अच्छे स्वास्थ्य के लिए अपनाएं हर्बल उत्पाद

अच्छे स्वास्थ्य के लिए अपनाएं हर्बल उत्पाद  

अच्छे स्वास्थ्य के लिए अपनाएं हर्बल उत्पाद ब्रेवहार्ट (जीवन को आनंदमय बनाए): हृदय मानव शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। स्वस्थ हृदय के बिना कुछ पलों का जीवन भी कठिन है। हृदय हमारे शरीर में आॅक्सीजन युक्त रक्त के संचार जैसा महत्वपूर्ण कार्य करता है। रक्त का संचार कार्डियोवैस्कुलर (रक्त संचार) प्रणाली का एक जटिल हिस्सा है। रक्त के परिसंचरण में अथवा इससे जुड़ी प्रणाली में कोई अनियमितता या बाधा से हृदय संबंधी रोग की संभावना रहती है। लेकिन आयुर्वेदिक उत्पाद ब्रेव हार्ट के सेवन से आप ऐसी संभावनाओं से बचाव कर सकते हैं। यह हृदय पर पड़ने वाले अत्यधिक दबाव को कम करके तनाव व घबराहट, बेचैनी व उत्तेजना से आपको बचाता है। सामग्री: अर्जुना, गुलंच, अश्वगंधा, शतावर, बरियारी व आंवला आदि हैं। उक्त जड़ी बूटियां हृदय को शक्ति प्रदान करती हैं और धमनियों को साफ करने में सहायक होती हैं। हृद धमनी के अवरोध को इस प्रकार के प्राकृतिक उपाय व उत्पाद की सहायता से दूर किया जा सकता है। अर्जुना की शक्ति - अर्जुना कोलेस्ट्राॅल को 64 प्रतिशत तक कम कर सकता है। यह हृदय की रक्त शोधन की प्रक्रिया को सुधारता है, हृदय की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करते हुए एल डी एल कोलेस्ट्राॅल की मात्रा को कम करता है। कैप्सूल के लाभ: उच्च रक्तचाप पर नियंत्रण रखता है/ रक्तचाप को सामान्य रखता है धमनियों और शिराओं को मजबूती प्रदान करता है/पुष्ट करता है। रक्त संचार को सामान्य रखता है हृदय की रक्षा करता है खतरांे से रक्षा करता है यह हृदय गति को नियंत्रित करने, हृदय पीड़ा को दूर तथा उच्च रक्तचाप को कम करने के लिए प्रयोग की जाने वाली यह दवा बेटा रोधक की तरह काम करती है। अर्जुना, बनसंजली, अंगूर के बीज, अनार के बीज आदि विभिन्न जड़ी बूटियां हृदय को शक्ति प्रदान करती हैं तथा धमनियों को साफ करने के काम आती हैं। हृद धमनी के अवरोध को भी इस प्रकार के प्राकृतिक उपायों व उत्पादों की सहायता से दूर किया जा सकता है। ब्रेव हार्ट के हृदय रक्षक कैप्सूल बढ़े हुए कोलेस्ट्राॅल, अवरुद्ध हृद धमनी तथा संकुचन के फलस्वरूप उत्पन्न हृदय की निष्क्रियता काॅन्जेस्टिव हार्ट फेल्यर, आदि स्थितियों में प्रभावशाली उपचारक साबित होते हैं। ये कैप्सूल हृदय की कमज़ोर मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करते हैं। ब्रेव हार्ट के हृदय रक्षक कैप्सूल पूर्णतया शाकाहारी, प्राकृतिक और रसायनरहित हैं। आपके स्वास्थ्य पर इनका कोई प्रतिकूल प्रभाव भी नहीं पड़ता। हृदय रक्षक कैप्सूल अवरुद्ध धमनियों को साफ करने में सहायक होते हैं। ये कैप्सूल हृदय गति रुकने के समय उसके बाद हृदय को मजबूती या पोस्ट मायोकार्डियल