छोटे-छोटे उपाय हर घर में लोग जानते हैं, पर उनकी विधिवत् जानकारी के अभाव में वे उनके लाभ से वंचित रह जाते हैं। इस लोकप्रिय स्तंभ में उपयोगी टोटकों की विधिवत् जानकारी दी जा रही है।

स्वर सुधारक

अदरक के साथ पंचकोल के अर्क का सेवन करने से स्वर विकार ठीक होता है। मधुर सुरीली आवाज के लिए शहद के साथ गाय के दूध का सेवन करने से आवाज सुरीली होती है। कुलंजन का अर्क, नीबू का अर्क, शहद, काली मिर्च का सेवन करने से स्वर सुरीला होता है।

भूतोन्माद नाशक

चीड़े की जड़ या पों के अर्क में कालीमिर्च के अर्क को मिलाकर पिलाने से तथा सुंघाने से अथवा आंखों में लगाने से तुरंत ऊपरी बाधा समाप्त हो जाती है।

संतान प्राप्ति के लिए

संतान गोपाल स्तोत्र का प्रतिदिन पाठ करें व साथ ही गणेश के उक्त मंत्र का ‘‘ऊँ गं गणपतये नमः का हर समय जाप करें। गाय को प्रतिदिन रोटी पर गुड़ रखकर खिलाएं।

बिल्व पत्र

अश्विनी नक्षत्र वाले दिन एक रंग वाली गाय के दूध में बेल पत्र डालकर उस दूध को निःसंतान स्त्री को पिलाने से उसको अवश्य संतान प्राप्त हो जाती है।

अपामार्ग की जड़

अश्विनी नक्षत्र में अपामार्ग की जड़ को लाकर इसे ताबीज में भरकर किसी सभा में जायेंगे तो आपको देखने वाले लोग आपकी ओर आकर्षित होंगें व वशीभूत होकर सम्मान की निगाह से देखेंगे।

नागर वेल का पत्ता

यदि घर में कभी चोरी हो जाय तथा आप यह पता लगाना चाहें कि वस्तु कहां गई है तो उसके लिए भरणी नक्षत्र में नागर वेल का प लाकर उस पर कत्था लगाकर तथा सुपारी डालकर जहां पर चोरी हुई है उस जगह पर रख दें। चोरी का पता चल जायेगा।

दूधी की जड़

धन व ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए पुनर्वसु नक्षत्र में दूधी की जड़ को लाकर पूरे शरीर में लगायें हालात बदल जायेंगे।

आक की जड़

अदालती मामलों में विजय पाने के लिए आद्र्रा नक्षत्र में आक की जड़ को एक ताबीज में भरकर निम्न मंत्र से ‘‘मम कार्य सिद्धि कुरु स्वाहा’’ 11 ग्यारह बार जाप करके धूप लगाकर गले या बाजू में बांधने से आपको विजय अवश्य मिलेगी।

संखाहुली की जड़

भरणी नक्षत्र में जड़ को लाकर चांदी अथवा तांबे के ताबीज में बनाकर गले में पहनने से व्यक्तित्व का विकास होता ह। ‘‘ऊ श्री हनमु ते नमः’’ मत्रं का 11 बार जाप करक धूप देकर धारण करें।



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