ग्रह स्थिति एवं व्यापार

ग्रह स्थिति एवं व्यापार  

गोचर ग्रह परिवर्तन: इस मास ग्रहों का राशि परिवर्तन इस प्रकार होगा। सूर्य 14 जनवरी को शाम के 6 बजकर 06 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेगा। मंगल 8 जनवरी की रात को 8 बजकर 10 मिनट पर धनु राशि में प्रवेश करेगा। बुध 11 जनवरी को प्रातः 00 बजकर 02 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेगा और 27 जनवरी को प्रातः 1 बजकर 54 मिनट पर उदित होगा। 29 जनवरी को शाम के 6 बजकर 13 मिनट पर कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएगा। शुक्र 23 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 44 मिनट पर कुंभ राशि में प्रवेश करेगा। शनि 10 जनवरी को शाम 6 बज कर 10 मिनट पर वक्री गति से चलता हुआ पुनः कर्क राशि में प्रवेश कर जाएगा। शेष ग्रह राहु, केतु, नेप्च्यून और प्लूटो की स्थिति पूर्ववत ही रहेगी। गोचर फल विचार: मासारंभ वाले दिन अर्थात 1 जनवरी को सोमवार है और इस मास में पांच सोमवार आएंगे। यह स्थिति अति उत्तम है। देश में धन धान्य की वृद्धि होगी और चारों तरफ सुख-शांति तथा समृद्धि का वातावरण रहेगा। तथा राजनेताओं तथा जनता में आपस में सहयोग की उत्पन्न होगी। नवीन उन्नति कारक और समृद्धिदायक योजनाओं को गति मिलेगी। ‘‘सोमस्य पंचवारा यत्र मासे भवतिहि। धन-धान्य समृद्धि स्यात सुखं भवति सदा।’’ लेकिन साथ ही पांच मंगलवारों का भी आना उपर्युक्त फलों में कुछ कमी ला सकता है। 8 जनवरी को मंगल के धनु में तथा 10 जनवरी को शनि के कर्क में आने पर, मंगल व शनि का षडाष्टक योग बनेगा जिससे राजनेताओं में चल रहा विवादों को और बढ़ेंगे। 14 जनवरी को सूर्य, बुध व शुक्र से शनि का समसप्तक योग है जो धार्मिक एवं सांप्रदायिक तनावपूर्ण मुद्दों को और अधिक उछालेगा। देश के शासकों को इनसे निपटने के लिए बड़ी होशियारी एवं सूझबूझ से काम लेना होगा। कहीं यान दुर्घटना आदि से भी जन-धन की हानि हो सकती है। शनि ग्रह के वक्री गति में रहने तथा मंगल से षडाष्टक योग में बने रहने के फलस्वरूप पड़ोसी देशों से चल रहे शांतिमय प्रयासों को ठेस पहुंचेगी। 23 जनवरी को शुक्र से शनि का भी षडाष्टक योग बनेगा। यह योग किसी अभिनेता के लिए हानिकारक हो सकता है। सोना चांदी: मासारंभ में 1 जनवरी को बुध का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर आद्र्रा नक्षत्र को वेध में लेना सोने व चांदी में मंदे का कारक है। 7 जनवरी को शुक्र का श्रवण नक्षत्र में प्रवेश कर कृत्तिका नक्षत्र को वेधना भी बाजार में चल रही मंदे की लहर को और आगे बढ़ा सकता है। 8 जनवरी को मंगल का मूला नक्षत्र में पुनर्वसु नक्षत्र को वेधने लगना और शनि से नवपंचम योग बनाना बाजार के रुख में कुछ बदलाव लाकर तेजी का माहौल बनाएगा। लेकिन 9 जनवरी को बुध का उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में आकर मृगशिरा नक्षत्र को वेधना चांदी में पुनः मंदे का सूचक है। 10 जनवरी को शनि वक्री गति से अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश कर धनिष्ठा नक्षत्र और गुरु ग्रह को वेधेगा और मंगल से षडाष्टक योग में भी आएगा। यह योग बाजार में चल रहे मंदे के माहौल को पुनः तेजी की लहर में ले जा सकता है। 