टैरो की रहस्यमयी दुनिया का परिचय

टैरो की रहस्यमयी दुनिया का परिचय  

टैरो की रहस्यमयी दुनिया का परिचय आचार्य दलीप कुमार भविष्य जानने के लिये जन्म-कुंडली, हाथ की रेखायें, जन्म तिथि व अंकों की सहायता से भविष्यवाणी की जाती है। इन सब विधाओं के अतिरिक्त भविष्य जानने की एक अन्य विधि टैरो कार्ड रीडिंग है। टैरो भविष्य के रहस्य जानने की एक अनोखी विद्या है। टैरो कार्ड कुछ ताश के पत्तों की तरह होते हैं। इन टैरो कार्डों पर विभिन्न प्रकार के रंगीन चित्र बने होते हैं जिससे रहस्यमयी चित्रो व संकेतों के माध्यम से प्रश्नकर्ता के सवालों का उत्तर दिया जाता है। टैरो कार्ड को लगभग 14वीं शताब्दी में मनोरंजन के लिये इटली में इस्तेमाल किया गया था। लेकिन धीरे-धीरे यह रहस्यमयी विद्या यूरोप में फैल गई तथा लोगों ने टैरो को एक गूढ़ विद्या के रूप में पहचानना शुरू किया। 18वीं शताब्दी में टैरो कार्ड इंग्लैंड व फ्रांस में बहुत लोकप्रिय हो गया तथा टैरो कार्ड का प्रयोग प्रतीकात्मक चित्रों व संकेतों की सहायता से भविष्यवाणी के लिये किया गया जो कुछ समय पश्चात एक गूढ दार्शनिक विद्या का हिस्सा बनता गया। टैरो कार्ड में बने चित्र, अंक, रंग, संकेत तथा पांच तत्व पृथ्वी, आकाश, जल, अग्नि व वायु भविष्यवाणी में बहुत सहायक होते हैं। टैरो एक ऐसी प्रणाली है जिसमें डेक से उठाए गये कार्ड के चित्रों व संकेतों के अर्थ पर आधारित भविष्यवाणी की जाती है क्योंकि डेक से निकाले गये कार्ड पर दिये गये संकेत वर्तमान समय में प्रश्नकर्ता की मानसिक स्थिति दर्शाते हैं। टैरो पढ़ने के लिए किसी गणित की आवश्यकता नहीं होती। इसीलिये टैरो पढ़ने वालों में महिलायें अधिक होती है क्योंकि महिलाओं में पूर्वानुमान की जन्मजात क्षमता पुरूषों के मुकाबले अधिक होती है। टैरो रीडिंग में गणित न होने के कारण टैरो रीडर्स की भविष्यवाणी अलग-अलग होती है। टैरो कार्ड पर बहुत ही रहस्यमयी व सांकेतिक भाषा में काल्पनिक आकृतियां बनी होती है जिन्हे कार्ड रीडर अपने अनुमान व दैवीय कृपा के कारण प्रश्नकर्ता को व्याख्या करके सही उत्तर बताते हैं। टैरो में 78 कार्ड होते हैं जिनमें 22 कार्ड मेजर अर्काना व 56 कार्ड माइनर अर्काना होते हैं। अर्काना लेटिन भाषा के शब्द आर्कान्स से निकला है। आर्कान्स का अर्थ होता है - रहस्यमयी। 56 माइनर कार्ड में से 16 कार्ड रायल अर्काना या कोर्ट कार्ड कहलाते हैं। जैसे किंग, क्वीन, नाइट व पेज। मेजर अर्काना के 22 कार्ड निम्नलिखित चीजों को व्यक्त करते हैं। माइनर अर्काना में 56 कार्ड होते हैं जिन्हें वैंडस, कप्स, सोडर्स व पैन्टाकल्स नामक 4 भागों में बांटा गया है। सभी में अंकों वाले दस कार्ड तथा चार कार्ड किंग, क्वीन नाइट व पेज नाम से होते हैं। माइनर अर्काना में अंकों का भी बहुत महत्त्व होता है। 1. वैंड्स: वैड्स कार्ड ऊर्जा, आत्मविश्वास, जोखिम, इच्छाशक्ति, ताकत, सृजनशीलता व रचनात्मकता को अभिव्यक्त करते हैं। 2. कप्स: कप्स कार्ड कामनाओं, इच्छाओं, वैवाहिक जीवन, प्रेम, मानवीयता, आध्यात्मिकता को अभिव्यक्त करते हैं। 3. सोडर्स: सोडर्स कार्ड घृणा, शत्रुता, गति, साइस,तर्क, न्याय, योद्धा व मानसिक स्पष्टता को अभिव्यक्त करते हैं। 