आंखें: व्यक्तित्व का आईना

आंखें: व्यक्तित्व का आईना  

नीचे देखकर चलने वाली स्त्रियां और ऊपर देखकर चलने वाले पुरुष अंतर्मुखी होते हंै। उन्हें समझना मुश्किल होता है। विशाल बड़ी आंखों वाले लोग नेक दिल, परोपकारी, चपल, मेहनती, विचारवान, कार्यकुशल, साहसी, शांतिप्रिय एवं फुर्तीले होते हंै। वे परिस्थिति के अनुकूल स्वयं को ढालने का सतत प्रयत्न करते हंै। छोटी, संकुचित, गहरी आंखों वाले लोगों पर शनि ग्रह का प्रभाव ज्यादा होता है। वे गंभीर, विचारवान किंतु शंकालु, अविश्वासी, कंजूस, पुराने खयालों वाले और आलसी होते हैं। वे दिखावा नहीं करते। ज्यादातर जुआरियों की आंखांे की पुतलियां छोटी होती हैं। छोटी आंखों वाली स्त्रियां ईष्र्यालु होती हैं, चंचल होती हैं। यदि किसी की दोनों आंखें बहुत ही करीब हों या वह तिरछी आंखों से देखता हो तो वह विश्वास करने लायक नहीं माना जाता। बातचीत करते वक्त आंखों के कोने से देखने वाला व्यक्ति स्वार्थी होता है। नशे का सेवन करने वालों की आंखंे डरावनी होती हैं। स्त्रियों की बायीं आंखें कानी हों तो खराब मानी जाती हैं। यदि किसी स्त्री की दायीं आंख कानी हो तो उसे संतान सुख कम मिलता है। पीली, ऊंची आंखों वाली और तिरछा देखने वाली स्त्रियों का चरित्र संदेहास्पद होता है। शरीर का सौदा करके गुजारा करती स्त्रियों की आंखें शहद के रंग की होतीे हैं। पीली आंखें प्रचंड कामशक्ति की सूचक होती हैं। लाल आंखांे वाले लोग अभिमानी, क्रोधी, स्वार्थी, स्वेच्छाचारी, अशांत और जिद्दी होते है। सुंदर श्वेत आंखों वाला व्यक्ति शांतिप्रिय, कोमल हृदय, लोकप्रिय, विचारवान, न्यायप्रिय, प्रतिभाशाली, दयालु, धार्मिक और चतुर होता है। छोटी आंखों वाले लोग अशिक्षित अविवेकी, दिखावा पसंद और स्वार्थी होते हैं। जिस व्यक्ति की एक आंख छोटी हो और वह बातें करते वक्त आंखें मूंद लेता हो, वह दिल का साफ नहीं होता यद्यपि बाहर से वह सज्जनता का प्रदर्शन करता हो वह किसी भी तरह से अपना स्वार्थ पूर्ण करने की कोशिश करता है। एक आंख वाला व्यक्ति अपना स्वार्थ पूरा करने के लिए नीच कर्म करने से भी नहीं चूकता। बातचीत करते समय जो व्यक्ति सामने न देखकर आंखें चुराता हो, उसका स्वभाव संदिग्ध होता है। कपटी व्यक्ति की आंखें मदमस्त होती हंै। आंखों के नीचे काले निशान वाले लोग कामुक होते हंै। नीली आंखों वाले चपल, कामासक्त, होशियार एवं सुंदर होते हैं। भरी पलकंे व्यक्ति की वाचालता की सूचक होती हंै। जिनकी आंखे नुकीली होती हैं वे कार्यकुशल होते हंै। हाथी की आंखों जैसी संकुचित आंखंे व्यक्ति के व्यवस्थित होने का संकेत देती हैं। बाघ की आंखों जैसी पीली एवं प्रभावशाली आंखों वाले लोगों में बाघ के गुण पाए जाते हैं। भेड़ जैसी संकुचित आंखें व्यक्ति के व्यवस्थित होने की सूचक हैं। घोड़े जैसी त्रिकोण आकार की आंखों वाली स्त्रियों को हिस्टीरिया का भय रहता है। सांप जैसी आंखों वाले लोगों की पुतलियां सफेद समुद्र के अंदर तैरती दिखाई देती हैं। ऐसे लोग उद्दंड और उग्र स्वभाव के होते हंै। बंदर जैसी छोटी आंखों वाले अस्थिर और अशांत होते हैं। बिल्ली जैसी गाढ़ी पीली, नीली आंखों वाले लोगों का व्यक्तित्व रहस्यमय होता है। ऐसे लोगों का विश्वास नहीं करना चाहिए। भालू जैसी छोटी आंखों में पुतलियां ज्यादातर नीचे की ओर होती हैं। ऐसे लोग निर्दयी एवं नीच विचार वाले होते हैं। मुर्गे जैसी आंखों की, पुतलियां बड़ी एवं सफेद भाग छोटा होता है। ऐसे लोग अत्यंत साहसी होते हैं। मछली जैसी आंखों की पुतलियां ऊपर की ओर पड़ी हुई या नीचे की ओर झुकी हुई हों तो व्यक्ति अस्थिर, आलसी और कमजोर होता है। काली आंखांे वाले स्नेहिल तथा उदार होते हैं। नीले रंग की आंखों के व्यक्ति बुद्धिमान, गंभीर और विचारवान होने का संकेत देती हैं। आंखों का कोना नीचे जाता हो तो आंखें रोती हुई दिखाई देती हैं। आंखों के कोनों की ओर झुकी हांे तो व्यक्ति निरुत्साही और जीवन के प्रति उदासीन होता है। शेर जैसी विशाल आंखों और पलकों वाले लोग न्यायप्रिय, निष्पक्ष और व्यवसायी होते हैं। ग्रह भी अपनी-अपनी स्थितियों के अनुरूप लोगों की आंखों को प्रभावित करते हैं। ग्रहों के आंखों पर पड़ने वाले शुभ अशुभ प्रभावों का संक्षिप्त विवरण यहां प्रस्तुत है। सूर्य, मंगल एवं शनि के अशुभ प्रभाव से व्यक्ति अंधा होता है। वहीं सूर्य व मंगल के अशुभ प्रभावों से आंखांे का नूर कम होता है। शुभ गुरु वाले व्यक्ति की आंखें विशाल, धारदार एवं आकर्षक होती हैं। वह प्रतिभाशाली होता है और लोग उसका आदर करते हैं। लेकिन गुरु के अशुभ प्रभाव से आंखों का तेज कम होता है और देखने में तकलीफ होती है। ऐसे व्यक्ति से लोग नफरत करते हंै। शनि से प्रभावित व्यक्ति की आंखें गहरी होती हैं। वह उदास, एकांतप्रिय और भावशून्य होता है। किंतु उसका मनोबल दृढ़ होता है। वह छोटी-छोटी बातों में भी रुचि लेता है। शनि प्रधान व्यक्ति के चश्मे के नंबर कभी-कभार बदलते हैं। सूर्य प्रधान व्यक्ति की आंखें बादाम के आकार की ओर आखिर में नुकीली होती हैं। ऐसे व्यक्ति का व्यक्तित्व प्रभावशाली होता है। उसे समाज में प्रतिष्ठा मिलती है किंतु वह स्वार्थी होता है और अपना स्वार्थ सिद्ध करने से कभी चूकता नहीं। बुध प्रधान व्यक्ति की आंखें अच्छी और मोहक होतीे हैं। ऐसे व्यक्ति का चेहरा आकर्षक होता है। वह लंबा होता है। उसकी नाक तोतेनुमा होती है और कान की बूटी जुड़ी हुई, होती है। बुध की रेखा एवं पर्वत विकसित होते हैं किंतु अशुभ बुध शिक्षा में बाधाएं उत्पन्न करता है और पढ़ते समय छात्र का सिर भारी हो जाता है। मंगल से प्रभावित व्यक्ति की आंखंे बड़ी और काली या भूरी तथा लालिमा लिए होती हैं। मंगल के अशुभ प्रभाव से ग्रस्त व्यक्ति की आंखों में सूजन रहती है। मंगल प्रधान व्यक्तियों की आंखें सम्मोहक होती हैं। शुक्र प्रधान व्यक्ति किसी के लिए कुछ कर दिखाने वाले, त्याग की भावना वाले होते हैं। अशुभ शुक्र वाले व्यक्ति की आंखों में से पानी निकलता रहता है।


