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दुर्लभ योग हैं अमिताभ की हथेली में

दुर्लभ योग हैं अमिताभ की हथेली में  

रतीय फिल्मों के इतिहास में सर्वाधिक लोकप्रिय, प्रतिभा संपन्न और सदी का महानायक निर्विवाद रूप से अमिताभ बच्चन ही हंै। इस महानायक ने आज पूरी दुनिया में अपना अद्वितीय स्थान बनाया हुआ है । अमिताभ अपने आप में भाग्य और प्रतिभा का अद्भुत संगम हैं। आखिर क्या कारण है कि तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद अमिताभ निरंतर लोकप्रियता और श्रेष्ठता के प्रतीक बने हुए हैं? इस संदर्भ में अमिताभ की हस्तरेखाओं के माध्यम से विचार करते हैं। जैसा कि आप चित्र में देख रहे हैं अंगुलियां लंबी हैं, हाथ मुलायम हैं। ऐसे लोग प्रायः उदार, शांत, चरित्रवान और सहायता करने वाले होते हैं। ऐसे जातक आरंभ में अपने पैरों पर खड़े होने में समय लगाते हैं। ये जातक जगत मित्र भी होते हैं। इनके हाथ में भाग्य रेखा एक से अधिक हैं। ऐसे लोग धनी, दानी और सहायक प्रकृति के होते हैं। ये अपना काम छोड़कर दूसरे की मदद करने में भी पीछे नहीं रहते। ऐसे व्यक्ति दूसरों के विचारों से सहमत न होने पर उनका साथ शीघ्र छोड़ देते हैं। यदि ये व्यक्ति राजनीति में हों तो इन्हें दलबदल करना पसंद नहीं होता और लंबे समय तक राजनीति में बने नहीं रहते क्योंकि इनकी भाग्य रेखा आरंभ में मोटी होती है। ऐसे लोग नये-नये तरीकों को निकालकर कार्य करना पसंद करते हैं। ऐसे व्यक्ति यदि राजनीति में टिकते भी हैं तो सच्ची सेवा करते हैं। शुक्र उठा होने और अंगुलियां लंबी होने के कारण इन पर कलंक नहीं लगता। 35 वर्ष की आयु के बाद ऐसे व्यक्तियों के भाग्य में प्रसिद्धि के प्रबल योग बनते हैं। यदि ऐसे व्यक्तियों को महामानव कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। चित्र में अमिताभ के हाथ में शनि की अंगुली लंबी, चंद्र एवं शनि उन्नत हैं। ऐसे लोग मंदबुद्धि व्यक्तियों की सहायता करने की भावना रखते हैं। ऐसे लोग दूसरों के मध्य समझौता कराने वाले अर्थात मध्यस्त की भूमिका निभाते हैं। इनका परिवार प्रायः इनके ही अनुसार चलता है। इनका अंगूठा पतला एवं लंबा है इसलिए इन्हें प्रायः सभी क्षेत्रों में सफलता मिलती है। इनके हाथ में जीवन रेखा गोल और दोषमुक्त है। जीवन रेखा पर त्रिकोण एवं चतुष्कोण भी हैं जिनके कारण कुली फिल्म में चोट लगने पर भी अमिताभ सकुशल इस हादसे से उभर गए थे। ये त्रिकोण, चतुष्कोण खतरों के द्योतक होते हैं परंतु खतरों से रक्षा भी होती है। अमिताभ की जीवन रेखा को मंगल-शुक्र से आने वाली छोटी-छोटी रेखाएं छू रही हैं। इनके अनुसार अधिक उत्तरदायित्व के कारण इन्हें मानसिक परेशानी भी रह सकती है। वैसे तो इनके दोनों हाथों में जीवन रेखा अच्छी है जो