हस्त रेखा विशेषज्ञ से जानिए

हस्त रेखा विशेषज्ञ से जानिए  

प्रश्न: भविष्य उज्ज्वल कब होगा? -रानू सुखवाल, जावद उत्तर: अधिक अच्छा समय 28 वर्ष पूरे हो जाने के बाद रहेगा। मंगल ग्रह आपके लिए अच्छा नहीं है जिसके कारण वैवाहिक जीवन में यदा-कदा सुख, सहयोग में कमी हो सकती है। काल सर्प योग आपकी कुंडली में नहीं है। सोमवार के दिन 6) रत्ती का मोती दायें हाथ की कनिष्ठिका में चांदी की अंगूठी में जड़वाकर धारण करें। शुक्रवार को व्रत करें। मनोकामना पूर्ण होगी। प्रश्न: सफलता पाने के लिए क्या करें? -नितिन सिंह, बदायूं उत्तर: 27 वर्ष की उम्र तक जीवन में समान्यतः संघर्ष बना रहेगा। उसके पश्चात व्यावसायिक उन्नति एवं सुख, शांति में वुद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में स्थायित्व बनेगा। जुलाई 2006 से अप्रैल 2007 में विवाह होने की अच्छी संभावना बन रही है। मोती उतार दें। दायें हाथ की कनिष्ठिका में हीरा अथवा अमेरिकन डायमंड चांदी में शुक्रवार को धारण करें। प्रश्न: आर्थिक स्थिति में सुधार का उपाय बताएं। -अविनाश बिहारी ककरानियां, भुवनेश्वर उत्तर: हाथ में शुक्र तथा चंद्रमा ग्रह दोनों ही कमजोर स्थिति में प्रतीत हो रहे हैं, जिसके कारण मानसिक तथा शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इन ग्रहों के कारण जीवन में दांपत्य सुख में भी कमी हो सकती है। नवंबर 2006 के बाद स्वास्थ्य तथा आर्थिक स्थिति में अवश्य सुधार होगा। नीलम धारण न करें। उसकी जगह उसी अंगुली में हीरा अथवा अमेरिकन डायमंड, चांदी में शुक्रवार को धारण करें। इससे आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। ¬ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः इस मंत्र की एक माला शनिवार से प्रारंभ कर नित्य जप करें। हस्त रेखा विशेषज्ञ से विशेषज्ञ से विशेषज्ञ से जानिए यदि आप हस्त रेखा के आधार पर अपने एक प्रश्न का उत्तर जानना चाहते हैं, तो इसके लिए आप एक सादे कागज पर अपना प्रश्न तथा जन्म विवरण (जन्म तारीख, समय, स्थान सहित) और अपने हाथ का रंगीन चित्र निम्न पते पर भेजिए। उत्तर आगामी किसी अंक में प्रकाशित किया जाएगा। एक से अधिक प्रश्नों के लिए ‘फ्यूचर समाचार’ के कार्यालय में समय निर्धारित कर के हमारे संस्थागत े हस्त रेखा विशेषज्ञ स े संपर्क कीजिए।


घरेलू टोटके विशेषांक  जनवरी 2006

मनुष्य का जन्म स्वतन्त्र हुआ है किन्तु वह हर जगह शृंखला में आबद्ध है। मनुष्य अपने हर जन्म में अपने कर्मों के अनुरूप नकारात्मकता अथवा सकारात्मकता के कारण वर्तमान जीवन में अच्छे या बुरे दिन देखता है। पीड़ा की मात्रा इन्हीं कर्मों के संचय के आधार पर अलग-अलग होती है। इनका प्राकट्य जन्म के समय कुण्डली में होता है जब नौ ग्रह उसके कर्मों के अनुरूप अलग-अलग भावों में स्थान ग्रहण करते हैं। इसके अलावा दशाओं के क्रम भी भावी जीवन की आधारशिला रखते हैं। यदि दशाओं का क्रम अच्छा होता है तो जातक को जीवन में सुख एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है अन्यथा वह दुख झेलने को बाध्य होता है। ज्योतिष में विभिन्न प्रकार की पीड़ा से मुक्ति हेतु अनेक उपायों की चर्चा की गई है। इन्हीं उपायों में से एक महत्वपूर्ण उपाय है टोटका। फ्यूचर समाचार के इस महत्वपूर्ण विशेषांक में विभिन्न प्रकार की समस्याओं से मुक्ति पाने हेतु सामान्य, सरल एवं घरेलू टोटकों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण आलेख समाविष्ट हैं। इन महत्वपूर्ण टोटके के आलेखों में से धन लाभ एवं खुशहाली हेतु, कर्ज से मुक्ति और धन वापसी, मानसिक तनाव दूर करने के लिए, परीक्षा में सफल होने के लिए, शीघ्र विवाह के लिए, सन्तान प्राप्ति के लिए टोटके आदि लेख सम्मिलित हैं।

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