- वशीकरण: काली हल्दी को सिद्ध मुहूर्त में शुद्ध करके गुग्गुल की धूप दें। उसे घिस कर उसका तिलक, बिंदी यदि लगाएं तो लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे। इसका तिलक वशीकृत करता है। - धनवृद्धि के लिए: काली हल्दी चमत्कार से कम नहीं। शुभ सिद्ध मुहूर्त में काली हल्दी को शुद्ध करके, उस पर घी मिश्रित सिंदूर लगाएं, चांदी की प्लेट में रखें। गुग्गुल की धूप दिखाएं, घी का दीपक जलाएं, मिष्ठान का भोग लगाएं। इसके पश्चात लाल रेशमी वस्त्र में चांदी के सिक्कों के साथ बांध दें, फिर तिजोरी या जहां पैसे रखते हों, उस स्थान पर रख दें। यह धन की वृद्धि करती है, ऐसा माना जाता है। प्रत्येक पुष्य नक्षत्र में इसे निकाल कर फिर से सिंदूर लगा कर धूप-दीप, गुग्गुल की धूप दिखा कर, प्रार्थना कर पुनः तिजोरी या जहां रखी थी, वहां आदर से रख देनी चाहिए। - शत्रुजनित हानि से निवारण: आप यह प्रयोग करें। किसी भी शनिवार या अमावस्या को काली हल्दी शुद्ध करके उस पर सिंदूर लगाएं तथा उसे काले रेशमी वस्त्र में चार कौड़ी, आठ काली गुंजा के साथ बांध कर पोटली बना लें। गुग्गुल की धूप दिखाएं और घर के मुख्य द्वार की चैखट में इस प्रकार लगाएं कि वह बाहर से किसी को भी नज़र न आए। इससे किसी के द्वारा अहित, तंत्र-मंत्र से रक्षा होती है। - वास्तु दोष: यदि मकान की दक्षिण दिशा में वास्तु दोष हो या प्रवेश द्वार हो तो दोष दूर करने के लिए नित्य हनुमान चालीसा का पाठ या सुंदरकांड की चैपाइयां पढ़ते रहने से दोष का पूर्ण निवारण होता है। साथ ही दाहिनी ओर सूंड वाले गणेश जी की स्थापना द्वार के ऊपर करनी चाहिए। प्रतिदिन मूर्ति को धूप-अगरबत्ती दिखाएं, बुधवार को दुर्वा चढ़ाएं। - पूर्व दिशा अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। पूर्व कटा हुआ हो या कोई अन्य दोष हो तो उसे दूर करने के लिए प्रतिदिन तांबे के पात्र से जल का अघ्र्य भगवान सूर्य को ¬ आदित्याय नमः कहते हुए प्रदान करें। धीरे-धीरे दोष समाप्त होने लगेंगे। साथ ही रविवार को मीठे गुड़ से युक्त दलिये का सेवन करें। वास्तुदोष कवच भी पूर्व दिशा में शुभ मुहूर्त में लगा सकते हैं। -सुखी रहने के लिए: घर में प्रतिदिन घी का दीपक जलाएं, यह घर में पौजिटिव ऊर्जा की वृद्धि करता है। दीपक की लौ की दिशा का ध्यान रखें। दीपक की लौ पूर्व दिशा की ओर रखने से रोग दूर होते हैं और आयुवृद्धि होती है। यदि दीपक को उत्तर की दिशा की ओर रखें तो धनवृद्धि होती है। दीपक दक्षिण दिशा में रखने से अर्थ हानि होती है। इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। दीपक की बत्ती स्थिर रहनी चाहिए। अपने पूजा स्थान में भी आप दीपक जला सकते हैं। रसोईघर में जहां पीने का पानी रखते हों, वहां पर भी घी का दीपक जलाना स्वास्थ्य लाभ और धनवृद्धि करता है। बुरी शक्तियां प्रभाव नहीं डाल पाती। - कर्ज से मुक्ति के लिए: घर में नित्य तिल के तेल का दीपक जलाएं, ईश्वर से प्रार्थना करें, देखते ही देखते मनुष्य कर्ज से मुक्त हो जाता है। साथ ही प्रतिदिन सायं पीपल वृक्ष के तले घी का दीपक जलाएं। सारी क्रिया शुक्ल पक्ष के शनिवार से शुरू करें और लाभ का अनुभव करें।


पराविद्याओं को समर्पित सर्वश्रेष्ठ मासिक ज्योतिष पत्रिका  मार्च 2006

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