वास्तु- सुख-समृद्धि का आधार

वास्तु- सुख-समृद्धि का आधार  

अभी हाल में ही एक व्यवसायी परिवार के यहां से उनकी कोठी के वास्तु परीक्षण के लिए लुधियाना से बुलावा आया। 5 वर्ष पूर्व इनकी पांच बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां थीं तथा परिवार हर दृष्टिकोण से अति समृद्ध था। किंतु घर के मालिक का कहना था कि जब से ये इस नयी कोठी में शिफ्ट हुए हैं तभी से भाग्य मानो उनसे रूठ सी गई है तथा वे निरंतर दुर्भाग्य के शिकार हो रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में इनकी तीन फैक्ट्रियां बंद हो गईं, एक पुत्र का असामयिक निधन हो गया, बेटी 34 वर्ष की होकर कुंवारी बैठी है, जो दो फैक्ट्रियां बची हैं, उनमें भी लगातार परेशानियां बनी रहती हैं। इन्होंने कहा कि इन्हें अपनी कोठी को रेनोवेट करना है अतः तोड़फोड़ करने में इन्हें कोई दिक्कत नहीं है, सिर्फ इन्हें परेशानी से छुटकारा चाहिए। - कोठी का मुख्य दरवाजा दक्षिण दिशा के मध्य से होना। - उनकी कोठी के मुख्य दरवाजे यानि दक्षिण दिशा के समान्तर बड़े नाले का प्रवाह। - बेडरूम 3 जो कि मास्टर बेडरूम है, उत्तर-पश्चिम में अवस्थित है। इस कारण अकारण इन्हें हमेशा घर से बाहर यात्रा पर जाना पड़ता है। - बेडरूम 2 जो दक्षिण-पूर्व में अवस्थित है, इसमें इनकी अविवाहित पुत्री रहती है। - लिविंग एरिया, डायनिंग, फोयर, बाल्कनी, गार्डेन आदि का क्षेत्र दक्षिण दिशा में अत्यधिक खुला होना। - किचन दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में अवस्थित होना - स्टोर रूम गलत स्थान पर उत्तर-पूर्व में अवस्थित होना - इलेक्ट्रिकल फिटिंग्स का स्टोर रूम के अंदर उत्तर-पूव ही होना। - पूर्व-पश्चिम की तुलना में उत्तर-दक्षिण की लंबाई अधिक होना। वास्तु दोष दूर करने हेतु सुझाव - मुख्य दरवाजा शिफ्ट करना संभव नहीं था क्योंकि अन्य तीनों दिशाओं में कोठियां बनी हुई थीं। अतः इस दिशा में नाला अवस्थित होने साथ ही मुख्य दरवाजा होने के कारण इसकी नकारात्मकता को यथासंभव कम करने के लिए दीवार से सटाकर मल्टीयर पिरामिड लगाने का सुझाव दिया गया। मुख्य दरवाजे के नीचे भी पिरामिड तथा साथ में क्रिस्टल पेंसिल लगाने की सलाह दी गई। दरवाजे के ऊपर तथा दक्षिण-पूर्व व दक्षिण-पश्चिम कोने पर पाकुआ मिरर लगाने की सलाह दी गई ताकि नकारात्मकता को यथासंभव समाप्त किया जा सके। - किचन को शिफ्ट कर दक्षिण-पूर्व में बाल्कनी की जगह पर तथा बाल्कनी को थोड़ा लिविंग एरिया की तरफ बढ़ाकर लाने का सुझाव दिया गया। - लिविंग एरिया की जगह डायनिंग तथा डायनिंग की जगह लिविंग एरिया को शिफ्ट करने का सुझाव दिया गया। - किचन में ही ऊपर कबर्ड बनाकर उसमें सामान रखने का सुझाव दिया गया। यूटिलिटी रूम को हटा देने की सलाह दी गई। - पहले के किचन एवं यूटिलिटी रूम को मिलाकर एक बेडरूम बनाने की सलाह दी गई जो कि मास्टर बेडरूम होगा तथा घर के मालिक-मालकिन वहां रहेंगे। - बेडरूम 3 जो कि पहले मास्टर बेडरूम था उसे पुत्री का बेडरूम बनाने की सलाह दी गई जिससे कि उसकी शादी शीघ्रातिशीघ्र हो जाय। साथ ही पुत्री के रूम में पिउनी फ्लावर रखने एवं 43 दिनांे तक होलिस्टिक लैंप जलाने की सलाह दी गई। - टायलेट 2 को बंद करने की सलाह दी गई। - बेडरूम 2 के स्थान पर लिविंग रूम को स्थानान्तरित करने की सलाह दी गई। - इलेक्ट्रिकल फिटिंग्स को दक्षिण-पूर्व कोने में शेड बनाकर स्थानांतरित करने की सलाह दी गई। - स्टोर रूम को हटाकर वहां पर गार्डेन में बैठने की व्यवस्था, झूला लगाने तथा उत्तर-पूर्व क्षेत्र में फाउंटेन लगाने की सलाह दी गई।



डिप्रेशन रोग एवं ज्योतिष विशेषांक  September 2017

डिप्रेशन रोग एवं ज्योतिष विशेषांक में डिप्रेशन रोग के ज्योतिषीय योगों व कारणों की चर्चा करने हेतु विभिन्न ज्ञानवर्धक लेख व विचार गोष्ठी को सम्मिलित किया गया है। इस अंक की सत्य कथा विशेष रोचक है। वास्तु परिचर्चा और पावन तीर्थ स्थल यात्रा वर्णन सभी को पसंद आएगा। टैरो स्तम्भ में माइनर अर्कानाफाइव आॅफ वांड्स 64 की चर्चा की गई है। महिलाओं के पसंदीदा स्तम्भ ज्योतिष एवं महिलाएं में इस बार भी रोचक लेख सम्मिलित किया गया है।

सब्सक्राइब

अपने विचार व्यक्त करें

blog comments powered by Disqus
.