नीलम

नीलम  

व्यूस : 6653 | जून 2009
नीलम नीलम के स्वामी शनि देवता हैं। ज्योतिष शास्त्र में शनि की दशा दुर्दशा और दुख की द्योतक मानी जाती है। इसलिए शनि के कोप को शांत करने के लिए सहज उपाय नीलम धारण करना माना जाता है। नीलम श्रीलंका, बर्मा, थाईलैंड से उत्तम और प्रचुर मात्रा में प्राप्त होते हैं, परंतु कश्मीर प्रदेश से प्राप्त नीलम सबसे उत्तम होते हैं, जिन्हंे ‘मयूर नीलम’ कहते हैं, क्योंकि इनका रंग मोर की गर्दन के रंग की तरह का होता है। यदि इनमें एक बूंद रंग भी हो, तो संपूर्ण नग रंगीन हो जाता है। कश्मीरी नीलम बिजली के प्रकाश में अपना रंग नहीं बदलता, जबकि अन्य स्थानों से प्राप्त नीलम बिजली के प्रकाश में स्याह रंग के दिखाई देते हैं। नीलम मकर एवं कुंभ राशि का प्रतिनिधि और सितंबर माह का ग्रह रत्न है। नीलम सत्य और सनातन का प्रतीक है। विवेकशीलता, सत्य तथा कुलीनता जैसे गुण इसके साथ जुड़े हुए हैं। शुभ फलदायक सिद्ध होने पर यह, धारणकत्र्ता के रोग, दोष, दुख-दारिद्रय नष्ट कर माना जाता है। खूनी नीलम सर्वाधिक असरकारक माना जाता है और सावधानी से धारण करने की हिदायतों के साथ दिया जाता है, क्योंकि कुछ दिन तक धारण करने पर अनिष्ट होना भी संभव है। अतः धारक को सचेत भी रहना पड़ता है। रत्न धारण करने से पहले ध्यान देंः कोई भी रत्न तुरंत प्रभावशाली नहीं होता। ‘नीलम’ जैसा रत्न भी तुरंत प्रभाव नहीं देता। अतः रत्न धारण करने के पश्चात 43 दिन तक परिणामों की प्रतीक्षा अवश्य करनी चाहिए। इसके अतिरिक्त रत्न कितने समय में फल देगा यह कुंडली के ग्रह की स्थिति पर भी निर्भर करता है। अगर ग्रह किसी संवेदनशील जगह पर स्थित होगा तो तुरंत प्रभाव दिखायेगा, अन्यथा सामान्य स्थिति में स्थित ग्रह के प्रभाव को देखने के लिये कुछ समय प्रतीक्षा करना आवश्यक है। के, धन-धान्य, सुख-संपत्ति, बुद्धि, बल, यश, आयु और कुल, संतति की वृद्धि करता है। नीलम धारण करने से स्त्रियों में अनैतिकता नहीं आती। प्रेमियों के लिए यह भाग्यवान रत्न माना जाता है। यह प्रसन्नतावर्धक है, परंतु पापी व्यक्ति को विपरीत फल देता है। नीलम दिलोदिमाग को सुकून देने वाला माना गया है, जो श्वास, खांसी और पित्त की बीमारी को कम करता है। विश्वास यह है कि नीलम को बेच देने के बावजूद वह मूल धारक की रक्षा करता है। नीलम के लिए कहा जाता है कि इसे विषैले सांप के साथ रखने पर सांप मर जाता है। कहते हैं, भूत-प्रेत से छुटकारे में भी नीलम असरकारी है। यह धारणा भी है कि ईश्वर की इच्छा का संकेत नीलम से प्राप्त होता है और इससे सही भविष्यवाणी संभव है। दुष्ट और अपवित्र व्यक्ति द्वारा पहनने पर नीलम की चमक लुप्त होने की बात भी की जाती है। विष की काट के रूप में नीलम को काफी असरकारक माना गया है।

Ask a Question?

Some problems are too personal to share via a written consultation! No matter what kind of predicament it is that you face, the Talk to an Astrologer service at Future Point aims to get you out of all your misery at once.

SHARE YOUR PROBLEM, GET SOLUTIONS

  • Health

  • Family

  • Marriage

  • Career

  • Finance

  • Business

रत्न विशेषांक  जून 2009

रत्न विशेषांक में जीवन में रत्नों की उपयोगिता: एक ज्योतिषीय विश्लेषण, विभिन्न लग्नों एवं राशियों के लिए लाभदायक रत्नों का चयन, सुख-समृद्धि की वृद्धि में रत्नों की भूमिका. विभिन्न रत्नों की पहचान एवं उनका महत्व, शुद्धि करण एवं प्राण प्रतिष्ठा तथा रोग निवारण में रत्नों की उपयोगिता आदि के विषय में जानकारी प्राप्त की जा सकती है.

सब्सक्राइब


.