11 जनवरी को बुध मकर राशि में प्रवेश कर शुक्र के साथ राशि संबंध बनाएगा जो चांदी में तेजी का ही कारक है। इसी दिन सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में आकर मृगशिरा नक्षत्र को वेधेगा। इसके फलस्वरूप सोने में कुछ तेजी आ सकती है। 13 जनवरी को गुरु ज्येष्ठा नक्षत्र में प्रवेश कर पुष्य नक्षत्र को वेधेगा। इससे सोने व चांदी में मंदे का वातावरण उत्पन्न होगा। 14 जनवरी को सूर्य का मकर राशि में प्रवेश कर बुध व शुक्र से राशि संबंध बनाना बाजार में मंदे की लहर को आगे ले जा सकता है। 17 जनवरी को बुध का श्रवण नक्षत्र में आकर कृत्तिका नक्षत्र को वेधना भी सोने में मंदे का सूचक है। इसी दिन शुक्र का धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश कर विशाखा नक्षत्र को वेधना चांदी में मंदे का संकेत देता है। 20 जनवरी शनिवार को चंद्र दर्शन बाजार में तेजी का सूचक है। 23 जनवरी को शुक्र कुंभ राशि में प्रवेश कर राहु के साथ राशि संबंध बनाएगा। यह योग चांदी को तेजी की ओर ले जाएगा। 24 जनवरी को सूर्य का श्रवण नक्षत्र में प्रवेश कर कृत्तिका, मघा व धनिष्ठा नक्षत्रों को वेधना बाजार में तेजी का सूचक है। 25 जनवरी को बुध का धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश कर विशाखा को वेधना बाजार में मंदे का माहौल बनाएगा। 26 जनवरी को मंगल का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर आद्र्रा को वेधने लगना बाजार में तेजी का योग बनाएगा। 28 जनवरी को शुक्र का शतभिषा में प्रवेश कर स्वाति नक्षत्र को वेधना भी तेजी ही दर्शाता है। 29 जनवरी को बुध का कुंभ राशि में प्रवेश कर शुक्र व राहु के साथ संबंध बनाना भी बाजार में तेजी का ही सूचक है। गुड़ व खांड: मासारंभ में बुध का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर आद्र्रा नक्षत्र को वेधने लगेगा। यह योग खांड में मंदा ही दर्शाता है। 7 जनवरी को शुक्र का श्रवण नक्षत्र में आकर कृत्तिका नक्षत्र को वेधना खांड में मंदे की लहर को आगे बढ़ाता है। 8 जनवरी को मंगल का सूर्य और बुध के साथ धनु राशि में संबंध बनाना गुड़ में मंदे का सूचक है। 9 जनवरी को बुध का उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश कर मृगशिरा नक्षत्र को वेधना भी खांड में मंदे का सूचक है। 10 जनवरी को वक्री गति से शनि का पुनः अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश कर धनिष्ठा नक्षत्र को वेधना गुड़ में कुछ तेजी का योग बनाएगा। शनि पर गुरु की दृष्टि खांड को पूर्ववत ही रखेगी। 11 जनवरी को बुध का मकर राशि में आकर शुक्र के साथ राशि संबंध बनाना गुड़ में तेजी का सूचक है। इसी दिन सूर्य का उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में आकर मृगशिरा नक्षत्र को वेधने लगना भी खांड में तेजी बनाए रखेगा। 13 जनवरी को गुरु का ज्येष्ठा नक्षत्र में आकर पुष्य नक्षत्र को वेधना बाजारों में तेजी का सूचक है। 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर बुध व शुक्र के साथ राशि संबंध बनाएगा। यह योग बाजार में तेजी ही दर्शाता है। 