अंक और शेयर मार्केटिंग

अंक और शेयर मार्केटिंग  

अंक और शेयर मार्केटिंग राजीव रंजन व्यक्ति अपने मूलांक, भाग्यांक और नामांक के आधार पर अनुकूल कंपनी का चयन करके शेयर मार्केटिंग में सफलता प्राप्त कर सकता है। व्यक्ति अपने नामांक, मूलांक और भाग्यांक की तरह ही कंपनी का मूलांक, भाग्यांक तथा नामांक निकालकर मैत्री चक्र के आधार पर उनके संबंधों का निर्णय करके लाभप्रदता की स्थितियों का निर्णय व निर्माण कर सकता है। इन अंकों के मध्य अधिक शत्रुतापूर्ण संबंध आर्थिक हानि को दर्शाते हैं। और यदि इन अंकों के मध्य एक से अधिक संबंध हों तो व्यक्ति को इस कंपनी के शेयरों से न तो अधिक लाभ होगा और न ही अधिक हानि । किसी भी कंपनी में निवेश करने से पूर्व यह अवश्य देख लें कि कंपनी का नामांक आपके अनुकूल हैं या नहीं। इसके अतिरिक्त अंकशास्त्र में विभिन्न उद्योगों पर अलग-अलग अंकों का आधिपत्य स्वीकार किया गया है। जातक को अपने मूलांक तथा भाग्यांक से मैत्री रखने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में ही निवेश करना चाहिए, जबकि जिन अंकों से शत्रुता हो, उन क्षेत्रों में निवेश करने से बचना चाहिए। इसी प्रकार आईपीओ निकलने की तारीख का भी अपने भाग्यांक से मिलान कर लें कि वह अनुकूल है या नहीं। उदाहदरण के लिए भारती नाम की कंपनी की अंग्रेजी की स्पेलिंग के अनुसार उसका नामांक 6 बनता है अतः इस अंक के साथ यदि आपका नामांक का मेल होता है तभी इस कंपनी में निवेश का निर्णय लें। अन्यथा आपको हानि की संभावना रहेगी।


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