इनफाकर््शन सपोर्ट देते हैं। यह हाई कोलेस्ट्राॅल व विशेष रूप से हाई ट्रिग्लीसेराइड और अन्य हृदय रोगों की प्राकृतिक दवा है। यह हृदय की मांसपेशियों की कमजोरी के कारण उत्पन्न हृदय की निष्क्रियता सीएचएफ (कान्जैस्टिव हार्ट फेल्यर) और सांस लेने में कठिनाई से बचाव की एक उत्कृष्ट प्राकृतिक दवा है। ब्रेव हार्ट जिन परिस्थितियों में आपकी सेहत को बनाए रखने में सक्षम है, वे हैं - उच्च रक्तचाप, हृदयाघात, हृदय के आकार में वृद्धि, हृदय गति का बढ़ना, संकुचन के कारण हृदय की निष्क्रियता कान्जेस्टिव हार्ट फेल्यर, रक्त वाहिकाओं का संकुचन, चक्कर आना, थकान इत्यादि। मात्रा: सुबह और शाम भोजन के बाद एक एक कैप्सूल या फिर अपने डाॅक्टर की सलाह के अनुसार लें। डायबैक्स (तन्दुरूस्ती है सदा के लिए): जब मेटाबाॅलिज्म (उपापचय) में गड़बड़ी और इन्सुलिन (हारमोन) के स्तर में कमी के कारण रक्त में उच्च शर्करा की शिकायत होने लगती है तो ऐसी स्थिति को डायबिटीज़ मैलिटस कहते हैं, जिसे साधारणतया डायबिटीज़ कहा जाता है। अन्य लक्षण हंै अधिक पेशाब आना, अधिक प्यास लगना और अधिक तरल पदार्थों का सेवन करना, नज़र का धुंधला हो जाना आदि हो सकता है। रक्त शर्करा का स्तर अधिक न हो तो उपर्युक्त लक्षण नहीं पाए जाएं। डायबिटीज के कारण होने वाली जटिलताएं: गंभीर जटिलताएं केवल उस स्थिति में उत्पन्न हो सकती हैं जब रोग पर सही रूप से नियंत्रण नहीं पाया जा सके। अधिक समयावधि वाली गंभीर जटिलताओं में हृदधमनी का रोग, गुर्दे का निष्क्रिय हो जाना, अंधापन, या शिरा का नष्ट हो जाना इत्यादि प्रमुख है जिनसे नपुंसकता आ सकती है और प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में घाव का मुश्किल से ठीक होना और विशेष रूप से पैरों में घावों होने की स्थिति में ग्रैंगीन (घैंघा) हो सकता है जिसके कारण पैर को काटने तक की नौबत आ जाती है। डायबिटीज का उचित उपचार, रक्तचाप पर नियंत्रण और स्तरीय जीवन शैली (जैसे शरीर के वजन को नियंत्रित रखना, धूम्रपान न करना आदि) ऊपरोक्त जटिलताओं के खतरे को कम करती है। वैसे, विकसित देशों में डायबिटीज़ से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य जटिलता अधिक पाई जाती है। इस प्रकार, निम्नलिखित समस्याओं में डायबैक्स प्रयोग किया जा सकता है - डायबिटीज मेलीटस, हाइपरग्लिसेनिया, मांसपेशी की कमजोरी, डायबिटीज़ जनित कमज़ोरी, शर्करा की अधिकता आदि। डायबैक्स टी कैप्सूल के संभावित लाभ - डायबैक्स टी कैप्सूल रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है। शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है। वजन को नियंत्रित व नियमित करता है। अत्यधिक मीठा खाने का आदत को नियंत्रित करता है। रक्त शर्करा को नियंत्रित करने का प्राकृतिक उपाय स्वाद को (मीठेपन को) कम करता है। मीठा खाने की