बीमारी व् मुकदमेबाजी का क्या कारण था

बीमारी व् मुकदमेबाजी का क्या कारण था  

बीमारी व मुकदमेबाजी का क्या कारण था? पं. गोपाल शर्मा ;बी. ई.द्ध तीन माह पूर्व अहमदाबाद में प्रवीण भाई के घर का निरीक्षण किया गया। प्रवीण भाई का कहना था कि जब से यह घर लिया है तब से आर्थिक समस्याएं, घर में बीमारी और मुकदमेबाजी होने लगी है। निरीक्षण करते समय कई महत्वपूर्ण वास्तु दोष पाए गए। उनके घर का ब्रह्म स्थान नीचा था जो एक भयंकर वास्तु दोष है। ब्रह्म स्थान की तरफ ही सीढ़ियां भी थीं जिससे उनके घर का सुख चैन खो चुका था और कई बीमारियां ने पूरे परिवार को ग्रस रख था। यही नहीं घर का उत्तर पूर्व ऊंचा था जिसके फलस्वरूप उनके हर काम में बाधा आती थी। इस तरह उनकी जिंदगी काफी कष्टदायक हो गई। उनके दक्षिण पश्चिम में बोरिंग थी जो एक और गंभीर वास्तु दोष था। यह गंभीर बीमारियों का कारण होता है। कभी-कभी ग्रह दशा प्रतिकूल रहने से पुरुष वर्ग के लिए अत्यन्त घातक भी सिद्ध होता है। परिवार में विरोध, आत्महत्या, धन-हानि इत्यादि हो सकते हंै। प्रत्येक व्यक्ति की प्रगति रुक गई। सरकारी कार्यवाही होने लगी। उनके रसोईघर के पीछे का दरवाजा भी दक्षिण-पश्चिम मंे था जिसके कारण घर में नौकर नहीं टिकते थे। घर में खर्चे अत्यधिक बढ़ गए। घर का उत्तर पश्चिम का कोना भी बढ़ा हुआ था। फलतः घर की तरक्की के रास्ते अवरूद्ध हो गए और घर में तनाव व लड़ाई झगड़े अत्यधिक होने लगे। सबसे पहले ब्रह्म स्थान को ऊंचा करवाया गया और उसे सतह के बराबर लाया गया। ऐसा करने से उनकी आर्थिक समस्या कुछ हद तक ठीक हुई, घर के सदस्यों की सेहत में भी सुधार हुआ और घर में व्याप्त तनाव भी कुछ हद तक कम हुआ। फिर सीढ़ियों को दक्षिण-पश्चिम की ओर ले जाया गया। उत्तर पूर्व से सेप्टिक टैंक को बंद करवाकर वहां बोरिंग करवाई। यह सब करने पर घर की परिस्थितियों में काफी तेजी से सुधार आया। कानूनी अड़चनें कम होने लगीं। रसोईघर के पिछले दरवाजे को भी बंद करवाया । वास्तु निवारण के ये सभी उपाय कारगर सिद्ध हुए और घर में सुख और चैन की वृद्धि हुई।



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