न्युमेरो-पामिस्ट्री द्वारा मधुमेह रोग की पहचान

न्युमेरो-पामिस्ट्री द्वारा मधुमेह रोग की पहचान  

हस्तरेखा विज्ञान के आधार पर रोगों की पहचान 1. चंद्र पर्वत पर क्राॅस का चिन्ह हो। 2. हथेली के चंद्र पर्वत पर आड़ी-तिरछी रेखाएं हों। 3. निम्न चंद्र पर्वत पर जीवन रेखा की तरफ जाल, द्वीप या तारा का चिन्ह हो। 4. हथेली के अंगूठे और प्रथम अंगुली के बीच की मांसपेशी सिकुड़ गई हो। अंक विज्ञान के अनुसार रोग ग्रस्त होने वाले व्यक्ति की जन्म तिथि: अधिकांशतः उन लोगों को मधुमेह रोग होने की संभावना अधिक होती है जिनका जन्म किसी भी महीना की 2, 3, 11, 12, 15, 20, 24 तिथियों को हुआ हो:- संभावित रोगी की उम्र, जिसमें व्यक्ति रोग ग्रस्त हो सकते है - 2, 11, 20 तारीख को जन्मे व्यक्ति को जीवन के 44वें, 50वें, 53वें, 59वें, 62वें वर्ष में मधुमेह रोग होने की संभावना बनी रहती है। 3, 12 तारीख को जन्मे व्यक्ति को जीवन के 38वें, 40वें, 47वें, 49वें, 56वें, 58वें, 65वें, 76वें वर्ष में मधुमेह होने की प्रबल संभावना होती है। 15 एवं 24 तारीख को जन्मे व्यक्ति को 32वें, 41वें, 46वें, 50वें, 55वें, 59वें, 64 वें वर्ष में मधुमेह की बीमारी हो सकती है। नोट: रोग ग्रस्त होने की सही उम्र का निर्धारण जीवन रेखा के किस बिंदु पर जाल, द्वीप, तारा अथवा क्राॅस चिन्ह अथवा आड़ी-तिरछी रेखाएं हैं, की स्थिति भलीभांति जाना जा सकता है।


फलादेश तकनीक विशेषांक  अकतूबर 2008

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