आराम से सोने के लिए - कभी-कभी ऐसा देखा गया है कि बच्चा हो या स्त्री पुरुष, सोते समय वह अचानक चैंक जाते हैं अथवा डर जाते हैं। इससे छुटकारा पाने के लिए अपने सिरहाने में एक फिटकरी का टुकड़ा रख दें, तो इस समस्या से छुटकारा मिल जायेगा। - हजार दाना दूध के साथ पीसकर देने से जिन माताओं को दूध न आ रहा हो उन्हें दूध आने लग जायगा। ऐसा प्रायः देखा गया है। किसी रोग से ग्रसित होने पर - सोते समय सिरहाना पूर्व की ओर रखें। शयन कक्ष में एक मध्य आकार के कटोरे में सेंधा नमक के टुकड़े रखें। साथ ही चार रŸाी का सुनैला चांदी की अंगूठी में जड़वाकर गुरुवार को शुक्ल पक्ष में दाहिने हाथ की तर्जनी अंगुली में धारण करें। घर से गये प्राणी को वापस बुलाने हेतु: - प्रातः काल स्नान करके घर से गये हुए प्राणी का नाम एक कागज पर लिखें और एक आटे का दीपक बनाकर उसमें सरसों का तेल भरकर रूई की बाती डालकर उसे जला दें। दीपक के नीचे नमक रख दें। इस प्रकार से यह क्रिया मंगलवार से प्रारंभ कर 43 दिन तक करें। धूप दीप से पूजन कर उस स्थान पर हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ करें। उसके बाद श्री हनुमान जी से उसे घर वापस आने की प्रार्थना करते रहें। गया प्राणी वापस आ जाएगा। शनि का प्रकोप दूर करने के लिए - शनिवार के दिन सरसों का तेल किसी बड़े बर्तन में डालकर उसमें अपनी छाया को देखें। घर के सभी सदस्य फिर तेल में आटे के गुलगुले बनाकर गरीबों को बांट दें। इससे शनिदेव का प्रकोप ठंडा हो जाएगा। यह क्रिया 7 शनिवार करें। बाधा दूर करने के लिए - काले धतूरे की जड़ को इतवार के दिन बाजू में बांधकर पहनने से बाधा हट जाती है। ब्रह्म राक्षस का दोष दूर करने के लिए - मुण्डी-गोखरु और बिनौला सम भाग लेकर तथा गोमूत्र में पीसकर जो ब्रह्म-राक्षस से ग्रस्त है, उसे सूंघा दें, तो ब्रह्म राक्षस का दोष मिट जाता है। अदालती मामलों में विजय पाने के लिए आद्र्रा नक्षत्र में आक की जड़ को एक ताबीज में भरकर निम्न मंत्र से ‘‘मम कार्य सिद्धि कुरु स्वाहा’’ ग्यारह बार जाप करके धूप लगाकर गले या बाजू में बांधने से आपको विजय अवश्य मिलेगी।

विद्या बाधा निवारण विशेषांक  फ़रवरी 2016

फ्यूचर समाचार का यह विशेषांक पूर्ण रूपेण शिक्षा को समर्पित है। हम जानते हैं कि शिक्षा किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अवयव है तथा शिक्षा ही उस व्यक्ति के जीवन में सफलता के अनुपात का निर्धारण करता है। किन्तु शिक्षा अथवा अध्ययन किसी तपस्या से कम नहीं है। अधिकांश छात्र लगातार शिक्षा पर ध्यान केन्द्रित करने में परेशानी का अनुभव करते हैं। प्रायः बच्चों के माता-पिता बच्चों की पढ़ाई पर ठीक से ध्यान न दे पाने के कारण माता-पिता मनोवैज्ञानिक अथवा ज्योतिषी से सम्पर्क करते हैं ताकि कोई उन्हें हल बता दे ताकि उनका बच्चा पढ़ाई में ध्यान केन्द्रित कर पाये तथा परीक्षा में अच्छे अंक अर्जित कर सके। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में इसी विषय से सम्बन्धित अनेक महत्वपूर्ण लेखों को समाविष्ट किया गया है क्योंकि ज्योतिष ही एक मात्र माध्यम है जिसमें कि इस समस्या का समाधान है। इस विशेेषांक के अतिविशिष्ट लेखों में शामिल हैंः जन्मकुण्डली द्वारा विद्या प्राप्ति, ज्योतिष से करें शिक्षा क्षेत्र का चुनाव, शिक्षा विषय चयन में ज्योतिष की भूमिका, शिक्षा का महत्व एवं उच्च शिक्षा, विद्या प्राप्ति हेतु प्रार्थना, माता सरस्वती को प्रसन्न करें बसंत पंचमी पर्व पर आदि। इनके अतिरिक्त कुछ स्थायी स्तम्भ जैसे सत्य कथा, हैल्थ कैप्सूल, विचार गोष्ठी, मासिक भविष्यफल आदि भी समाविष्ट किये गये हैं।

सब्सक्राइब

अपने विचार व्यक्त करें

blog comments powered by Disqus
.