ग्रह स्थिति एवं व्यापार

ग्रह स्थिति एवं व्यापार  

मासारंभ में सूर्य कर्क राशि में, चन्द्रमा वृष राशि में, मंगल मिथुन राशि में, बुध मिथुन राशि में, बृहस्पति मिथुन राशि में, शुक्र सिंह राशि में, शनि तुला राशि में, राहु तुला राशि मंे, केतु मेष राशि में, नेप्च्यून कुंभ में, यूरेनस मीन में, प्लूटो धनु राशि में होंगे। गोचर फल विचार मासारंभ मं कालसर्प योग का बनना और सूर्य पर शनि की दृष्टि का होना, यह योग राजनीति में संघर्षमय वातावरण को दर्शाता है। वरिष्ठ राजनीतिज्ञों के लिए यह परेशानी दायक रहेगा लेकिन शनि पर गुरु की दृष्टि होने से समस्याओं में कुछ कमी भी लाएगा। 6 अगस्त को भौमवासरी अमावस्या का होना भी राजनीति में अशुभ फलदायक है। किसी वरिष्ठ राजनेता के आकस्मिक निधन या सत्ता परिवर्तन का योग बनता है। यह योग राजनीतिज्ञों में परस्पर विरोधाभास को भी बढ़ावा देगा। 11 अगस्त को शुक्र का कन्या राशि में प्रवेश करना और राहु व शनि का द्विद्वादश योग में आना तथा मंगल से दृष्टित होना फिल्मी सितारों में अशान्ति का माहौल पैदा करेगा। कहीं अत्यधिक वर्षा और कहीं सूखे से जन साधारण के लिए नुकसानदायक रहेगा। दैनिक उपयोगी वस्तुओं में अत्यधिक महंगाई से जनता के मन में विद्रोह की भावना पैदा करेगा। सूर्य का 16 अगस्त को सिंह राशि में प्रवेश करना तथा मंगल का 18 अगस्त को कर्क राशि में आकर मंगल से परस्पर दृष्टि सम्बन्ध बनाना पड़ोसी देशों से मतभेदों और तनाव को बढ़ावा देगा तथा सीमाओं पर सैनिकों में हलचल को बढ़ाकर युद्ध मय बादलों की काली घटाओं को लाएगा। उग्रवादी तत्वों के उग्र कार्यों से आम जनता में भय तथा अशान्ति का वातावरण पैदा करेगा। योग अग्निकाण्ड, भूस्खलन, यान दुर्घटना इत्यादि प्राकृतिक प्रकोपों से जन, धन के लिए हानिकारक रहेगा। सोना व चांदी मासांरभ में 2 अगस्त को सूर्य का अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश कर सर्वतोभद्रचक्र द्वारा अनुराधा, मघा तथा धनिष्ठा नक्षत्रों को वेधना बाजारों में तेजी का योग दर्शाता है। 3 अगस्त को मंगल का पुनर्वसु नक्षत्र पर आकर दक्षिण वेध से पू.भानक्ष्त्र को वेधना बाजारों में तेजी का वातावरण बनाए रखेगा। 4 अगस्त को बुध का कर्क राशि में आकर सूर्य से राशि सम्बन्ध बनाना तथा शनि से दृष्टित होना बाजारों में उतार-चढ़ाव के साथ कुछ तेजी का ही योग बनाएगा। 6 अगस्त को भौमवासरी अमावस्या का आना तथा बुध का पुष्य नक्षत्र पर आकर ज्येष्ठा नक्षत्र को वेधना बाजारों में मन्दी की लहर चला देगा। फिर भी व्यापारी वर्ग बाजार की वर्तमान स्थिति को विशेष ध्यान में रखें। 8 अगस्त को चन्द्र दर्शन गुरुवार के दिन 30 मुहूर्ती में होना तथा शुक्र का उ.फा. नक्षत्र पर आकर रेवती नक्षत्र को वेधना बाजारों में पूर्व उतार-चढ़ाव का ही रुख बनाए रखेगा। 11 अगस्त को शुक्र का कन्या राशि में आकर मंगल से दृष्टित होना बाजार में एकदम तेजी की लहर चला देगा। 12 अगस्त को बुध का अस्त होना तेजी के रुझान को आगे बढ़ाएगा। 14 अगस्त को बुध का अश्लेषा नक्षत्र पर आकर अनुराधा नक्षत्र को वेधना तेजी की लहर को आगे चलाएगा। 16 अगस्त को भाद्रपद मास की संक्रान्ति का 30 मुहूर्ती में होना तथा सूर्य का मघा नक्षत्र में आकर भरणी, श्रवण तथा अश्लेषा नक्षत्रों को वेधना बाजारों में तेजी के वातावरण में वृद्धि करेगा। 20 अगस्त को शुक्र का हस्त नक्षत्र में आकर उ.भा. नक्षत्र को वेधना तथा बुध का मघा नक्षत्र पर आकर भरणी नक्षत्र को वेधना बाजारों में मंदी की लहर चला देगा। 