जीवन की कहानी ग्रहों की जुबानी

जीवन की कहानी ग्रहों की जुबानी  

जीवन की कहानी ग्रहों की जुबानी एंजेलीना जोली पं. शरद त्रिपाठी यह सत्य है कि अच्छे फल कथन के लिए कुंडली की गहराई में जाना आवश्यक है, लेकिन ग्रहों की स्थिति के विश्लेषण के आधार पर भी व्यक्ति के जीवन का बहुत कुछ सार बताया जा सकता है। ज्योतिष एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा हम व्यक्ति के जीवन की तमाम अच्छी व बुरी बातों का विश्लेषण करते हैं- ये बातंे चाहे भविष्य की हों, वर्तमान की हों या अतीत की हों। हमारी भारतीय संस्कृति में तो आज भी एकल विवाह का ही प्रचलन है परंतु पश्चिमी देशों में लोग जीवन साथी बदलते रहते हैं। ज्योतिष के माध्यम से और देश-काल-परिस्थिति को देखते हुए यदि गहराई में जाकर किसी भी व्यक्ति की जन्मकुंडली का विश्लेषण करें - वह चाहे भारतीय हो या पश्चिमी देश का निवासी तो फल कथन में कोई अंतर नहीं मिलता। ग्रह जैसा प्रभाव एशियाई लोगों पर डालते हैं, वैसा ही प्रभाव यूरोपीय या अमरीकी लोगों पर भी डालते हैं। ग्रहों का खेल ऐसे लोगों के बारे में क्या कहता है, आइए ग्रहों के माध्यम से जानने का प्रयास करें। हमारा प्रयास है कि विश्लेषण के माध्यम से हम पाठकों, ज्योतिष जिज्ञासुओं, खासकर ज्योतिष की शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों, का मार्गदर्शन करें और वे इसका पूरा-पूरा लाभ उठाएं। इस बार बात करते हैं पश्चिमी सभ्यता में पली एक महिला की। इस शृंखला के दूसरे लेख की शुरुआत एंजेलीना जोली नामक एक ऐसी महिला (अभिनेत्री) से करते हैं जो बचपन में खुद से घृणा करती थी और आज जिसे पूरी दुनिया सराहती है। आज वह सबसे सुंदर महिलाओं में गिनी जाती हैं। वह संयुक्त राष्ट्र की ‘‘गुडविल अम्बेसडर’’ हैं। अपने सौंदर्य और विलक्षण अभिनय प्रतिभा के कारण उन्हें आॅस्कर समेत कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया। दो गोद लिए बच्चों की मां होने के साथ उन्होंने तमाम विवादों के बीच हाल ही में अपनी और मशहूर हालीवुड अभिनेता ब्रैडपिट की संतान को जन्म दिया है। एक मां और गुडविल अम्बेसडर की भूमिका के बीच 32 वर्षीय हालीवुड अभिनेत्री एंजेलीना जोली अपनी कमियों को छिपाने की बजाय अक्सर उन पर चर्चा करती नजर आती हैं। एंजेलीना एक फ्रांसीसी शब्द है, जिसका अर्थ है ‘खूबसूरत नन्ही परी’। इनका जन्म कैलीफोर्निया (लास एंजिल्स) अमेरिका में जाने माने अभिनेता जान ह्नाइट और माडल मार्शलाइन वरटाड के घर 4 जून 1975 को प्रातः 9 बजकर 6 मिनट पर हुआ। इनकी कुंडली का विश्लेषण इस प्रकार है। कर्क लग्न और लग्न में शुक्र का बैठा होना, ये योग रूप रंग और सुंदरता को बढ़ाते हंै। लग्नेश चंद्र नवम भाव में गुरु और मंगल के साथ बैठा है। लग्नेश की गुरु-मंगल के साथ युति स्वभाव को जिद्दी व स्वाभिमानी बनाती है। पंचम भाव में बैठा राहु इन तीनों ग्रहों को अपनी पांचवीं दृष्टि से देख रहा है जिसके फलस्वरूप कभी-कभी इनके निर्णय गलत हो जाते हैं जो इनकी प्रतिष्ठा में कमी लाते हैं। जन्म के समय इन्हें बुध की महादशा मिली थी, जो सन् 1988 तक अर्थात इनकी 13 वर्ष की आयु तक रही। बुध इनके व्यय व तृतीय भावों का स्वामी है। तृतीय भाव, चतुर्थ भाव (माता) से द्वादश भाव होता है और पिता (नवम) भाव से सप्तम (मारक) होता है। अर्थात तृतीय भाव माता व पिता दोनों के लिए खराब होता है। इसी कारण इनके बचपन से ही माता-पिता अलग हुए और बचपन कष्टमय रहा। सन् 1981 में जब बुध में दशम भाव के स्वामी और नवमेश (पिता) के साथ स्थित मंगल का अंतर चल रहा था, तब इस उम्र में पहली बार पिता के साथ फिल्म में अभिनय करने का मौका मिला। 