सर्वौपयोगी कृपा यन्त्र

सर्वौपयोगी कृपा यन्त्र  

व्यूस : 4993 | अकतूबर 2012
सर्वोपयोगी कृपा यंत्र रेखा कल्पदेव, फ्यूचर पाॅइंट श्री काली माता कृपा यंत्र श्री काली माता कृपा यंत्र साक्षात चामुंडा का स्वरूप है, जिसने देव-दानव युद्ध में देवताओं को विजय दिलाई। काली अपने आराधक को अपार शक्ति देकर सबल और सक्षम बनाती है। शक्तिहीन को बल प्रदान करती है। यह यंत्र प्रत्यक्ष या परोक्ष बाधाओं को नष्ट करता है। इसकी अदभुत शक्ति द्वारा मानव अनेक सफलता प्राप्त करता है और निश्चिंत जीवन व्यतीत करता है। इस यंत्र की चल-अचल दोनों तरह से प्रतिष्ठा मानी गयी है। काली यंत्र की पूजा सर्वकामनाओं की पूर्ति के लिए की जाती है, विशेष रूप से अत्याचारी शत्रु से रक्षा व सुरक्षा पाने के लिए की जाती है। यह यंत्र अपने साधक को माया के जाल से छुटकारा दिलाता है तथा मोक्ष-प्राप्ति के लिए भी इस यंत्र की पूजा करना अनुकूल रहता है। इस यंत्र की विशेषता है कि यह यंत्र अपने साधक को वाद-विवाद व मुकदमें में जीत, प्रतियोगिताओं में प्रतिद्वंदी को परास्त करने में तुंरत फल देता है। श्री काली माता कृपा यंत्र की उपयोगिता श्री काली माता कृपा यंत्र शक्ति, विजय व सफलता का प्रतीक है। इस यंत्र के प्रभाव से शत्रु नाश व मुकदमें में विजय प्राप्त होती है। आत्म संयम व आत्मनियंत्रण के लिए भी यह यंत्र अपने साधक को चमत्कारिक फल देता है। भाग्योन्नति एवं पारिवारिक सुख-शांति के लिए इस यंत्र को पूजा घर में स्थापित करना चाहिए। श्री कृपा यंत्र श्री कृपा यंत्र नाम से ही स्पष्ट है कि यह श्री अर्थात् लक्ष्मी जी का यंत्र है। इस यंत्र में लक्ष्मी जी का वास माना गया है। लक्ष्मी जी स्वयं कहती हैं कि श्री यंत्र तो मेरा आधार है। इसे सभी यंत्रों में श्रेष्ठ माना गया है। इसलिए इसे यंत्रराज भी कहते हैं। कहा जाता है कि दुनिया में जितने भी प्रकार के श्रीयंत्र हैं, श्रीयंत्र उन सारे यंत्रों में श्रेष्ठ है। सिद्ध श्रीयंत्र रखने से असीमित धन-संपत्ति की प्राप्ति होती हैं तथा व्यक्ति की सारी इच्छाएं पूरी होती हैं। श्रीयंत्र यश और धन की देवी लक्ष्मी को आकर्षित करने वाला शक्तिशाली तथा कभी असफल न होने वाला यंत्र है। कहा तो यह भी जाता है कि जहां श्रीयंत्र स्थापित होता है, वहां देवी भी आने के लिए विवश हो जाती हैं। श्री कृपा यंत्र उपयोगिता श्री कृपा यंत्र घर के पूजा घर में रखने से घर में लक्ष्मी जी का स्थायी निवास बना रहता है। श्री कृपा यंत्र की कृपा से मनुष्य को धन, समृद्धि, यश, कीर्ति, ऐश्वर्य आदि की प्राप्ति होती हैं। श्री कृपा यंत्र के पूजन से रूके हुए कार्य बनते हैं। यंत्र की नियमित रूप से पूजा करने से दुख-दारिद्रय का नाश होता है। श्री कृपा यंत्र विशेषता 1. श्री कृपा यंत्र कूर्म-पृष्ठ पर बना है। शास्त्रों के अनुसार जहां कूर्म हे वहां श्री विष्णु जी स्वयं होते हैं। 2. कूर्म पृष्ठ पर पिरामिड रूप में श्री कृपा यंत्र स्थापित है। 3. श्री कृपा यंत्र पर छत्र रूप में व्यापार वृद्धि यंत्र स्थापित है। 4. श्री ऊँ की शुभता यंत्र के गुणों में वृद्धि कर रही है। श्री कृष्ण कृपा यंत्र श्री कृष्ण कृपा यंत्र की शुभता से आराधक, भाग्यवाद से निकलकर कर्मवाद की ओर उन्मुख होता है। इस यंत्र की पूजा करने पर व्यक्ति का आकर्षण बढ़ जाता है और वह व्यक्ति अपने चारों ओर के लोगों को आकर्षित कर बांधे रखने का कार्य करता है। श्री कृष्ण कृपा यंत्र की शुभता से व्यक्ति पर सदैव के लिए श्री कृष्ण कृपा बनी रहती है। आज के भौतिकवादी युग में हर व्यक्ति के लिए दूसरों को अपनी ओर खींचने हेतु एक प्रभावशाली चुम्बकत्व को कायम रखना अति आवश्यक हो गया है। यह यंत्र इस कार्य में आराधक की मनोवांछित कामना पूरी करता हैं। श्री कृष्ण कृपा यंत्र अदभुत और चमत्कारिक यंत्र है। इस यंत्र के प्रभाव से आराधक दृढ़ इच्छा-शक्ति युक्त व ऊर्जावान बनता है जिससे व्यक्ति हमेशा भीड़ में आकर्षण का केंद्र बना रहता है। यदि किसी व्यक्ति को अपनी प्रतिभा या आकर्षण भाव में वृद्धि, अपने परिवारजनों के बीच मे रिश्तों में सुधार करने की इच्छा होती हैं, उनके लिए श्री कृष्ण कृपा यंत्र एक सरल व सुलभ माध्यम साबित हो सकता है। श्री कृष्ण कृपा यंत्र उपयोगिता 1. श्री कृष्ण कृपा यंत्र के पूजन एवं नियमित दर्शन से भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त कर समाज में स्वयं का अद्वितीय स्थान प्राप्त करें। 2. श्री कृष्ण कृपा यंत्र अलौकिक ब्रह्म्ाडीय ऊर्जा का संचार करता है जो व्यक्ति के भीतर सद्भावना, समृद्धि, सफलता, उत्तम स्वास्थ्य, योग व ध्यान के लिए एक शक्तिशाली माध्यम है। 3. इस यंत्र के पूजन से सामाजिक मान-सम्मान व पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। 4. श्री कृष्ण कृपा यंत्र अपनी शुभता से साधक को सभी क्षेत्रों में अग्रणी रखने मंे सहयोग करता है। 5. यदि किसी व्यक्ति को अपनी प्रतिभा या आकर्षण भाव में वृद्धि, अपने परिवारजनों के बीच में रिश्तों में सुधार करने की इच्छा होती है उसके लिए श्री कृष्ण कृपा यंत्र एक सरल व सुलभ माध्यम साबित हो सकता है। श्री कृष्ण कृपा यंत्र विशेषता 1. श्री कृष्ण कृपा यंत्र कच्छप पीठ पर स्थापित है। 2. इस यंत्र में कूर्म-पृष्ठ पर भगवान श्री कृष्ण बांसुरी-वादन की अवस्था में विराजित हैं। 3. श्री कृष्ण कृपा यंत्र की विशेषता है कि इस यंत्र पर श्री संतान गोपाल यंत्र भी छत्र रूप में स्थापित है। संतान गोपाल यंत्र की नियमित पूजा-उपासना से संतान-सुख में वृद्धि होती हैं। 4. श्री कृष्ण यंत्र पर सर्वोपरि देवाधिदेव भगवान् शंकर का त्रिशूल, यंत्र की शक्तियों में वृद्धि कर रहा है।