17 जनवरी को बुध का श्रवण नक्षत्र में प्रवेश कर कृत्तिका नक्षत्र को वेधना गुड़ में तेजी का तथा इसी दिन शुक्र का धनिष्ठा नक्षत्र में आकर विशाखा नक्षत्र को वेधना खांड में भी तेजी का सूचक है। 20 जनवरी शनिवार को चंद्र दर्शन बाजार में तेजी का सूचक है। 23 जनवरी को शुक्र का कुंभ राशि में आकर राहु के साथ राशि संबंध बनाना खांड में तेजी की लहर को आगे बढ़ाएगा। 24 जनवरी को सूर्य का श्रवण नक्षत्र में आकर मघा, कृत्तिका व धनिष्ठा नक्षत्र को वेधना भी गुड़ व खांड में तेजी ही बनाए रखेगा। 25 जनवरी को बुध का धनिष्ठा में प्रवेश कर विशाखा नक्षत्र को वेधना खांड को मंदे में रखेगा। 26 जनवरी को बुध का उदय होना तथा इसी दिन मंगल का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर आद्र्रा नक्षत्र को वेधना बाजारों में तेजी ही दर्शाता है। 28 जनवरी को शुक्र का शतभिषा में आकर स्वाती को वेधना भी बाजार की तेजी को बनाए रखेगा। 29 जनवरी को बुध का कुंभ राशि में प्रवेश कर शुक्र व राहु के साथ राशि संबंध बनाना बाजार की तेजी की लहर को और आगे ले जाएगा। अनाज तथा दालवान: मासारंभ में 1 जनवरी को बुध का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश कर आद्र्रा नक्षत्र को वेधना गेहूं, जौ, चना इत्यादि अनाजों के बाजार में मंदे का वातावरण बनाए रखेगा। 7 जनवरी को शुक्र का श्रवण नक्षत्र में प्रवेश कर कृत्तिका नक्षत्र को वेधने लगना मूंग मौठ, उड़द, अरहर इत्यादि दालवान तथा गेहूं, जौ चना इत्यादि अनाजों में मंदे का सूचक है। 8 जनवरी को मंगल का मूला नक्षत्र में प्रवेश कर पुनर्वसु नक्षत्र को वेधना बाजारों में अपना तेजी लाएगा। सूर्य व बुध के साथ राशि संबंध बनाना भी तेजी का ही सूचक है। 9 जनवरी को बुध का उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में आकर मृगशिरा नक्षत्र को वेधना मूंग, मौठ इत्यादि दालों में मंदे का सूचक है। 10 जनवरी को वक्री गति के शनि का पुनः अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश कर अनुराधा नक्षत्र को वेधना बाजारों में बदलाव ला सकता है। 11 जनवरी को सूर्य का उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में आकर मृगशिरा नक्षत्र को वेधना बाजारों में तेजी का संकेत देता है। इसी दिन बुध का मकर राशि में आकर सूर्य के साथ राशि संबंध भी बाजारों में तेजी का सूचक है। 13 जनवरी को गुरु ग्रह का ज्येष्ठा नक्षत्र में प्रवेश कर पुष्य नक्षत्र को वेधना दालवान में मंदे का माहौल उत्पन्न करेगा। 14 जनवरी को सूर्य का मकर राशि में प्रवेश कर बुध व शुक्र के साथ राशि संबंध बनाना भी बाजारों में मंदे की लहर को बनाए रखेगा। 17 जनवरी को बुध का श्रवण नक्षत्र में प्रवेश होना व कृत्तिका नक्षत्र को वेधना दालवानों में पुनः मंदे का योग बनाएगा। इसी दिन शुक्र का धनिष्ठा में आकर विशाखा को वेधना अनाजवान में तेजी दर्शा रहा है। 23 जनवरी को शुक्र का कुंभ राशि में आकर राहु के साथ संबंध अनाजों की तेजी को बढ़ाएगा। 24 जनवरी को सूर्य का श्रवण नक्षत्र में आकर कृत्तिका नक्षत्र को वेधना भी अनाजों की तेजी में वृद्धि करेगा। 