महानायक की दुर्घटना

महानायक की दुर्घटना  

पंच पक्षी शास्त्र एक ऐसी विधा है जिसके माध्यम से शुभ एवं अशुभ समय का चयन करके एक तरफ तो सफलता की मंजिल हासिल की जा सकती है तो दूसरी ओर बुरे समय में थोड़ी सावधानी बरत कर असफलता से बचा जा सकता है अथवा आसन्न खतरों को टाला जा सकता है। पंचपक्षी के इस अंक के लेख में हम चर्चा कर रहे हैं इस सदी के महानायक अर्थात अमिताभ बच्चन के साथ कुली फिल्म की शूटिंग के दौरान घटी दुर्घटना के विषय में। हम पंच पक्षी शास्त्र के माध्यम से यह समझने की कोशिश करेंगे कि उनके साथ उस समय दुर्घटना क्यों हुई। सर्वविदित है कि 26 जुलाई 1982 को मनमोहन देसाई द्वारा निर्देशित फिल्म कुली की शूटिंग के दौरान एक फाइटिंग सिक्वेंस को फिल्माते वक्त सह कलाकार पुनीत इस्सर के द्वारा गलती से इन्हें इतना गंभीर चोट लगा कि एक बार को इनके चाहने वालों को ऐसा महसूस हुआ कि महानायक शायद अब दुबारा उनके बीच नहीं लौटेंगे। कुछ दिनों तक अस्पताल में ये जीवन-मृत्यु के बीच जूझते रहे तथा कई बार ऐसा लगा कि शायद ये दुबारा नहीं उठ पाएंगे। इन्होंने स्वयं भी कई बार यह स्वीकार किया है कि इस हादसे से उबरना इनके लिए दूसरा जन्म है। इन्होंने ऐसा भी कहा कि कुछ सेकेंड के लिए वाकई ये क्लीनिकली डेड थे। पूरे देश में लोगों ने इनके लिए शोक मनाना तथा पूजा-पाठ करना प्रारंभ कर दिया तथा इनके अस्पताल के निकट तो हमेशा लोगों का तांता लगा ही रहता था। लोगों के पूजा-पाठ ने रंग दिखाया तथा कुछ दिनों के उपरांत आश्चर्यजनक रूप से ये ठीक होने लगे। आइये हम यह देखने की कोशिश करते हैं कि उस समय इनके साथ ऐसी दुर्घटना क्यों हुई। अमिताभ बच्चन का जन्म 11 अक्तूबर 1942 को 16 बजे इलाहाबाद में हुआ था। इस दिन शुक्ल पक्ष रविवार था। इनका जन्म नक्षत्र स्वाति है। अतः पंचपक्षी शास्त्र के अनुसार इनका जन्मपक्षी कौआ है। पंचपक्षी में प्रत्येक दिन अच्छे-बुरे समय के अतिरिक्त उस दिन के शुभ एवं अशुभ रंग तथा शुभ-अशुभ दिशाएं भी अपना महत्व रखती हैं। जन्मपक्षी की सबसे निम्न गतिविधि मरना है। अनुभव में ऐसा देखा गया है कि जब कभी भी किसी प्रकार की अशुभ घटना घटती है तो उस समय जन्म पक्षी मरना गतिविधि या उप गतिविधि में अवश्य संलग्न होता है। अमिताभ बच्चन की दुर्घटना संभवतः 26 जुलाई 1982 को करीब 1ः30 से 2 बजे के बीच हुई। उस दिन का इनका पूरा चार्ट निम्न प्रकार से हैः दिन के समय मरना गतिविधि में संलग्न पक्षी - कौआ। शुभ रंग - सफेद, अशुभ रंग - लाल समय पक्षी गतिविधि 06ः07 -08ः38 कौआ घूमना 08ः38 -11ः09 कौआ शासन करना 11ः09 -13ः41 कौआ सोना 13ः41 -16ः12 कौआ मरना 16ः12 -18ः44 कौआ खाना 13ः41 -16ः12 कौआ मरना इस दिन इनका जन्म पक्षी दुर्घटना के समय अपने सबसे निम्न गतिविधि में संलग्न था तथा जिस समय दुर्घटना हुई उस समय इनके जन्मपक्षी की उपगतिविधि मरने की थी। अतः यह काल मरना में मरना था। यदि हम उस दिन के इनके शुभ-अशुभ रंगों का विचार करें तो इनके लिए सर्वाधिक अशुभ रंग लाल था। इस फिल्म में इन्होंने कुली की भूमिका निभाई थी अतः शूटिंग के दौरान इन्होंने लाल रंग का कुली का वस्त्र धारण किया हुआ था। अतः इस दृष्टिकोण से भी यह उपयुक्त समय नहीं था। पंचपक्षी शास्त्र के अनुसार जिस दिन अपने जन्मपक्षी का प्रबल रंग हो वही धारण करना चाहिए अथवा अपने जन्मपक्षी के मित्र पक्षी के उस दिन के बलशाली रंगानुरूप वस्त्र धारण करना चाहिए। अपने जन्मपक्षी के अनुसार उस दिन के सर्वाधिक अशुभ रंगों के प्रयोग से बचना चाहिए।


लक्ष्मी विशेषांक  नवेम्बर 2015

देवी लक्ष्मी को हर प्रकार का धन एवं समृद्धि प्रदायक माना जाता है। आधुनिक विश्व में सबकी इच्छा आरामदेह एवं विलासितापूर्ण जीवन जीने की होती है। प्रत्येक व्यक्ति कम से कम मेहनत में अधिक से अधिक धन कमाने की अभिलाषा रखता है इसके लिए देवी लक्ष्मी की कृपा एवं इनका आशीर्वाद आवश्यक है। दीपावली ऐसा त्यौहार है जिसमें देवी लक्ष्मी की पूजा अनेक तरीकों से इन्हें खुश करने के उद्देश्य से की जाती है ताकि इनका आशीर्वाद प्राप्त किया जा सके। फ्यूचर समाचार के वर्तमान अंक में प्रबुद्ध लेखकों ने अपने सारगर्भित लेखों के द्वारा देवी लक्ष्मी को खुश करने के अलग अलग उपाय बताए हैं जिससे कि देवी उनके घर में धन-धान्य की वर्षा कर सकें, अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करें तथा पदोन्नति दें। बहुआयामी महत्वपूर्ण लेखों में सम्मिलित हैं: पंच पर्व दीपावली, लक्ष्मी प्राप्ति के अचूक एवं अखंड उपाय, दोष तंत्र- निरंजनी कल्प, लक्ष्मी को खुश करने के उपाय, दीपावली पर धन प्राप्त करने के अचूक उपाय, श्री वैभव समृद्धिदायिनी महालक्ष्मी अर्चना योग, क्यों नहीं रुकती मां लक्ष्मी, लक्ष्मी प्राप्ति के लिए विभिन्न प्रयोग, दीपावली के 21 उपाय एवं 21 चमत्कार आदि। इसके अतिक्ति कुछ स्थायी काॅलम के लेख भी उपलब्ध कराए गये हैं।

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