घर का स्टोर रूम खोले घर के राज

घर का स्टोर रूम खोले घर के राज  

घर का स्टोर रूम खोले घर के राज कुलदीप सलूजा जब नई फसल आती है तब अच्छी किस्म का खाद्यान्न बाजार में उपलब्ध होता है। हर आदमी अपने परिवार के लिए सही समय पर उचित मूल्य पर अच्छी किस्म का खाद्यान्न खरीदकर एकत्र करना चाहता है। घर के जिस कोने में इस खाद्यान्न का संग्रह किया जाता है, उसे स्टोर रूम कहते हैं। स्टोर रूम म ही घर का दूसरा राशन भी एक साथ लाकर रखा जाता है, ताकि रोज-रोज घर का राशन लेने जाने में समय की बर्बादी न हो। इसलिए स्टोर रूम घर का एक महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। स्टोररूम घर में कहां और किस स्थान पर है इससे घर में रहने वालों की आर्थिक, मानसिक और शारीरिक स्थिति का पता लग जाता है। आइए देखते हैं किस प्रकार स्टोर रूम का प्रभाव घर में रहने वालों पर पड़ता है। पूर्व - इस दिशा में घर का स्टोर रूम हो तो उस घर के मुखिया को अपनी आजीविका के लिए ज्यादा यात्राएं करनी पड़ती हैं। आग्नेय - आग्नेय कोणस्थ रसोईघर में ज्यादा खाने की सामग्री रखी जाए तो घर के मुखिया की आमदनी घर के खर्चे से कम होती है और उस पर कर्ज बना रहता है। दक्षिण - इस दिशा में घर का स्टोर रूम हो या यहां खाद्यान्न रखा जाता हो तो भाईयों में गलतफहमी, विवाद और झगड़ा होता है। नैर्ऋत्य- यहां पर खाद्यान्न जमा किया जाए तो खाद्यान्न में कीड़े लगने की शिकायत होती है, भोजन भी ज्यादा पौष्टिक नहीं रहता और आदमी कितना ही कमाए, कम पड़ता है। घर के मालिक की मां को ठंड और गैस की समस्या रहती है और उसका मन भी भ्रमित रहता है। पश्चिम - यहां पर खाद्यान्न का संग्रह किया जाए तो घर के बच्चे यात्रा से संबंधित कार्यक्षेत्र में या व्यापारिक सौदों से लाभ पाते हैं। घर का मुखिया बुद्धिमान होता है, किंतु घर का मुखिया दुर्घटनावश अपनी पत्नी के होते हुए भी किसी अन्य स्त्री के आकर्षण में फंस जाता है। दिखने में वह आदमी अनभिज्ञ और अज्ञानी नजर आता है, पर वस्तुतः वह ज्यादा यात्रा करने के कारण बहुत बुद्धिमान और सफल होता है। वायव्य - यहां पर अनाज का भण्डारण किया जाए तो यह दिशा बहुत ही शुभ होती है। यदि स्टोर रूम में ही पूजा का स्थान हो तो बहुत ही शुभ होता है। वहां रहने वाला परिवार आर्थिक रूप से संपन्न होकर मान-सम्मान प्राप्त करता है। ऐसे घर का मुखिया यात्रा का शौकीन होता है, किंतु मन में अंशांति रहती है और किसी स्त्री के साथ संबंधों के कारण बदनामी भी होती है। उŸार -यहां पर स्टोर रूम हो, यहां अनाज रखा जाए तो यह दर्शाता है कि घर का मुखिया बुद्धिमान और रोमांटिक तबीयत का है, लेकिन ऐसे मुखिया को स्त्री एवं पुरुष मित्रों से मित्रता के कारण बदनामी का सामना भी करना पड़ता है। पत्नी में कोई दोष हो सकता है जिस कारण उसे गर्भधारण में दिक्कत आती है। ईशान - यदि यहां पर स्टोर रूम हो तो ऐसे घर का मुखिया घूमने का शौकीन होता है एवं माता पक्ष के लोग धार्मिक और दान-पुण्य करने वाले होते हैं। उपर्युक्त दिशाआंे में बने स्टोर रूम के अलावा घर के अन्य कमरों की स्थिति का भी प्रभाव घर के मुखिया व अन्य सदस्यों पर पड़ता है जो इस प्रकार है। यदि घर के अगले भाग के दांयंे हाथ की