भारतीय वास्तुषास्त्र के अनुसार यदि वास्तुसम्मत चीजों को घर में रखा जाये तो घर में धन, समृद्धि तथा खुषियां आती हैं। लेकिन कुछ चीजों को वास्तु के अनुसार घर में नहीं रखना चाहिए क्योंकि वे नकारात्मक ऊर्जा तथा दुर्भाग्य का सूचक होती हैं। लेकिन ये कैसे निर्धारित किया जाये कि किन चीजों को घर में नहीं रखना चाहिए। इसके लिए कुछ वास्तु टिप्स दिये जा रहे हैं जिनके द्वारा घर में नकारात्मक ऊर्जा को घर में आने से रोका जा सकता है। ताजमहल ताजमहल अपितु प्यार की निषानी है लेकिन यह मुमताज, शाहजहां की पत्नी की कब्रगाह भी है। इसकी फोटो या शो पीस घर में नहीं रखना चाहिए क्योंकि यह निष्क्रियता और मृत्यु की निषानी है जोकि घर में नकारात्मक वातावरण पैदा करती है। महाभारत घर में महाभारत, युद्ध से सम्बंधित भी किसी तरह के चित्र या कोई माॅडल नहीं रखना चाहिए क्योंकि यह परिवार के सदस्यों के बीच में कभी न खत्म होने वाली प्रतिद्वन्द्विता को जन्म देता है । नटराज भगवान षिव की नटराज की मूर्ति लगभग प्रत्येक क्लासिकल डांसर के घर में देखने को मिल जायेगी। अन्य लोग भी इसको शो पीस के रूप में पसंद करते हैं। लेकिन इस मूर्ति के पीछे दो तरह की भावनायें शामिल हैं। नटराज की मूर्ति अद्वितीय कला का रूप है लेकिन यह विनाष का भी एक रूप है क्योंकि नृत्य का यह रूप वास्तव में तांडव नृत्य है जिसका अर्थ है विनाष के लिए नृत्य। इसलिए नटराज की मूर्ति को भी घर में नहीं रखना चाहिए। डूबती नाव डूबती नाव का दृष्य परिवार के सदस्यों के बीच सम्बंधों में ह्रास की प्रकृति को दर्षाता है। यह दुर्भाग्य का भी सूचक है। इस लिए इस तरह के दृष्य को भी घर पर नहीं रखना चाहिए। पानी का फव्वारा कुछ लोग घर में पानी का फव्वारा रखना पसंद करते हैं। लेकिन वास्तु के अनुसार इस तरह की वस्तु चलायमान प्रकृति को दर्षाती है अर्थात चीजों की अस्थिरता। इसका मतलब है कि धन व समृद्धि जो आपके जीवन में आती है वह ज्यादा समय तक आपके पास नहीं रहेगी। अतः इसे घर में स्थान न दें । जंगली जानवर जंगली जानवर की फोटो या शो पीस को भी घर में नहीं लाना चाहिए क्योंकि यह घर में परिवार के सदस्यों में हिंसात्मक प्रकृति को बढ़ाती है। कैक्टस या कांटेदार पौधे इस तरह के पौधों को घर में नहीं रखना चाहिए। ये काम में बाधाएं आने का सूचक हैं। गुलाब के पौधे को घर में रखा जा सकता है। डरावने दैत्य और पिशाच इस तरह के चित्र या शो पीस भी घर में नहीं रखना चाहिए। यह भी घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं ।


वास्तु विशेषांक  दिसम्बर 2014

फ्यूचर समाचार के वास्तु विषेषांक में अनेक रोचक व ज्ञानवर्धक लेख जैसे भवन और वास्तु, वास्तु शास्त्र का वैदिक स्वरूप, वास्तु शास्त्र के मूलभूत तत्व, वास्तु शास्त्र व दाम्पत्य जीवन, उद्योग धन्धे क्यों बन्द हो जाते हैं?, फ्लैट/प्लाॅट खरीदने हेतु वास्तु तथ्य, अनुभूत प्रयोग एवं सूत्र, वास्तु सम्मत सीढ़ियां भी देती हैं सफलता, घर में क्या न करें?, विभिन्न दिषाओं में रसोईघर, वास्तुदोष समाधान, वास्तु संबंधी कहावतें, वास्तु दोष दूर करने के सरल उपाय, पंचतत्व का महत्व तथा स्वास्थ्य संबंधी वास्तु टिप्स। इसके अतिरिक्त वास्तु पर हुए एक शोध कार्य पर लिखा गया सम्पादकीय, करियर परिचर्चा, सुखी दाम्पत्य जीवन का आधार: शादी के सात वचन, सत्य कथा, हैल्थ कैप्सूल, पावन स्थल में बांसवाड़ा का प्राचीन मां त्रिपुरासुन्दरी मन्दिर, ज्योतिष व महिलाएं तथा ग्रह स्थिति एवं व्यापार, पंचपक्षी के रहस्य, मंत्र व तंत्र साधना का स्वरूप, कर्णबेधन संस्कार, गृह सज्जा एवं वास्तु फेंगसुई आदि लेखों को समायोजित किया गया है।स्थायी स्तम्भ विचार गोष्ठी के अन्तर्गत ‘पिरामिड का वास्तु में प्रयोग’ विषय पर विभिन्न विद्वानों के विचारों को प्रस्तुत किया गया है। आषा है फ्यूचर समाचार के पाठकों को यह विषेषांक विषेष पसंद आयेगा।

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