शनि का शुभत्व और कृपा पाएं

शनि का शुभत्व और कृपा पाएं  

शनि का शुभत्व और कृपा पाएं नये वर्ष में डॉ. विभाश्री अधिकांश लोग शनि पीड़ा से त्रस्त होते हैं। शनि पीड़ा की स्थिति में अगर व्यक्ति निम्न उपाय करे तो पीड़ा से मुक्ति तथा शनि कृपा प्राप्त हो जाए। नित्य दक्षिण दिशा को प्रणाम करें और दक्षिण में ही सिरहाना करके सोएं। पश्चिम दिशा में मुख करके सारे कार्यों का संपादन करें। अपने देवालय में शनिदेव का आसन जरूर बनाएं और उनकी तस्वीर के समक्ष नित्य तेल का दीप जलाकर उनके मंत्र क्क शं शनैश्चराय नमः का जप करें। प्रत्येक शुभकार्य के पूर्व बाधा निवारण की प्रार्थना करें। किसी भी दिन किसी भी समय शनिदेव के नाम से पहले पीपल पर पानी वाला नारियल फोड़कर आधा पीपल पर छोड़ दें और आधा लोगों को बांट दें। यह सब करने के बाद कार्य के लिए आगे बढ़ें। प्रति शनिवार को काला वस्त्र पहनें। रात्रि में सोते समय आंखों में सुरमा लगाएं और सरसों के तेल में कपूर मिलाकर बालों में तथा शरीर पर लगाकर सोएं। कोई शुभ कार्य भी शनिवार को ही करें। लोहा, कोयला, तेल, पेट्रोल, चमड़ा, मशीनरी, फैक्ट्री, रसायन, मेडिकल, वाहन, गैरेज, ऑटो पार्ट्स, कृषि, खाद्य सामग्री, कृषि औजार, ठेकेदारी, निर्माण कार्य, थोक व्यापार, हार्डवेअर, पेन्ट्स, वेल्डिंग, चाय या काली वस्तु से जुड़ा व्यापार करें, लाभ मिलेगा। कोई भी व्यापारिक सामग्री शनिवार या अमावस्या के दिन न खरीदें। महिलाओं से अपने भाग्योदय के लिए सहयोग, समर्थन और मार्गदर्शन प्राप्त करें, प्रगति होगी। अपने से काफी बड़ी उम्र के व्यक्ति के साथ कार्य-व्यापार करें। अपने से छोटी जाति के निर्बल व्यक्ति की मदद करके उसे अपना सहयोगी बनाकर कार्य करें, लाभ होगा। सड़क के किनारे बैठ कर जूते चप्पल बनाने जोड़ने का कार्य करने वाले मोची (चमार) जाति के व्यक्ति को एक नया छाता श्रद्धापूर्वक दान करें। दीपावली के दिन इसी जाति के किसी संपन्न श्रेष्ठ व्यक्ति से सहयोग लेकर लाभ उठाएं। शनिवार को थोड़ा तेल और एक-एक मुट्ठी गुड़, उड़द और तिल किसी भी शनि मंदिर में या पीपल को अर्पित करें। अमावस्या के एक दिन पूर्व घर या व्यापारस्थल की साफ सफाई या धुलाई बहुत अच्छी तरह से करें और अमावस्या के दिन मुखय द्वार पर दोनों तरफ दो दीप जलाएं। अमावस्या को किसी कार्य की पूर्ति की मन्नत लेकर किसी गरीब को रात्रि में भोजन कराएं, शनि की कृपा प्राप्त होगी। शनीचरी अमावस्या के दिन अधिक गरीबों को भोजन कराएं या अन्न बांटें, पुण्य प्राप्त होगा। इसी दिन गरीब को अपना पुराना वस्त्र भी दान कर सकते हैं।



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