23 अगस्त को मंगल का पुष्य नक्षत्र पर आकर दक्षिण वेध से शतभिषा नक्षत्र को वेधना सोने में विशेषतया तेजी का रुझान बना देगा। 27 अगस्त को बुध का पू.फा. नक्षत्र में आकर अश्विनी नक्षत्र को वेधना बाजारों में मन्दी का रुख ही बनाएगा। 30 अगस्त को सूर्य का पू.फा. नक्षत्र में आकर अश्विनी, अभिजित और पुष्य नक्षत्रों को वेधना चांदी में उतार-चढ़ाव बनाएगा तथा सोने को पूर्ववत ही रखेगा। 31 अगस्त को शुक्र का चित्रा नक्षत्र में पू.भा. नक्षत्र को वेधना बाजारों में पूर्व रुख को बनाए रखेगा। गुड़ व खांड़ मासांरभ में 2 अगस्त को सूर्य का अश्लेषा नक्षत्र पर आकर अनुराधा, मघा व धनिष्ठा नक्षत्रों को वेधना बाजारों में तेजी का ही योग बनाएगा। 3 अगस्त को मंगल का पुनर्वसु नक्षत्र पर आकर दक्षिण वेध से पू.भा. नक्षत्र को वेधना तेजी के रुख में और वृद्धि करेगा। 4 अगस्त को बुध का कर्क राशि में आकर सूर्य से राशि सम्बन्ध बनाना तथा शनि से दृष्टित होना बाजारों में उतार-चढ़ाव के साथ पूर्व रुख को बनाए रखेगा। 6 अगस्त को भौमवासरी अमावस्या का आना तथा बुध का पुष्य नक्षत्र पर आकर ज्येष्ठा नक्षत्र को वेधना बाजार में मन्दी का रुख बनाएगा। फिर भी व्यापारी वर्ग बाजार की वर्तमान स्थिति को विशेष ध्यान में रखें। 8 अगस्त को गुरुवार के दिन चन्द्र दर्शन 30 मुहूर्ती में होना तथा शुक्र का उ.फा. नक्षत्र पर आकर रेवती नक्षत्र को वेधना बाजारों में पूर्व रुख को ही बनाए रखेगा। 11 अगस्त को शुक्र का कन्या राशि में आकर मंगल से दृष्टित होना खांड़ में तेजी की लहर चलाएगा। 12 अगस्त को बुध का अस्त होना बाजारों में तेजी का रूझान बनाए रखेगा। 14 अगस्त को बुध का अश्लेषा नक्षत्र पर आकर अनुराधा नक्षत्र को वेधना बाजार में तेजी के रुख में और वृद्धि करेगा। 16 अगस्त को भाद्रपद मास की संक्रान्ति का 30 मुहूर्ती में होना तथा सूर्य का मघा नक्षत्र पर आकर भरणी, श्रवण तथा अश्लेषा नक्षत्रों को वेधना बाजारों में तेजी की ही लहर चला देगा। 20 अगस्त को शुक्र का हस्त नक्षत्र में आकर उ.भा. नक्षत्र को वेधना तथा बुध का मघा नक्षत्र पर आकर भरणी नक्षत्र को वेधना बाजारों में मन्दी का योग बना देगा। 23 अगस्त को मंगल का पुष्य नक्षत्र पर आकर दक्षिण वेध से शतभिषा नक्षत्र को वेधना बाजारों में उतार-चढ़ाव अधिक बनाए रखेगा। 27 अगस्त को बुध का पू.फा. नक्षत्र पर आकर अश्विनी, अभिजित और पुष्य नक्षत्रों को वेधना बाजारों में पुनः तेजी का ही माहौल बना देगा। 31 अगस्त को शुक्र का चित्रा नक्षत्र में आकर पू.भा. नक्षत्र को वेधना बाजारों में पूर्व रुख को आगे बनाए रखेगा। अनाज व दलहन मासारंभ में 2 अगस्त को सूर्य का अश्लेषा नक्षत्र में आकर अनुराधा, मघा व धनिष्ठा नक्षत्रों को वेधना गेहूँ, जौ, चना, ज्वार, बाजरा इत्यादि अनाजों तथा मँग, मौठ, मसूर, अरहर इत्यादि दलहन में तेजी का ही योग दर्शाता है। 3 अगस्त को मंगल का पुनर्वसु नक्षत्र पर आकर दक्षिण वेध से पू.भा. नक्षत्र को वेधना बाजारों में पूर्व रुख को आगे बढ़ाएगा। 4 अगस्त को बुध का कर्क राशि में आकर सूर्य से राशि सम्बन्ध बनाना तथा शनि से दृष्टित होना उतार-चढ़ाव के साथ कुछ तेजी का वातावरण बनाएगा। 6 अगस्त को भौमवासरी अमावस्या का होना तथा बुध का पुष्य नक्षत्र पर आकर ज्येष्ठा नक्षत्र को वेधना बाजारों में तेजी की लहर चलाएगा। 8 अगस्त को गुरुवार के दिन चन्द्र दर्शन 30 मुहूर्ती में होना तथा शुक्र का उ.फा. नक्षत्र पर आकर रेवती नक्षत्र को वेधना बाजारों में उतार-चढ़ाव अधिक बनाएगा। 