4. पेन्टाकल्स: पेन्टाकल्स कार्ड व्यापार, वित, उद्योग, स्वास्थ्य, संपत्ति व रचनात्मकता को अभिव्यक्त करते हैं। टैरो पढ़ते समय वातावरण शांत होना चाहिए तथा प्रश्नकर्ता को अपनी पसंद अनुसार कार्ड चुनने की छूट देना अधिक उपयोगी होता है। टैरो द्वारा अधिकांश प्रश्नों का उत्तर ‘‘हां’’ या ‘‘नहीं’’ में दिया जाता है क्योंकि टैरो आपको भविष्य में होने वाली घटनाओं के मार्गदर्शन में सहायता कर सकता है लेकिन घटनाओं का समय-निर्धारण नहीं कर सकता है। जब व्यक्ति किसी उलझन के कारण मस्तिष्क में किसी दोराहे पर खड़ा होता है कि कौन सी राह चुनुं तब टैरो उसकी उलझन दूर करता है। एक प्रश्न पूछने के कम-से-कम दो घंटे तक दूसरा प्रश्न नहीं पूछना चाहिए। लेकिन भविष्य में घटने वाली घटनाओं का समय जानने के लिए ज्योतिष, विज्ञान अधिक उपयोगी है, जिसमें नक्षत्रों के आधार पर भविष्यवाणी की जाती है। टैरो मार्ग दर्शन के लिए अधिक उपयोगी साबित होता है। च्ह 45 टैरो कार्ड प्रयोग विधि फ्यूचर पाॅइंट टैरो एक प्राचीन ध्यानस्थ साधना है, जिससे साधना करने वाला चेतना के ऊपरी सतहों तक पहुंच सकता है। टैरो के पŸाों के रहस्य में ज्योतिष, अंक ज्योतिष, प्रतीकवाद तथा गुह्य विद्या का मिश्रण है, जिससे भूत, भविष्य तथा वर्तमान में गहरी पहुंच की क्षमता प्राप्त होती है। टैरो के पŸाों का इस्तेमाल भविष्य कथन, चिकित्सा तथा परामर्श देने के लिए किया जा सकता है। इन पŸाों से भूत, वर्तमान, भविष्यफल, कारण तथा कालादि का गंभीर ज्ञान भी होता है और इनका उपयोग फलादेश के लिए भी किया जा सकता है। आमतौर पर टैरो के हर पŸो का प्रतिनिधित्व एक चित्र करता है, जिसका, भविष्य कथन हेतु, अलग-अलग उपयोग किया जाता है और क्रम में इस्तेमाल किये जाने पर ये पŸो एक अज्ञात कहानी सामने लाते हैं या फलादेश में सहयोग देते हैं। फैलाव: टैरो पŸाों के कई तरह के फैलाव होते हैं, जिनमें से किसी एक का चयन प्रयोजन व आवश्यकता के अनुसार किया जा सकता है। एक ही पŸाा: इसका इस्तेमाल विशेष कर ऐसे प्रश्नों के लिए किया जाता है, जिनका जवाब ‘हां’ या ‘नहीं’ में दिया जा सकता है। इसके लिए समूह में से एक पŸाा लिया जाता है, जिससे ‘हां’ या ‘नहीं’ में सीधा जवाब प्रस्तुत किया जा सकता है। तीन पŸाों का फैलाव: इस फैलाव द्वारा अधिकतर प्रश्नकर्Ÿाा पर ध्यान लगाया जाता है, जैसे वह क्या सोचता है और उसकी परिस्थितियां कैसी हैं? उसके लिए कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं? एक खास समाधान चुने जाने पर वह उसके अनुरूप स्वयं को ढाल सकेगा या नहीं? सेल्टिक क्राॅस फैलाव: इसके लिए 10 पŸाों का उपयोग किया जाता है। इस फैलाव का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। यह प्रश्नकर्Ÿाा की परिस्थितियों, अवस्था, विभिन पक्षों के कारण तथा प्रभाव, उसका व्यक्तित्व आदि तथा अंततः भविष्यफल का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है। ज्योतिषीय फैलाव: यह 12 पŸाों का फैलाव है और प्रत्येक पŸाा ज्योतिष के 12 भावों का प्रतिनिधित्व करता है और व्यक्तित्व, धन, सामाजिक जीवन, संपŸिा, विद्या, शत्रु, वैवाहिक जीवन, आयु, भाग्य, व्यवसाय, आय व व्यय के समस्त पक्षों पर विस्तृत विश्लेषण प्राप्त किया जा सकता है।



वास्तु विशेषांक  December 2016

ज्योतिषीय पत्रिका फ्यूचर समाचार के इस वास्तु विशेषांक में बहुत अच्छे विवाह से सम्बन्धित लेखों जैसे वास्तुशास्त्र का वैज्ञानिक आधार, वास्तु निर्माण काल पुरुष योग, वास्तु दोष शांति हेतु कुछ सरल उपाय/टोटक,वीथिशूल: शुभाशुभ फल एवं उपाय आदि। इसके अतिरिक् प्रत्येक माह का राशिफल, वास्तु फाॅल्ट, टोटके, विचार गोष्ठी आदि भी पत्रिका का आकर्षण बढ़ा रहे हैं।

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