वास्तु में कोने के कटाव व मिरर का प्रभाव

वास्तु में कोने के कटाव व मिरर का प्रभाव  

व्यूस : 2806 | मार्च 2016

2 नवम्बर को पंडित गोपाल शर्मा जी को बहरीन की एक नामी पावर प्लांट लगाने वाली कंपनी के एक नव निर्माण रत कार्यालय के आन्तरिक साज सज्जा को देखने हेतु बुलाया गया। डिविजन के भारतीय सी.ईओ. ने बताया कि इस कम्पनी के मालिक दूसरे मजहब के होने के बावजूद आधुनिक वास्तु/फेंगशुई विज्ञान द्वारा संतुलित ऊर्जा से अपने सभी अधिकारियों की कार्यक्षमता मंे सुधार चाहते हैं। अवलोकन के उपरांत पंडित जी ने बताया कि बहुत अच्छे समय पर यह परामर्श लिया जा रहा है, क्योंकि अभी हाॅल के अन्दर पार्टीशन का कार्य ही चल रहा था। यह कार्यालय एक बिल्ंिड़ग के ग्राउंड फ्लोर पर था, जिसमंे बाहर कुछ भी संशोधन नहीं हो सकता था। प्लानिंग में पाये गये वास्तु दोष: - लगभग सभी अधिकारियांे व सी.ई.ओ. के पीछे कांच था।

इससे जीवन मे स्थायित्व की कमी रहती है व कार्य में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते। - सम्मेलन कक्ष की टेबल का आकार समचैरस/ आयताकार नहीं था। ऐसी मेज पर शीघ्र, लाभदायक निर्णय होने की संभावना कम रहती है। - मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कमरा छोटा व दक्षिण-पश्चिम के दरवाजे वाला था, ऐसे स्थान पर उनके लगातार बैठने मंे रूकावट व निर्णय कार्यान्वित करवाने की क्षमता में कमी हो जाती है।

- विक्रय क्षेत्र में कुछ लोग दक्षिण मुखी बैठे थे। इससे उनके कार्य मंे गलतियाँ, जल्द छोड़ने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है।

-चैराहे पर होने के कारण बिल्डिंग का दक्षिण-पूर्वी कोण कटा हुआ था, इससे धन की कमी व व्यापार मंे गिरावट आ जाती है।

- शाफ्ट के कारण उत्तर दिशा में किंचित कटाव भी धन प्रवाह पर असर डालता है। संशोधन के लिये सुझाव/ऊर्जा प्रभाव को संतुलित करने के उपाय - संशोधित नक्शे में दिखाये ढंग से सभी अधिकारियों को इस तरह से बिठाया गया कि किसी के पीछे काँच न हो, तथा कोई भी दक्षिण मुखी न बैठे।

- सम्मेलन कक्ष की टेबल को आयताकार बनवाया गया।

- मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कमरा थोड़ा बड़ा करके दरवाजा दक्षिण-पश्चिम के स्थान पर उत्तर-पश्चिम मे बदला गया। इस वायव्य कोण के दरवाजे से ओवरसीज व्यापार में विशेष लाभ मिलता है।

- प्रदर्शन हाॅल की समस्त पूर्वी दीवार पर मिरर तथा उत्तरी दीवार पर घड़ी व नियाग्रा वाटर फाॅल का चित्र लगाया गया। इससे स्थान बड़ा नजर आता है तथा शाफ्ट द्वारा उत्तर दिशा के कटाव का दोष भी लगभग समाप्त हो जाता है।

- उन्हें बताया गया कि सचिव कक्ष की पूर्वी दीवार पर भी शीशा लगाकर आग्नेय कोने के कटाव के दुष्प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

- धन के अनवरत आगमन व सौहार्दपूर्ण वातावरण के लिये रिसेप्शन के ईशान कोण में एक छोटा फव्वारा लगाया गया।

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फेस रीडिंग विशेषांक  मार्च 2016

भविष्य कथन की महत्वपूर्ण पद्धतियां श्रष्टि के प्रारम्भ से ही इस धरा के विभिन्न हिस्सों में मौजूद रही हैं। प्रत्येक सभ्यता में किसी न किसी रूप में भविष्यवक्ता अथवा अन्तर्द्रष्टा भूत एवं भविष्य के विषय में किसी न किसी प्रकार से लोगों को अवगत कराते रहे हैं। भारत में भी इन विधाओं की समृद्ध विरासत रही है जहां हर काल में ज्योतिष, हस्तरेखा शास्त्र, अंक शास्त्र, मुखाकृति विज्ञान आदि पुष्पित-पल्लवित होते रहे हैं तथा इन्होंने लोगों के भविष्य को आकार देने में महती भूमिका अदा की है। फ्यूचर समाचार के इस वर्तमान विशेषांक में मुखाकृति विज्ञान पर विशेष जोर दिया गया है। इस विषय पर अनेक महत्वपूर्ण आलेख समाविष्ट किये गये हैं जिनमें से कुछ अति महत्वपूर्ण आलेख हैं: नैन अन्तःकरण के झरोखे हैं, बनावट के अनुसार भौहें तथा उनके फल, आंखे व्यक्तित्व का आईना, नाक की आकृति स्वभाव एवं भविष्य आदि। इन विशिष्ट आलेखों के अतिरिक्त पूर्व की भांति सभी स्थायी स्तम्भ मौजूद हैं जिनमें विज्ञ ज्योतिर्विदों के आलेखों को स्थान दिया गया है।

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