कुछ उपयोगी टोटके

कुछ उपयोगी टोटके  

व्यूस : 2761 | जुलाई 2016

रामचरित मानस द्वारा मंत्रोपचार करने हेतु निम्न चैपाइयों का पाठ करें।

- सहज स्वरूप दर्शन के लिए भगत बछल प्रभु कृपा निधाना। विस्ववास प्रगटे भगवाना।।

- ज्ञान प्राप्ति के लिए क्षिति जल पावक गगन समीरा। पंच रचित अति अधम सरीरा।।

- भक्ति प्राप्त करने के लिए भगत कल्पतरू प्रनत हित कृपासिंध सुख धाम। सोई निज भगति मोहि प्रभु देहु दया करि राम।।

- श्री हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिये। सुमिरि पवन सुत पावन नामू। अपने वश करि राखे रामू।।

- मोक्ष प्राप्ति के लिए सत्यसन्ध छोड़े सर लच्छा। कालसर्प जनु चले सपच्छा।

- सीताराम जी के दर्शन के लिये नील सरोरूह नील मनि, नील नीरधर स्याम। लाजहिं तन सोभा निरखि कोटि कोटि सत काम।।

- श्री रामचंद्र जी को वश में करने के लिए केहरि कटि पट पीतधर सुषमा सील निधान। देखि भानु कुल भूषनहि विसरा सखिन्ह अपान।।

- ईश्वर से अपराध क्षमा करने के लिये अनुचित बहुत कहेंउं अग्याता। छमहु क्षमा मंदिर दोउ माता।।

- विरक्ति के लिये भरत चरत करि नेमु तुलसी जे सादर सुनहिं। सीय राम पद प्रेमु अवसि होई भव रस विरति।।

- भगत्स्मरणा करते हुए आराम से मरने के लिए। रामचरन प्रद प्रीति करि बालि कीन्ह तनु त्याग। सुमन माल जिमि कंठ ते गिरत न जानइ नाग।।

- प्रेम बढ़ाने के लिये। सव नर करहिं परस्पर प्रीति। चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीति।।

- काल की रक्षा के लिये। मोरे हित हरि सम नहिं कोऊ। एहिं अवसर सहाय सोई होऊ - निंदा से निवृत्ति के लिये। राम कृपा अबरेव सुधारी। बिबुध धरि भइ गुनद गोहारी।।

- विद्या प्राप्ति के लिये गुरु गृह पढन गये रघुराई। अल्प काल विद्या सब आई।।

- उत्सव होने के लिये सिय रघुवीर विवाहु जे सप्रेम गावहिं सुनहिं। तिन्ह कहुं सदा उछाहु मंगलायतम राम जसु।।

- कन्या को मनोवांछित वर के लिये जै जै जै गिरिराज किशोरी। जय महेश मुख चंद्र चकोरी।।

- यात्रा की सफलता के लिये प्रविसि नगर कीजे सब काजा। हृदय राखि कौसल पुर राजा।।

Ask a Question?

Some problems are too personal to share via a written consultation! No matter what kind of predicament it is that you face, the Talk to an Astrologer service at Future Point aims to get you out of all your misery at once.

SHARE YOUR PROBLEM, GET SOLUTIONS

  • Health

  • Family

  • Marriage

  • Career

  • Finance

  • Business

रत्न विशेषांक  जुलाई 2016

भूत, वर्तमान एवं भविष्य जानने की मनुष्य की उत्कण्ठा ने लोगों को सृष्टि के प्रारम्भ से ही आंदोलित किया है। जन्मकुण्डली के विश्लेषण के समय ज्योतिर्विद विभिन्न ग्रहों की स्थिति का आकलन करते हैं तथा वर्तमान दशा एवं गोचर के आधार पर यह निष्कर्ष निकालने का प्रयास करते हैं कि वर्तमान समय में कौन सा ग्रह ऐसा है जो अपने अशुभत्व के कारण सफलता में बाधाएं एवं समस्याएं उत्पन्न कर रहा है। ग्रहों के अशुभत्व के शमन के लिए तीन प्रकार की पद्धतियां- तंत्र, मंत्र एवं यंत्र विद्यमान हैं। प्रथम दो पद्धतियां आमजनों को थोड़ी मुश्किल प्रतीत होती हैं अतः वर्तमान समय में तीसरी पद्धति ही थोड़ी अधिक प्रचलित है। इसी तीसरी पद्धति के अन्तर्गत विभिन्न ग्रहों के रत्नों को धारण करना है। ये रत्न धारण करने के पश्चात् आश्चर्यजनक परिणाम देते हैं तथा मनुष्य को सुख, शान्ति एवं समृद्धि से ओत-प्रोत करते हैं। फ्यूचर समाचार के वर्तमान अंक में रत्नों से सम्बन्धित अनेक उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय आलेखों को सम्मिलित किया गया है जो रत्न से सम्बन्धित विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हैं।

सब्सक्राइब


.