फेस रीडिंग विशेषांक  मार्च 2016

भविष्य कथन की महत्वपूर्ण पद्धतियां श्रष्टि के प्रारम्भ से ही इस धरा के विभिन्न हिस्सों में मौजूद रही हैं। प्रत्येक सभ्यता में किसी न किसी रूप में भविष्यवक्ता अथवा अन्तर्द्रष्टा भूत एवं भविष्य के विषय में किसी न किसी प्रकार से लोगों को अवगत कराते रहे हैं। भारत में भी इन विधाओं की समृद्ध विरासत रही है जहां हर काल में ज्योतिष, हस्तरेखा शास्त्र, अंक शास्त्र, मुखाकृति विज्ञान आदि पुष्पित-पल्लवित होते रहे हैं तथा इन्होंने लोगों के भविष्य को आकार देने में महती भूमिका अदा की है। फ्यूचर समाचार के इस वर्तमान विशेषांक में मुखाकृति विज्ञान पर विशेष जोर दिया गया है। इस विषय पर अनेक महत्वपूर्ण आलेख समाविष्ट किये गये हैं जिनमें से कुछ अति महत्वपूर्ण आलेख हैं: नैन अन्तःकरण के झरोखे हैं, बनावट के अनुसार भौहें तथा उनके फल, आंखे व्यक्तित्व का आईना, नाक की आकृति स्वभाव एवं भविष्य आदि। इन विशिष्ट आलेखों के अतिरिक्त पूर्व की भांति सभी स्थायी स्तम्भ मौजूद हैं जिनमें विज्ञ ज्योतिर्विदों के आलेखों को स्थान दिया गया है।

सब्सक्राइब

अपने विचार व्यक्त करें

blog comments powered by Disqus
.