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तंत्र एवं दश महाविद्या विशेषांक  अकतूबर 2012

फ्यूचर समाचार पत्रिका के तंत्र एवं दशमहाविद्या विशेषांक में दस महाविद्याओं का संक्षिप्त परिचय व मंत्र, तंत्र एवं दस महाविद्या, तंत्र में प्रयुक्त शब्दों की धारक मारक शक्ति, शिव शक्ति का साक्षात श्री विग्रह श्रीयंत्र, तंत्र का आरंभि अर्थ एवं अंतिम लक्ष्य, तंत्र मंत्र अभिन्न संबंध, तंत्र परिभाषा एवं महत्वपूर्ण प्रयोग, दैनिक जीवन में तंत्र, दश महाविद्याओं का लौकिक एवं आध्यात्मिक विवेचन तथा इनके प्रसिद्ध शक्ति पीठों की जानकारी, तंत्र व् महाविद्या की प्राचीनता, मूल एवं विकास के विभिन्न प्रक्रम, तंत्र के अधिपति देव एवं मूल अधिष्ठात्री देवी, दश महाविद्या रहस्य, इसके अतिरिक्त तंत्र की शिक्षा भूमि तारापीठ, फलादेश में अंकशास्त्र की भूमिका, वास्तु परामर्श, वास्तु प्रश्नोतरी, विवादित वास्तु, यंत्र समीक्षा/मंत्र ज्ञान, हेल्थ कैप्सुल, लाल किताब, ज्योतिष सामग्री, मंत्र चिकित्सा, सम्मोहन, मुहूर्त विचार, टैरो कार्ड, सत्यकथा, अंक ज्योतिष के रहस्य, आदि विषयों पर गहन चर्चा की गई है।

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