आसक्ति से छुटकारा दिलाता है। कोलेस्ट्राॅल में लाभकारी है। प्रयोग निर्देशन: डायबैक्स का एक टी बैग गर्म पानी में मिलाएं और दिन में दो बार खाना खाने से पहले लीजिए। दिन में दो बार पानी के साथ एक कैप्सूल लें। हाइपोटेन (चिंता छोड़ो, मुस्कराते रहो): चिकित्सीय भाषा में उच्च रक्तचाप को हाइपरटेंशन कहा जाता है। विशेष रूप से ऐसा उच्च रक्तचाप जिसका कोई ज्ञात कारण नहीं होता हाइपरटेंशन कहलाता है। इस प्रकार का रक्तचाप आम पाया जाता है जो जीवन शैली में परिवर्तन, जैसे कि वजन घटाना, आहार में परिवर्तन, नियमित व्यायाम तथा तनाव कम करना आदि से शीघ्र ठीक होने लगता है। प्राकृतिक उपचार से हाइपरटेंशन का रोग निश्चित रूप से ठीक किया जा सकता है। उच्च रक्तचाप से हृदय रोग, दिल का दौरा, संघात तथा दृष्टिदोष का खतरा बढ़ जाता है। दवा के साथ-साथ निम्नलिखित बातें स्मरण रखें। हाइपरटेंशन की प्रारंभिक अवस्था को जीवन शैली में परिवर्तन लाकर ठीक किया जा सकता है। सुपोषण यानी अच्छे अतिरिक्त पोषक तत्व युक्त आहार व जड़ी बूटियों का उपयोग रक्तचाप को कम कर सकता है। कम नमक व कम वसा युक्त भोजन भी महत्वपूर्ण है। संघटक - सर्पगंधा, जटामांसी, अर्जुन, ब्राह्मी, शंखपुष्पी, अश्वगंधा, मुक्तपिश्टी। यह जड़ी बूटियां मानव शरीर की सुरक्षा हेतु सदा से सहायक सिद्ध हुई हैं। यह जड़ी बूटियां फोटोकैमिकल और पोषक तत्व प्रदान करती हैं जिसका शरीर पर उत्तम व सुरक्षित प्रभाव पड़ता है। यह जड़ी बूटियां ड्रग्स की तरह कैमिकल रिएक्शन्स को बाधित करके सहायक नहीं होती, अपितु चयापचय को नियंत्रित करके लाभ पहुंचाती हैं। इनका रक्तचाप पर भी हल्का सा प्रभाव पड़ता है और यह हृदय को शक्ति प्रदान करने वाले टाॅनिक के रूप में कार्य करता है। इस जड़ी बूटियों में एंटीआॅक्सीडेंट का गुण होता है जो धमनियों और शिराओं की सूजन को कम करता है। इससे हृदयाघात का खतरा निश्चित रूप से कम हो जाता है। हाइपोटेन से होने वाले संभावित लाभ रक्तचाप को साधारण स्तर पर नियंत्रित रखता है। स्नायु तंत्र व हृदय ग्रंथियों को पुष्ट व तंदुरूस्त रखता है। रक्त परिसंचरण को सही करता है। हृदय की रक्त शोधन प्रक्रिया का सशक्तिकरण। हृदय की धड़कनों पर नियंत्रण। हृद धमनी को स्वस्थ रखता है। ऊर्जा शक्ति को बढ़ाता है तथा तंत्रिका तंत्र को आराम पहुंचाता है। मात्रा: दिन में पानी के साथ दो बार लें। यह तनाव व हाइपरटेंशन को कम करता है।



दीपावली विशेषांक  अकतूबर 2008

पंच पर्व दीपावली त्यौहार का पौराणिक एवं व्यावहारिक महत्व, दीपावली पूजन के लिए मुहूर्त विश्लेषण, सुख समृद्धि हेतु लक्ष्मी जी की उपासना विधि, दीपावली की रात किये जाने वाले महत्वपूर्ण अनुष्ठान एवं पूजा, दीपावली पर विशेष रूप से पूज्य यंत्र एवं उनका महत्व

सब्सक्राइब

अपने विचार व्यक्त करें

blog comments powered by Disqus
.