26 जनवरी को मंगल का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आकर आद्र्रा को वेधना अनाजों को पुनः मंदे की ओर ले जाएगा। इसी दिन बुध का उदय होना भी बाजार में मंदे का कारक है। 28 जनवरी को शुक्र का शतभिषा नक्षत्र में आकर स्वाति नक्षत्र को वेधने लगना अनाजों में तेजी ही दर्शाता है। लेकिन दालवान में मंदे का माहौल उत्पन्न कर सकता है। 29 जनवरी को बुध का कुंभ राशि में प्रवेश कर शुक्र व राहु के साथ राशि संबंध बाजार में उतार-चढ़ाव अधिक रखेगा। अतः व्यापारी वर्ग बाजार की वर्तमान स्थिति को विशेष रूप से ध्यान में रखें। तेलवान व घी: मासारंभ में 1 जनवरी को बुध का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश कर आद्र्रा नक्षत्र को वेधना तेलवान में तेजी का सूचक है। 7 जनवरी को शुक्र का श्रवण नक्षत्र में प्रवेश कर कृत्तिका नक्षत्र को वेधना घी में मंदे का रुख बनाएगा। लेकिन तेलवान को तेजी की तरफ ही ले जाएगा। 8 जनवरी को मंगल का मूला नक्षत्र में प्रवेश कर पुनर्वसु नक्षत्र को वेधने लगना घी में पुनः तेजी का माहौल पैदा करेगा। तेल के बाजार में भी तेजी बनाए रखेगा। 9 जनवरी को बुध का उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में आकर मृगशिरा नक्षत्र को वेधने लगना घी को पुनः मंदे की ओर ले जाएगा। 10 जनवरी को शनि का वक्री गति से अश्लेषा नक्षत्र में पुनः प्रवेश कर अनुराधा नक्षत्र को वेधने लगना तेलों में तेजी का सूचक है। 11 जनवरी को सूर्य का उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश कर मृगशिरा नक्षत्र को वेधना तेलों की तेजी को और बढ़ाएगा। इसी दिन बुध का मकर राशि में प्रवेश कर शुक्र के साथ राशि संबंध बनाना घी में भी तेजी का कारक बनेगा। 13 जनवरी को गुरु का ज्येष्ठा नक्षत्र में प्रवेश कर पुष्य नक्षत्र को वेधना घी में मंदा ला सकता है। 14 जनवरी को सूर्य का मकर राशि में प्रवेश कर बुध व शुक्र के साथ राशि संबंध बनाना तेलों की तेजी को और बढ़ाएगा। तथा घी मंे भी तेजी बनाए रखेगा। 17 जनवरी को बुध का श्रवण नक्षत्र में प्रवेश कर कृत्तिका नक्षत्र को वेधना तेलों के तेजी को बढ़ाएगा। इसी दिन शुक्र का धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश कर विशाखा नक्षत्र को वेधना घी को तेजी की तरफ ले जाएगा। 23 जनवरी को शुक्र का कुंभ राशि में प्रवेश कर राहु के साथ राशि संबंध बनाना घी में तेजी का सूचक है। 24 जनवरी को सूर्य का श्रवण नक्षत्र में प्रवेश कर कृत्तिका को वेधने लगना भी बाजारों के पूर्व रूख को बनाए रखेगा। 25 जनवरी को बुध का धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश कर विशाखा नक्षत्र को वेधने लगना घी में कुछ मंदा लाएगा। 26 जनवरी को मंगल को पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश कर आद्र्रा नक्षत्र को वेधना घी व तेलों में तेजी का ही कारक है। इसी दिन बुध का उदय होना भी बाजार में तेजी का सूचक है। 29 जनवरी को बुध का कुंभ राशि में प्रवेश कर शुक्र व राहु के साथ राशि संबंध बनाना घी में मंदे का किंतु तेलों में तेजी का कारक है।


प्रेम और विवाह विशेषांक  जनवरी 2007

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