सर्वव्यापी गणपति

सर्वव्यापी गणपति  

व्यूस : 4302 | जनवरी 2007
सर्वव्यापी गणपति पुरुषोत्तम बालासाहेब लोहगांवकर इश्वर की प्राप्ति के लिए उसकी भक्ति और उपासना जरूरी है। ईश्वर के वंद्य आदि बीज प्रणवरूप श्री गणेश हैं। गणेश जी का प्रथम रूप ओंकार है। ओंकार ही विश्व बीज, वेद बीज, मंत्रबीज महामंत्र है। ओंकार ही सृष्टि बीज परब्रह्म से प्रकट हुआ प्रथम अंकुर है। श्री गणेश जी देवता सृष्टि के आद्य तत्व हैं। उन्हीं को प्रथम वंदन करके मंगलाचरण किया जाता है। अमंगल जन्म मृत्यु का चक्र रोकने में समर्थ मंगल मूर्ति श्री गणेश ही हैं। श्री गणपत्यथर्वशीर्ष में कहा गया है मंगल कार्यों के आरंभ मंे सबसे पहले गणपति जी के पूजन का यही कारण है। जिस प्रकार मंत्र के आरंभ में ओंकार का उच्चारण आवश्यक है। उसी प्रकार प्रत्येक शुभ अवसर पर गणपति की पूजा अनिवार्य है। यह परंपरा शास्त्रीय है। गणपति का स्वस्तिक रूप ‘गणपति स्वस्तिक रूप’ में श्री प्रसिद्ध है। उसी वामावर्त स्वस्तिक में चारों ओर गणपति का बीज मंत्र ‘गं’ विराजमान है। यह ध्यान से देख लीजिए कि दक्षिणावर्त स्वस्तिक में वही बीज मंत्र गं उसके दूसरी ओर विराजमान है। यही बीज मंत्र गं ब्रह्मणस्पति के मंत्र के आदि तथा अंतिम अक्षर से निष्पन्न है। यह बात त्रिपुरातापिनी उपनिषद में स्पष्ट कही गई है। ‘एव’ स्वस्तिक प्रसिद्ध स्वस्तिन इंद्रो बृद्ध श्रवाः साम वेद संहिता के इस अंतिम मंत्र में उल्लिखित इंद्र, पूषा, ताक्ष्र्य एवं बृहस्पति, ये चार देवता आकाश में तारों के रूप में इस प्रकार विराजमान हैं कि उनके ऊपर से नीचे के तथा दाहिने पाश्र्व से बाएं पाश्र्व के बीच रेखा कर दी जाए तो स्वस्तिक बन जाता है। उक्त मंत्र में चार बार स्वस्ति शब्द आने से स्वस्तिक बना है। श्री पाण् िानी ने श्री (6/3/115 सूत्र में) स्वस्तिक को स्मरण किया है- ‘कलौ चंडी विनायकौ’ विनायक रहस्य कलि में चंडी और विनायक शीघ्र फलप्रद देवता माने गए हैं। सभी कार्यों के आरंभ में विनायक की पूजा अवश्य होती है। विनायक शब्द के विशिष्ट नायक विगत हैं। वैदिक मत में सभी कार्यों के आरंभ में जिस देवता का पूजन होता है वह विनायक है। विनायक की पूजा प्राप्त भेद से सुपारी, पत्थर, मिट्टी, हल्दी की बुकनी, ‘गोमय’ दूर्वा आदि में आवाहनादि के द्वारा होती है। इन सभी पार्थिक वस्तुओं में गणेश व्याप्त हैं। इसके अनेक नाम हैं। उनमें विनायक शब्द एक विलक्षण अर्थ का प्रत्यायक है। विनायक चतुर्थी का व्रत या उत्सव सिंहस्थ सूर्य भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी और हस्त नक्षत्र के योग आदि के बुधवार में पड़े तो इसका विशेष महत्व माना जाता है। अतः कलियुग में अनेक प्रकार की विघ्न बाधाओं से मुक्ति पाने के लिए विनायक श्री गणेश जी की आराधना करनी चाहिए। दाम्पत्य सलाह आज पति-पत्नी के आपसी संबंधों