1986-87 में बुध में सप्तमेश शनि की दशा चल रही थी। अतः इस समय विवाह की उम्र तो होती नहीं अतः इस समय इनके प्रौढ़ व्यक्ति से संबंध हो गये। किंतु उसकी शनि की इसी दशा में माता पिता फिर से साथ रहने लगे। सप्तम अर्थात चतुर्थ (माता) से, चतुर्थ और नवम (पिता), से एकादश स्थान होता है। केतु की महादशा ने इनके कैरियर को बहुत उंचाई पर पहुंचाया क्योंकि वह एकादश भाव में सूर्य व बुध के साथ स्थित है। सूर्य के एकादश में स्थित होने से प्रसिद्धि मिली, बुध ने अभिनय कला व म्यूजिक वीडियो में अच्छी सफलता दिलाई। 1993 में केतु में भाग्येश गुरु का अंतर चल रहा था। इसी समय इन्होंने साइर्बोग-2 नामक फिल्म से हाॅलीवुड में कैरियर की शुरुआत की। 1995 में केतु की महादशा समाप्त हुई और शुक्र की महादशा लग गई। शुक्र इनका चतुर्थेश है जो इनके अपने नए घर का सूचक है। इसलिए चतुर्थेश ने फौरन आते ही ब्रिटिश अभिनेता और सहनायक जानी मिलर से इनके प्रेम संबंध बनाए और 28 मार्च 1996 को जब शुक्र में शुक्र में शुक्र का प्रत्यंतर चल रहा था तभी इनकी शादी मिलर से करा दी। इसी शुक्र में शुक्र के समय में इन्हें गोल्डेन ग्लोब व एमी पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया। फरवरी में शुक्र में शुक्र का अंतर समाप्त होने के बाद शुक्र में सूर्य जैसे ही प्रारंभ हुआ वैसे ही 3 फरवरी 1999 को पति मिलर से तलाक हो गया। सूर्य पृथकतावादी ग्रह है और शुक्र की राशि में बैठा हुआ है तथा सप्तमेश शनि से द्वादश स्थान में भी स्थित है। यह सूर्य दाम्पत्य के लिए तो ठीक नहीं है मगर एकादश भाव में बैठकर प्रसिद्धि दिलाने में सहायक है। अतः इसी वर्ष सूर्य ने इन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का प्रतिष्ठित ‘’आॅस्कर पुरस्कार’’ दिलाया। इसके आगे का समय सूर्य का प्रत्यंतर है जो द्वितीय का स्वामी होकर एकादश में बैठा है। इसके बाद चंद्र का अंतर जो लग्नेश होकर भाग्य भाव में बैठा है। फिर मंगल का अंतर जो पंचमेश व दशमेश होकर भाग्य भाव में बैठा है। इसने इन्हंे अपने जीवन की सर्वोच्च ऊंचाई तक पहुंचाया। इसी समय इनकी फिल्म लारा कोफ्ट रिलीज हुई और इस फिल्म ने जोरदार अंतर्राष्ट्रीय ख्याति अर्जित की और दुनिया भर में 275 लाख डालर की कमाई की। इससे एंजेलीना जोली को 70 लाख डालर प्राप्त हुए, जिससे वह उस समय की विश्व की शीर्ष अभिनेत्री हो गईं। पुशिंग टिन नामक फिल्म में इन्होंने अपने से बीस वर्ष बड़े अमेरिकी अभिनेता बिली बाब थार्टन की पत्नी की भूमिका निभाई। एक बार फिर जोली को प्रेम हो गया और वह मीडिया में चर्चा का विषय बन गईं। 5 मई सन् 2000 का यह समय था शुक्र में चंद्र में मंगल का। इसी दिन एंजेलीना ने बिली बाब के साथ दूसरी शादी कर ली और उस समय वह अपने पति के साथ प्रसन्न नजर आने लगीं। लग्नेश चंद्र का नवमेश गुरु के साथ नवम भाव में स्थित होना इन्हें धार्मिक भी बनाता है। इसी कारण शुक्र में मंगल के अंतर में इन्होंने 10 मार्च 2002 को कंबोडिया के अनाथालय से मैडाक्स नामक पहले बच्चे को गोद लिया। मंगल पंचमेश है। पंचम भाव में राहु स्थित है और पंचमेश मंगल अपने से पंचम अर्थात नवम स्थान में गुरु के साथ स्थित है। इसी योग ने इन्हें बच्चा गोद लेने को प्रेरित किया। 