खिड़की वाले कमरे को स्टोर रूम बना रखा हो तो उस घर के मुखिया का पिता या एक बेटा समाज के लोगों द्वारा पसंद किया जाता है, परंतु साथ ही वह आरामपरस्त और धीरे-धीरे काम करने वाला आदमी होता है। ऐसा आदमी सरकारी नौकर हो सकता है या सरकार से लाभ पा सकता है। यदि घर के अगले भाग के बायंे हाथ वाले कमरे में रोशनी मध्यम रहती हो और वहां घर का अनाज, राशन का सामान रखा रहता हो तो ऐसे घर की महिला को गैस की समस्या रहती है और परिवार में गलतफहमियों के कारण आपसी लड़ाई-झगड़े चलते रहते हैं। यदि घर की रसोई के अंदर या उससे जुड़े स्टोर रूम में अनाज रखा जाए तो उस परिवार को अपने कैरियर, प्रोफेशन, और धंधे में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्हें कमाने में बहुत मेहनत करनी पड़ती है और सारी कमाई खर्च हो जाती है। भविष्य के लिए बचत नहीं हो पाती। यदि घर के हाॅल के अंदर ही घर का खाद्यान्न रखा जाए या स्टोर रूम हाॅल से जुड़ा हुआ हो तो उस घर के लोग बुद्धिमान और अक्लमंद होते हैं, लेखक होते हैं, व्यापार में लाभ होता है। ऐसे घर का मुखिया बहुत ही सात्विक, गुणी और भला व्यक्ति होता है और महिला मित्रों से ज्यादा सहयोग प्राप्त करता है। स्टोर रूम पूजाघर के एकदम सामने हो या उससे जुड़ा हो या पूजाघर में ही स्टोर रूम या स्टोर रूम में ही पूजाघर हो तो उस घर का मुखिया बुद्धिमान होता है और ईमानदारी से पैसा कमाता है। यदि स्टोर रूम का रास्ता बेडरूम से होकर जाता हो या बेडरूम के साथ ही स्टोर रूम हो या स्टोर रूम ही बेडरूम के रूप में उपयोग किया जाता हो तो ऐसे घर की पत्नी बहुत ही भाग्यशाली होती है। ऐसे घर के मुखिया की तरक्की भी शादी के बाद जब पत्नी आती है, तब ही शुरू होती है। घर के खाद्यान्न रखने के कमरे में यदि घर के गहने, कपड़े इत्यादि रखे जाएं या यह सामान रखने का ही एक भाग हो तो ऐसे घर के लोग पैसे उधार देने का काम करते हैं या लग्जरी आइटम या बड़े सौदों से पैसा कमाते हैं। यदि स्टोर रूम जरूरत से ज्यादा बड़ा हो अर्थात् घर के अन्य कमरों से भी बड़ा हो और वहां अंधेरा भी रहता हो तो उस घर का मुखिया गलत तरीके से धन कमाता है, लोगों को ठगता है। इस तरह वह कई लोगों को अपना शत्रु बनाता है। यदि स्टोर रूम किसी गलियारे में हो, संकरा हो, या वहां बाथरूम हो, नाली हो, मोरी हो या पास में ही सब हो तो यह दर्शाता है कि उस घर का मुखिया निश्चित ही मेहनत करके खूब कमाता है, परंतु वह अशांत और नाखुश रहता है। घर के जिस कोने में इस खाद्यान्न का संग्रह किया जाता है, उसे स्टोर रूम कहते हैं। स्टोर रूम मंे ही घर का दूसरा राशन भी एक साथ लाकर रखा जाता है, ताकि रोज-रोज घर का राशन लेने जाने में समय की बर्बादी न हो। इसलिए स्टोर रूम घर का एक महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है।



शनि विशेषांक  जुलाई 2008

शनि का खगोलीय, ज्योतिषीय एवं पौराणिक स्वरूप, शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या एवं दशा के प्रभाव, शनि के दुष्प्रभावों से बचने एवं उनकी कृपा प्राप्ति हेतु उपाय, शनि प्रधान जातकों के गुण एवं दोष, शनि शत्रु नहीं मित्र भी, एक संदर्भ में विवेचना

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