में बिखराव की सी स्थिति देखने को मिलती है। कई बार दोनों के बीच ऐसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं जब किसी तीसरे की मध्यस्थता की आवश्यकता महसूस होती है। मामला कोर्ट कचहरी में जाने से पहले यदि किसी अनुभवी सलाहकार से परामर्श मिल जाए तो दाम्पत्य की डोर टूटने से बच जाती है, क्योंकि ऐसा किसी समय विशेष पर खराब ग्रह दशाओं के प्रभाव से होता है। उचित ज्योतिषीय सलाह व उपायों द्वारा दाम्पत्य जीवन पर आने वाले संकट को टाला जा सकता है। इस परेशानी के निदान के लिए फ्रयूचर पाॅइंट की ओर से दाम्पत्य सलाह का स्तंभ प्रारंभ किया जा रहा है। यदि आप दाम्पत्य सलाह पाने के इच्छुक हैं तो अपने एवं अपने जीवन साथी का जन्म विवरण ;दिनांक, समय, स्थानद्ध लिखकर हमें भेजें। यदि किसी तीसरे व्यक्ति का भी हस्तक्षेप है तो उसका जन्म विवरण भी भेजें। अपनी समस्या का विवरण विस्तार से लिख कर भेजें। यदि आप चाहें तो आपके नाम भी गुप्त रखे जाएंगे। जन्म विवरण एवं समस्या निम्न पते पर भेजें और घर बैठे समाधान पाएं। आस्था ऐसे बनी किसी भी तीर्थस्थल में आने वाले लोगों की संख्या को देखकर उस स्थान की प्रसि(ि का अनुमान लगाया जा सकता है। पावन स्थलों में मन्नतें मांगते, अपना नाम लिखते और धागे बांधते प्रायः लोगों को देखा जा सकता है। क्या आपको भी किसी स्थल विशेष पर जाने का अनुभव हुआ? यदि हुआ, तो अन्य लोगों को भी अपने अनुभव से परिचित कराएं, ताकि वे भी इसका लाभ उठा सकें। उस स्थल के बारे में आपको कैसे जानकारी मिली यह लिखना न भूलें। जब हुआ चमत्कार कभी-कभी जीवन में बहुत निराशा घिर आती है, संकटों से उबरने का कोई उपाय ही नहीं सूझता। ऐसे में अचानक जीवन में कई बार सुखद एवं आश्चर्यजनक मोड़ आता है। जैसे कोई कैंसर रोगी छोटे से नुस्खे से ठीक हो जाता है। किसी सि( पुरुष से मुलाकात से या ऐसा कोई टोटका जिसके करने से परेशानियों का अंत हो जाता है। इस स्तंभ में ऐसी ही जीवनोत्प्रेरक चमत्कारी घटनाओं को प्रकाशित किया जाएगा। यदि आपके जीवन में ऐसी कोई चमत्कारिक घटना घटी हो तो हमें लिख भेजें।

Ask a Question?

Some problems are too personal to share via a written consultation! No matter what kind of predicament it is that you face, the Talk to an Astrologer service at Future Point aims to get you out of all your misery at once.

SHARE YOUR PROBLEM, GET SOLUTIONS

  • Health

  • Family

  • Marriage

  • Career

  • Finance

  • Business

गणपति विशेषांक   जनवरी 2007

भारतीय संस्कृति में भगवान गणेश का व्यक्तित्व अपने आप में अनूठा है. हाथी के मस्तक वाले, मूषक को अपना वाहन बनाने वाले गणेश प्रथम पूज्य क्यों हैं? उनकी आराधना के बिना कार्य निर्विध्न संपन्न होने में संदेह क्यों रहता है? कैसे हुआ

सब्सक्राइब


.