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औऔद्योगिक वास्तु में भी वास्तु के मूलभूत सिद्धांत वही रहते हैं। व्यावसायिक वास्तु की तरह ही औद्योगिक वास्तु में भी सिंहमुखी भूखंड लिया जा सकता है। औद्योगिक वास्तु में बेसमेंट नहीं बनाना चाहिए। व्यावसायिक वास्तु की तरह ही कुआं, बोरिंग, पूजा घर, बगीचा, रसोई घर, जेनरेटर, सीढ़ियां, ओवरहैड टैंक, शौचालय, भोजनालय, भण्डारण व कोषागार आदि अपनी निश्चित दिशाओं में ही बनाने चाहिए। इसके अतिरिक्त कुछ विशेष रूप से उपयोगी निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए। औद्योगिक वास्तु के 24 सूत्र: Û औद्योगिक भूखंड के चारों ओर मार्ग होना शुभ है। Û कारखाने का मुख्य द्वार पूर्व या उŸार में सर्वश्रेष्ठ होता है। Û कारखाने का मुख्य भवन भूखंड के पश्चिमी या दक्षिणी भाग में इस प्रकार बनाना चाहिए कि पूर्व एवं उŸार में खाली जगह अधिक रहे। Û भूखंड के ब्रह्म स्थान पर कोई काॅलम, बीम या अन्य निर्माण नहीं करना चाहिए। Û कारखाने में भारी मशीनें दक्षिण, पश्चिम या नैऋत्य कोण में लगा सकते हैं। Û कारखाने के आग्नेय कोण में जनरेटर, बायलर, भट्टी व बिजली के मीटर आदि लगा सकते हैं। Û कारखाने के नैऋत्य में कच्चे माल का स्टोर बना सकते हैं। Û कारखाने का तैयार माल वायव्य कोण में रखना चाहिए, जिससे जल्दी बिकेगा। Û कारखाने का प्रशासनिक कार्यालय उŸार दिशा में बना सकते हैं। Û मशीनों की मरम्मत व रखरखाव की वर्कशाॅप पश्चिम में बना सकते हैं। Û रिसर्च एवं डवलपमेंट यूनिट पूर्व दिशा में बना सकते हैं। Û असेम्बलिंग यूनिट पूर्व या उŸार में बना सकते हैं। Û कर्मचारियों के स्टाफ क्वार्टर वायव्य दिशा में तथा प्रशासनिक अधिकारियों के क्वार्टर नैऋत्य व पश्चिम में बना सकते हैं। Û हल्के वाहनों की पार्किंग आग्नेय में तथा भारी वाहनों की पार्किंग वायव्य में बना सकते हैं। Û कारखाने की चिमनी कभी भी ईशान कोण में नहीं होनी चाहिए। Û केमिकल इत्यादि दक्षिण दिशा में रखने चाहिए। Û वेल्डिंग करने के कार्य आग्नेय दिशा में कर सकते हैं। Û लोहे का भंडारण पश्चिम में करना चाहिए। Û दूध व दही का भंडारण वायव्य में करना चाहिए। Û कारखाने के कबाड़ को साथ के साथ बेच देना चाहिए, इकट्ठा नहीं करना चाहिए। Û बीम के नीचे कोई भी कर्मचारी या मशीन नहीं होनी चाहिए। Û कार्य करते समय कर्मचारियों का मुंह उŸार या पूर्व की ओर होना चाहिए। Û कारखाने के ईशान कोण में कभी भी अंधेरा या गंदगी नहीं होनी चाहिए। Û भूखंड के ब्रह्म स्थान पर कोई भारी सामान या भारी मशीनरी नहीं रखनी चाहिए।

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