अक्सर लोग कहते हैं कि मेरे सारे कार्यों में विघ्न पड़ रहे हैं, पता नहीं किसकी नजर लग गई है, इसी प्रकार मांओं को अक्सर अपने बच्चों की नजर उतारते हुए देखा जाता है। घर में नई बहु आती है, नया मकान बनाते हंै, कोई नई दुकान, शुरू करते हैं या वाहन खरीदते हैं तो उस पर किसी की बुरी नजर न लगे इसके लिए लोग कोई न कोई उपाय अवश्य करते हंै। नजर जब भी उतारें, उस दिन शनिवार, रविवार या फिर बुधवार ही होना चाहिए। अन्य दिनों में उतारी गई नजर का प्रभाव नगण्य ही रहता है। दैनिक जीवन में नजर उतारने के अनेक उपाय किए जाते हैं जिनमें से कुछ का उल्लेख यहां प्रस्तुत है। Û बच्चे को हनुमान जी का दर्शन कराएं एवं रात को तीन, पांच या सात साबुत लाल मिर्च लेकर बच्चे के ऊपर से ओछार कर अग्नि में जलाएं। अगर नजर लगी है तो मिर्च जलने पर उसकी तेज गंध नहीं आएगी। Û शनिवार को गिलास में दूध डालकर बच्चे को पिलाएं एवं थोड़ा दूध बचाकर काले कुत्ते को पिलाएं। यदि बच्चे ने खाना पीना भी छोड़ दिया हो तो खाना पीना शुरू कर देगा। इस उपाय को रात में करें। कम से कम तीन शनिवार अवश्य करें। Û नजर लगने की स्थिति में यदि दिन प्रतिदिन बालक कमजोर होता जा रहा हो तो शुक्रवार की रात को आधी कच्ची रोटी बनाकर उस पर थोड़ा सरसों का तेल लगाकर बालक के तकिये के नीचे रख दें, शनिवार प्रातःकाल उसे कौओं को खिला दंे लेकिन बालक को इस बात की जानकारी न लगे। गुप्त रूप से करें। नित्य प्रातःकाल हनुमान जी के दर्शन करें एवं हनुमान जी के चरणों का सिंदूर अपने ललाट पर लगाएं, कभी किसी की नजर नहीं लगेगी। Û शनिवार या बुधवार को एक काले कपड़े में जटा सहित पानी वाला नारियल, कच्चे लकड़ी के दो-चार कोयले एवं एक सिक्का बांधकर नजर लगने वाले के ऊपर घुमाकर सूर्यास्त के कुछ समय पूर्व नदी में विसर्जित करें। कुएं या तालाब में न डालें। Û यदि वाहन चलाते समय बार-बार दुर्घटनाएं होती हों तो वाहन पर प्रत्येक शनिवार को हनुमान जी या भैरव बाबा पर चढ़ी हुई माला चढ़ाएं। कार में दुर्घटना नाशक यंत्र लगाएं। Û अत्यधिक प्रयास करने पर भी काम नहीं बन रहे, तो यह इस बात का संकेत है कि आपको किसी की नजर लगी है। ऐसी स्थिति में शुक्ल पक्ष के किसी बुधवार को मां दुर्गा को अपने हाथों से मिट्टी का एक शेर अर्पित करें, इससे आपकी नजर उतर जाएगी एवं आपके कार्य बनने लगेंगे। Û दुकान की नजर उतारने के लिए शनिवार को 7 हरी मिर्चों और एक नींबू लें। धागे के एक टुकड़े में पहले 4 मिर्चें फिर नींबू उसके बाद शेष 3 मिर्चें पिरोकर दुकान के किसी भी कोने में लगा दें। प्रत्येक शनिवार को इसे बदलते रहें। Û यदि लाख प्रयास करने पर भी दुकान की बिक्री में वृद्धि नहीं हो रही हो तो संभव है दुकान को नजर लगी हो। ऐसी स्थिति में प्रत्येक शनिवार को प्रातःकाल दुकान में बने मंदिर में खाने की कोई भी नमकीन चीज रख दें जैसे पकौड़ा, कचैड़ी, समोसा आदि सूर्यास्त के बाद इसे किसी काले कुत्ते को खिला दें। ऐसा कुछ शनिवार करने से परिणाम स्वतः ही दिखने लगेगा। Û मिट्टी के दो खाली काले कुल्लड़ लें या फिर उन्हें काले रंग से रंग लें। एक में साबुत नमक एवं दूसरे में साबुत मूंग की दाल भरकर दुकान में ऐसी जगह रख दें जहां ग्राहकों की दृष्टि उन पर न पड़े, दुकान पर कभी भी किसी की नजर नहीं लगेगी। यह क्रिया बुधवार को करें एवं प्रत्येक 3-4 माह में नमक एवं मूंग की दाल बदलते रहें। Û सरसों का तेल लेकर अपनी दुकान पर रख दें। शनिवार को जब रात में दुकान बंद करें तो उसके बाहर उस तेल का दीपक जलाएं। प्रत्येक शनिवार को ऐसा करते रहें। यदि दुकान के बाहर दीपक जलाने में असुविधा हो तो दुकान में दीपक तैयार करके पीपल के पेड़ पर जलाएं।


पराविद्याओं को समर्पित सर्वश्रेष्ठ मासिक ज्योतिष पत्रिका  सितम्बर 2006

मनुष्य को जीवन के हर क्षेत्र में नाना प्रकार के कष्ट, परेशानियों एवं बाधाओं से दो-चार होना पड़ता है। इन्हें अनेक स्रोतों से परेशानियां एवं विपत्ति का सामना करना पड़ता है। कभी अशुभ ग्रह समस्याएं एवं कष्ट प्रदान करते हैं तो कई बार काला जादू अथवा भूत-प्रेत से समस्याएं उत्पन्न होती हैं। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में प्रबुद्ध लेखकों ने अपने आलेखों में इन्हीं सब महत्वपूर्ण बातों की चर्चा विस्तार से की है तथा इनसे मुक्ति प्राप्त करने के नानाविध उपाय बताए हैं। महत्वपूर्ण आलेखों की सूची में संलग्न हैं- क्या है बंधन और उनके उपाय, यदि आप को नजर लग जाए, शारीरिक बाधाएं हरने वाली वनस्पतियां, भूत-प्रेत बाधा, मंत्र शक्ति से बाधा मुक्ति, कष्ट निवारण, बाधा के ज्योतिषीय उपाय व निवारण, कल्याणकारी जीवों के चित्र लगाएं बाधाओं को दूर भगाएं आदि। इन आलेखों के अतिरिक्त अन्य महत्वपूर्ण आलेख जीवन के बहुविध क्षेत्र से सम्बन्धित हैं तथा इन्हें स्थायी स्तम्भों में स्थान प्रदान किया गया है।

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