवंबर को बाजारों में तेजी का वातावरण बनाएगा। 20 नवंबर को बाजारों में तेजी की स्थिति को ही बनाएगा। 24 नवंबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी की लहर को ही चलाएगा। 27 नवंबर को बाजारों में पूर्व रुख ही बनाएगा। 28 नवंबर को बाजारों में तेजी ही बनाएगा। 29 नवंबर को बाजारों में तेजी का माहौल ही बनाएगा। 29 नवंबर को बाजारों में तेजी का माहौल ही बनाएगा। 30 नवंबर को चांदी के बाजारों में मंदी तथा सोने के बाजारों में तेजी की लहर ही आगे चलाएगा। गुड़ व खांड़ मासारंभ में 2 नवंबर को गुड़ व खांड़ के बाजारों में मंदी के बाद तेजी का वातावरण ही दर्शाता है। 3 नवंबर को बाजारों में तेजी का रुख बरकारार रखेगा। 5 नवंबर को बाजारों में तेजी का रुख ही बनाएगा। 6 नवंबर को बाजारों में पुनः तेजी का योग ही दर्शाता है। 10 नवंबर को बाजारों में विशेष उतार-चढ़ाव की स्थिति को ही बनाएगा। 12 नवंबर को भी पूर्वरुख को बरकरार रखेगा। 13 नवंबर को बाजारों में मंदी का माहौल ही बनाएगा। 16 नवंबर को गुड़ व खांड़ के बाजारों में तेजी की लहर को ही चलाएगा। 19 नवंबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद तेजी का रुख ही बनाएगा। 24 नवंबर को गुड़ व खांड़ के बाजारों में तेजी का दायक ही होगा। 27 नवंबर को बाजारों में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 28 नवंबर को भी बाजारों में तेजी का योग दर्शाता है। 29 नवंबर को भी बाजारों में मंदी के बाद तेजी का रुख ही बनाएगा। 30 नवंबर को बाजारों में तेजी का माहौल ही बनाएगा। अनाजवान व दलहन मासारंभ में 2 नवंबर को गेहूं, जौ, चना, ज्वार, बाजरा आदि अनाजवान तथा मूंग, मौंठ, मसूर, अरहर इत्यादि दलहन के बाजारों में मंदी के बाद तेजी का रुख बरकरार रखेगा। 3 नवंबर को बाजारों में तेजी का वातावरण ही बनाएगा। 5 नवंबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव की स्थिति को ही बनाएगा। 6 नवंबर को बाजारों में कुछ तेजी का योग ही दर्शाता है। 10 नवंबर को बाजारों में पूर्व का माहौल ही बनाएगा। 12 नवंबर को बाजारों में तेजी का योग ही दर्शाता है। 13 नवंबर को बाजारों में तेजी में वृद्धि का वातावरण बनाएगा। 16 नवंबर को बाजारों में मंदी के बाद पुनः तेजी की लहर को ही आगे चलाएगा। 17 नवंबर को बाजारों में तेजी का ही दायक होगा। 19 नवंबर को बाजारों में मंदी के बाद कुछ तेजी का रुख ही बनाएगा। 24 नवंबर को गेहूं, जौ, चना, ज्वार, बाजरा आदि अनाजवान तथा मूंग, मौंठ, मसूर अरहर इत्यादि दलहन के बाजारों में तेजी का योग ही बनाता है। 27 नवंबर को बाजारों में पूर्वरुख का वातावरण ही बनाएगा। 28 नवंबर से 30 नवंबर तक बाजारों में तेजी का रुझान ही रहेगा। घी व तेलवान मासारंभ में घी व तेलवान के बाजारों में 2 नवंबर से पहले मंदी के रुख के बाद तेजी का माहौल बना देगा। 3 नवंबर को बाजारों में कुछ मंदी का योग ही दर्शाता है। 5 नवंबर को बाजारों में कुछ मंदी का वातावरण ही लाएगा। 6 नवंबर को बाजारों में तेजी का रुख ही दर्शाता है। 12 नवंबर तक बाजारों में उतार-चढ़ाव के साथ कुछ तेजी का संकेत ही देता है। 13 नवंबर को बाजारों में तेजी का रुख बरकरार रखेगा। 16 नवंबर को बाजारों में तेजी का ही दायक बनाएगा। 17 नवंबर को घी व तेलवान के बाजारों में तेजी की स्थिति को ही लाएगा। 19 नवंबर को बाजारों में पूर्वरुख का योग ही दर्शाता है। 24 नवंबर को बाजारों में उतार-चढ़ाव का वातावरण ही बनाएगा। 27 नवंबर को बाजारों में तेजी का माहौल ही बनाएगा। 29 व 30 नवंबर को बाजारों में तेजी की लहर को आगे चलाएगा। नोट: उपर्युक्त फलादेश पूरी तरह ग्रह स्थिति पर आधारित है, पाठकों का बेहतर मार्ग दर्शन ही इसका मुख्य उद्देश्य है। इसके साथ-साथ संभावित कारणों पर भी ध्यान देना चाहिए जो बाजार को प्रभावित करते हैं। कृपया याद रखें कि व्यापारी की सट्टे की प्रवृत्ति और निर्णय लेने की शक्ति में कमी तथा भाग्यहीनता के कारण होने वाले नुकसान के लिए लेखक, संपादक एवं प्रकाशक जिम्मेदार नहीं हैं।

लक्ष्मी विशेषांक  नवेम्बर 2015

देवी लक्ष्मी को हर प्रकार का धन एवं समृद्धि प्रदायक माना जाता है। आधुनिक विश्व में सबकी इच्छा आरामदेह एवं विलासितापूर्ण जीवन जीने की होती है। प्रत्येक व्यक्ति कम से कम मेहनत में अधिक से अधिक धन कमाने की अभिलाषा रखता है इसके लिए देवी लक्ष्मी की कृपा एवं इनका आशीर्वाद आवश्यक है। दीपावली ऐसा त्यौहार है जिसमें देवी लक्ष्मी की पूजा अनेक तरीकों से इन्हें खुश करने के उद्देश्य से की जाती है ताकि इनका आशीर्वाद प्राप्त किया जा सके। फ्यूचर समाचार के वर्तमान अंक में प्रबुद्ध लेखकों ने अपने सारगर्भित लेखों के द्वारा देवी लक्ष्मी को खुश करने के अलग अलग उपाय बताए हैं जिससे कि देवी उनके घर में धन-धान्य की वर्षा कर सकें, अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करें तथा पदोन्नति दें। बहुआयामी महत्वपूर्ण लेखों में सम्मिलित हैं: पंच पर्व दीपावली, लक्ष्मी प्राप्ति के अचूक एवं अखंड उपाय, दोष तंत्र- निरंजनी कल्प, लक्ष्मी को खुश करने के उपाय, दीपावली पर धन प्राप्त करने के अचूक उपाय, श्री वैभव समृद्धिदायिनी महालक्ष्मी अर्चना योग, क्यों नहीं रुकती मां लक्ष्मी, लक्ष्मी प्राप्ति के लिए विभिन्न प्रयोग, दीपावली के 21 उपाय एवं 21 चमत्कार आदि। इसके अतिक्ति कुछ स्थायी काॅलम के लेख भी उपलब्ध कराए गये हैं।

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