9 दिसंबर 2002 से शुक्र में राहु का अंतर प्रारंभ हो गया था। इनकी जन्मकुंडली में राहु पंचम भाव में वृश्चिक का 70-22’ अर्थात शनि के नक्षत्र में है और राहु और शनि आपस में षडाष्टक संबंध बनाए हुए हैं। इसी कारण 27 मई 2003 को दोनों का तलाक हो गया। 5 जुलाई 2005 को शुक्र में राहु में सूर्य का अंतर चल रहा था। राहु पंचम में स्थित है और एकादश में स्थित सूर्य पंचम भाव को देख रहा है। अतः पंचम भाव की इस स्थिति के प्रभाववश इन्होंने जहारा नाम की लड़की को गोद लिया। जैसे ही शुक्र में गुरु आया वैसे ही 2006 में प्यूपिल मैगजीन के अंक में 100 सुंदरतम महिलाओं में इन्हें भी स्थान दिया गया। फाब्र्स पत्रिका के 2006 के अंक में इन्हें ‘सेलेब्रिटी 100’ में 35वां स्थान दिया गया। गुरु का यही अंतर इन्हें धार्मिक वातावरण की ओर ले जाएगा। इन दिनों वह बौद्ध धर्म को पढ़ने में जुटी हैं। कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि उन्होंने बौद्ध धर्म स्वीकार कर लिया है। वह स्वयं को किसी धर्म विशेष से जुड़ा नहीं मानतीं लेकिन कहती हैं कि उन लोगों के लिए ईश्वर अवश्य है, जो अपना जीवन, धर्म के प्रति न्योछावर कर देते हैं। गुरु चूंकि संतान का कारक भी है इसलिए इन्होंने 27 मई 2006 को एक पुत्री को जन्म दिया। गोचर में ढाई साल अर्थात् 2005 मध्य से 2007 अंत तक शनि के कर्क में स्थित होकर सप्तम भाव को देखने से पुनः ब्रैड पिट से विवाह हुआ। इनकी कुंडली में बहु विवाह योग का होना बार-बार विवाह का कारण है। यदि जन्मकुंडली में द्वितीयेश या सप्तमेश के साथ कई ग्रह हों, तो व्यक्ति के उतने ही पति या पत्नी होते हैं और यह योग इनकी जन्मकुंडली में एकादश भाव में पूर्ण रूप से विद्यमान है। अतः यह योग कुंडली को और भी प्रभावी बना रहा है। कंुडली विश्लेषण कुटुम्बकलत्रनाथाभ्याम समेते र्ग्रहवायकौरवा। कलत्र संख्यां प्रबदन्ति सन्तः ।। सर्वार्थ चिंतामणि (अध्याय 6 श्लोक 14) व्ययेशेपापसंयुक्ते व्यये पापसमन्विते। पापग्रहेण सन्दृष्टैः देशाद् देशान्तरं गतः।। वृहद पाराशर होरा शास्त्र (अध्याय 12 श्लोक 246) यदि जन्मकुंडली में व्ययेश पाप ग्रह से युक्त हो और व्यय भाव में पाप ग्रह हो तथा पाप ग्रह की दृष्टि व्यय भाव पर हो, तो जातक विदेश जाता है। व्ययेश बुध केतु से युक्त है, व्यय भाव में पापी ग्रह शनि है और व्यय भाव पर पापी ग्रह मंगल की दृष्टि है। अभी तक हमने एंजेलीना जोली के पिछले समय और वर्तमान समय के बारे में जाना। अब इनके भविष्य का ज्योतिषीय विश्लेषण करें। 19 जनवरी 2008 से चल रहा इनका शुक्र में गुरु में मंगल 16 मार्च 2008 तक चलेगा। मंगल भाग्य भाव में बैठा है और दशम भाव का स्वामी है। इन्हें इस मंगल के प्रत्यंतर में कोई नामी पुरस्कार मिलना चाहिए। लेकिन इसी समय गोचर में मंगल के द्वादश भाव (मिथुन) में विचरण करने से वह पुरस्कार से वंचित रह सकती हैं। मार्च 2008 से अगस्त 2008 तक शुक्र में गुरु में राहु का प्रत्यंतर रहेगा जो इनकी किसी संतान व वैवाहिक संबंधों के लिए ठीक नहीं रहेगा। 9 अगस्त 2008 से 10 अक्तूबर 2011 तक शुक्र में शनि का अंतर चलेगा, तब वह फिर से विवाह करेंगी।



बगलामुखी विशेषांक   मार्च 2008

बगलामुखी का रहस्य एवं परिचय, बगलामुखी देवी का महात्म्य, बगलामुखी तंत्र मंत्र एवं यंत्र का महत्व एवं उपयोग, बगलामुखी की उपासना विधि, बगलामुखी उपासना में सामग्रियों का महत्व इस विशेषांक से जाना जा सकता है.

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