11 अगस्त को शुक्र का कन्या राशि में आकर मंगल से दृष्टित होना गेहूँ, जौ, चना, ज्वार, इत्यादि अनाजों में तेजी की लहर चला देगा। 12 अगस्त को बुध का अस्त होना बाजार के पूर्व रुख को बनाए रखेगा। 14 अगस्त को बुध का अश्लेषा नक्षत्र पर आकर अनुराधा नक्षत्र को वेधना मँग, मौठ, मसूर इत्यादि दलहन में तेजी का रुझान बनाएगा। 16 अगस्त को भाद्रपद मास की संक्रान्ति का 30 मुहूर्ती में होना तथा सूर्य का मघा नक्षत्र पर आकर भरणी, श्रवण तथा अश्लेषा नक्षत्रों को वेधना, गेहँ, जौ इत्यादि अनाजों में मन्दी की लहर चला देगा। 20 अगस्त को शुक्र का हस्त नक्षत्र में आकर उ.भा. नक्षत्र को वेधना तथा बुध का मघा नक्षत्र पर आकर भरणी नक्षत्र को वेधना बाजारों में मन्दी का वातावरण बना देगा। 23 अगस्त को मंगल का पुष्य नक्षत्र पर आकर दक्षिण वेध से शतभिषा नक्षत्र को वेधना बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल अधिक बनाएगा। 27 अगस्त को बुध का पू.फा. नक्षत्र में आकर अश्विनी नक्षत्र को वेधना गेहँू, जौ, चना, ज्वार इत्यादि अनाजों तथा मूँग, मौठ, मसूर इत्यादि दलहन में मन्दी की लहर चला देगा। 30 अगस्त को सूर्य का पू.फा. नक्षत्र में आकर अश्विनी, अभिजित व पुष्य नक्षत्रों को वेधना बाजारों में कुछ तेजी की लहर चला देगा। घी व तेलहन मासारंभ में 2 अगस्त को सूर्य का अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश कर अनुराधा, मघा तथा धनिष्ठा नक्षत्रों को वेधना बाजारों में तेजी का योग दर्शाता है। 3 अगस्त को मंगल का पुनर्वसु नक्षत्र पर आकर दक्षिण वेध से पू. भा. नक्षत्र को वेधना तेजी का ही रुझान बनाएगा। 4 अगस्त को बुध का कर्क राशि में आकर सूर्य से राशि सम्बन्ध बनाना तथा शनि से दृष्टित होना बाजारों में उतार-चढ़ाव के साथ कुछ मन्दी का रुख बनाएगा। 6 अगस्त को भौमवासरी अमावस्या का आना तथा बुध का पुष्य नक्षत्र पर आकर ज्येष्ठा नक्षत्र को वेधना कुछ तेजी का योग बनाएगा। व्यापारी वर्ग बाजार की वर्तमान स्थिति को विशेष ध्यान में रखें। 8 अगस्त को चन्द्र दर्शन 30 मुहूर्ती गुरुवार के दिन होना तथा शुक्र का उ.फा. नक्षत्र पर आकर रेवती नक्षत्र को वेधना बाजारों में उतार-चढ़ाव की स्थिति को बनाए रखेगा। 11 अगस्त को शुक्र का कन्या राशि में आकर मंगल से दृष्टित होना तिलहन के बाजार में तेजी की लहर चला देगा। 12 अगस्त को बुध का अस्त होना घी में मन्दी का योग बनाता है। 14 अगस्त को बुध का अश्लेषा नक्षत्र पर आकर अनुराधा नक्षत्र को वेधना बाजारों मंे तेजी की लहर चला देगा। 16 अगस्त को भाद्रपद मास की संक्रान्ति का 30 मुहूर्ती मं होना तथा सूर्य का मघा नक्षत्र में आकर भरणी, श्रवण तथा अश्लेषा नक्षत्रों को वेधना बाजारों में पूर्व चल रहे रुख को बनाए रखेगा। 20 अगस्त को शुक्र का हस्त नक्षत्र में आकर उ.भा. नक्षत्र को वेधना घी में तेजी का रूझान बनाएगा। इसी दिन बुध का मघा नक्षत्र पर आकर भरणी नक्षत्र को वेधना तिलहन में उतार-चढ़ाव के साथ मन्दी का योग बनाएगा। 23 अगस्त को मंगल का पुष्य नक्षत्र पर आकर दक्षिण वेध से शतभिषा नक्षत्र को वेधना बाजारों में पूर्व रुख को बनाए रखेगा। 27 अगस्त को बुध का पू.भा. नक्षत्र में आकर अश्विनी नक्षत्र को वेधना बाजारों में पुनः तेजी की लहर ला देगा। 30 अगस्त को सूर्य का पू. फा. नक्षत्र पर आकर अश्विनी, अभिजित तथा पुष्य नक्षत्रों को वेधना बाजारों में आगे तेजी का वातावरण बनाए रखेगा।


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