प्लेनचिट से करें आत्माओं से बात

प्लेनचिट से करें आत्माओं से बात  

प्लेनचिट के माध्यम से आत्माओं से संपर्क किया जा सकता है। कुछ आत्माएं जिन्हें शांति प्राप्त नहीं हुई है, वे प्लेनचिट के माध्यम से आपको भूत, भविष्य एवं वर्तमान तीनों कालों की जानकारी दे सकती हैं। आप उनसे अपनी परेशानी का हल प्राप्त कर सकते हैं। इनमें आप किरो से बहुत जल्द संपर्क कर सकते हैं। उनसे ज्योतिष, परीक्षा के प्रश्न पत्र की एवं अन्य जानकारी ली जा सकती है। इस तरह आत्माओं से जैसे ही संपर्क हो सर्वप्रथम आप अपनी जेब में पड़े पैसों की जानकारी लें फिर उनसे नोटों के नंबर पूछें। जब वे सब कुछ सही बता दें, तब आगे की समस्या एवं उसका हल पूछें। यदि वे गलत बताएं, तो बड़े आदर भाव से उन्हें जाने के लिए कह कर प्लेनचिट चलाना बंद कर दें। प्लेनचिट कैसे बनाएं: प्लेनचिट मुख्यतः दो तरह के होते हैं। एक तो गिलास रख कर एक पेपर या कैरमबोर्ड आदि पर अक्षर लिखकर उलटा रख देते हैं गिलास पर दो या तीन व्यक्ति अपनी उंगली रखकर आत्मा का आवाहन करते हैं। जब आत्मा आ जाती है तो गिलास सरक कर अपने आप यस पर चला जाता है। प्लेनचिट का चित्र । ठ ब् क् म् थ् ळ भ् प् श्र ज्ञ स् ड छ व् च् फ त् ै ज् न् ट ॅ ग् लर्् 1 2 3 4 5 6 7 8 9 0 ल्म्ै छव् 0 गिलास रखने का स्थान ऊपर वर्णित ढंग से अक्षरों को दूर-दूर लिखकर गिलास को उलटा करके उसके स्थान पर रख दें। फिर कुछ अगरबत्तियां या धूपबत्तियां जला दें। फिर कुछ लोग अपनी तर्जनी एवं मध्यमा को रख कर आत्माओं का आवाहन करें। आवाहन में प्रथम बार समय लग सकता है। हमें भी 20वें दिन सफलता प्राप्त हुई थी, अतः निराश न हांे। यह क्रिया सूर्यास्त के बाद करें, तो अच्छा रहेगा। जब आत्मा आए, तो उसे नमस्कार करके उसका अभिवादन करें। फिर उससे पूछे कि वह आप से बात करेगी या नहीं। ल्म्ै या छव् मे उत्तर प्राप्त करने के बाद बाकी सवाल पूछें। आवाहन करते समय सभी लोग मन से यह कहें कीरोजी आप गिलास में आ जाएं, और यदि आ गए हांे, तो ल्म्ै पर चले जाएं। यदि गिलास ल्म्ै पर चला जाए तो डरें नहीं। कमजोर दिल वालों को यह नहीं करना चाहिए।


पराविद्याओं को समर्पित सर्वश्रेष्ठ मासिक ज्योतिष पत्रिका  अकतूबर 2006

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