सुख शांति हेतु कुछ घरेलू उपाय

सुख शांति हेतु कुछ घरेलू उपाय  

सुख शांति हेतु कुछ घरेलू उपाय यदि दवाई काम न करती हो ः आप यदि किसी रोग से पीड़ित हांे और आपको दवाई या इलाज से फायदा न हो रहा हो तो दीवाली का दीया लें, उसमें सरसों के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान जी का ध्यान कर 11 बार सिर से पैर तक जलते दीये का उतारा करें। फिर उस दीये को दरवाजे के बाहर उसका मुख दक्षिण की ओर करके रख आएं। यह क्रिया मंगलवार और शनिवार को प्रातः या सायं करें, हनुमान जी की कृपा से फायदा मिलना शुरू हो जाएगा। फिर आप अपनी इच्छा के अनुसार यह उपाय कभी भी बंद कर सकते हैं।  नजर लगने पर: अगर किसी व्यक्ति को नजर लग जाए तो गाय के गोबर की एक गोली बना लें और उसे दरवाजे पर रखकर दाहिने अंगूठे से दबा दें। फिर उसी गोबर की एक और गोली बनाकर उसमें लाल सरसों के 11 दाने अलग-अलग स्थानों में चुभा दे और उसे आग में डाल दें, नजर दोष दूर हो जाएगा। पति-पत्नी में तनाव: यदि पति व पत्नी में आए दिन किसी भी बात को लेकर तनाव रहता हो तो रात में सोते समय पति अपने सिरहाने में सिंदूर तथा पत्नी कपूर रखे। सुबह उठकर पत्नी कपूर को जला दे तथा पति सिंदूर को घर में कहीं भी गिरा दे। दोनों का तनाव दूर हो जायेगा और घर में सुख शांति कायम हो जाएगी। जिद्दी बच्चों के लिए: यदि कोई बच्चा जरूरत से ज्यादा जिद करे व घर में उछल कूद के साथ कीमती सामानों की तोड़ फोड़ करने पर उतारू रहे तो चांदी का चंद्रमा बनवाकर उसे पूर्णिमा की रात्रि में शुद्ध कच्चा दूध या गंगा जल में डूबाकर ¬ सों सोमाय नमः का एक माला जपकर आकाश के चंद्रमा को दिखाते हुए बच्चे के गले में पहना दें। यदि नजर लगती हो तो काले धागे में भी पहना सकते हैं। वैसे सामान्यतः सफेद धागा में पहनाएं, बच्चे का जिद्दीपन दूर हो जाएगा। व्यापार में घाटे से बचाव के लिए: शनिवार को पीपल का पत्ता एक तोड़कर लाएं और उसे गंगाजल से अच्छी तरह धोकर हाथ में रखकर गायत्री मंत्र का 29 बार जप करें। तत्पश्चात उक्त पीपल के पत्ते को अपनी जेब या गल्ले में रखें। पत्ते को हर शनिवार को अवश्य बदल दें। शनि देव की कृपा से व्यापार में वृद्धि होगी, घाटा दूर होने लगेगा और घर भी खुशहाली से भर जाएगा। आलस दूर करने के लिए: किसी भी बच्चे या बुजुर्ग को किसी भी काम में आलस आता हो तो उसे केले की जड़ या पूजा वाली खड़ी हल्दी की गांठ को गुरुवार से गंगाजल से शुद्ध कर पीले कपड़े में बांधकर दायीं भुजा या गले में ¬ बृं बृहस्पतये नमः का 1 माला जप कर धारण करें। बृहस्पति देव की कृपा से आलस दूर हो जाएगा।



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