निश्चय ही शुभ लक्षण है। ऐसे लोगों का भाग्योदय जीवन साथी के साथ जुड़ने के कारण शीघ्र और सुचारु ढंग से होता है। इनके हाथ में जीवन रेखा के साथ एक से अधिक भाग्य रेखाएं और ग्रह उठे हुए हैं। इन लक्षणा से इनकी दानशीलता झलकती है। इनके पूर्वज प्रतिष्ठित होते हैं। ऐसे व्यक्ति स्वयं मुकदमेबाजी में नहीं पड़ते, जब तक कि इनके सिर पर संकट न आ जाए। ऐसे व्यक्ति धन संचय में भी चतुर होते हैं क्योंकि इनके हाथ में हृदय रेखा अंगुलियों से काफी नीचे और मस्तिष्क रेखा के समीप है। इस वजह से इनके पास धन-सम्पत्ति का बाहुल्य रहता है। ऐसे व्यक्ति माता-पिता की सेवा करने वाले और उदार होते हैं, साथ ही सफल होते हैं। इनके हाथ में मस्तिष्क रेखा भी निर्दोष है। अतः ऐसे जातक बचपन से ही पढ़ाई में तेज और शीघ्रगामी होते हैं। व्यर्थ की बातों में समय बर्बाद न करने वाले होते हैं। ये जहां चाहें वहां अपना ध्यान स्थित कर लेते हैं। इनके हाथ में जीवन रेखा गोल, मस्तिष्क रेखा साफ-सुथरी एवं सभी ग्रह उन्नत हैं, अतः ऐसे लोगों के साथ-साथ इनका परिवार भी उन्नति करता है। अमिताभ के हाथ में राहु का प्रभाव कुछ ठीक नहीं है अतः स्वास्थ्य संबंधी समस्याआ से आने वाले समय में इन्हें दो चार होना पड़ेगा। सूर्य रेखा बहुत लंबी और एक से अधिक हैं। अतः इन्हें चारों ओर से लोगों का प्यार मिल रहा है। भारत में ही नहीं वरन विदेशों में भी इनकी लोकप्रियता अच्छी खासी है। अमिताभ के हाथ में चंद्रमा, शुक्र एवं शनि ग्रह विशेष उन्नत हैं जिनकी वजह से इन्हें फिल्मी दुनिया का बादशाह कहा जाता है। इस प्रकार के योग बहुत कम हाथों में होते हंै। अतिशयोक्ति नहीं होगी कि इनके हाथ की एक-एक रेखा अध्ययन करने योग्य है। इनके जीवन का आरम्भिक संघर्ष इनके लिए ही नहीं वरन इनकी आने वाली कई पीढ़ियों के लिए भी सुख-सुविधाएं एवं ऐश्वर्य प्रदान करता है। अमिताभ के हाथ में कुछ ऐसे योग हैं जो बिरले हाथों में ही पाये जाते हैं जैसे सूर्य रेखा अधिक लंबी, हाथ उत्तम आकार का, कनिष्ठिका सूर्य उंगली के तीसरे पर्व से आगे जा रही है, अंगूठा लंबा है और प्रायः सभी रेखाएं उत्तम स्थिति में हैं। इन सभी शुभ लक्षणों के कारण फिल्मी जगत के बेताज बादशाह अमिताभ आज हर दिल को भाते हैं, साथ ही तमाम सुख-सुविधाओं को पाकर भी एक उदार हृदय और सरल इन्सान बने हुए हैं।

पराविद्याओं को समर्पित सर्वश्रेष्ठ मासिक ज्योतिष पत्रिका  अप्रैल 2006

सभ्यता के आरम्भिक काल से ही फलकथन की विभिन्न पद्धतियां विश्व के विभिन्न हिस्सों में प्रचलित रही हैं। इन पद्धतियों में से अंक ज्योतिष का अपना अलग महत्व रहा है यहां तक कि अंक ज्योतिष भी विश्व के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग रूपों में प्रचलित है तथा इन सब में आपस में ही विभिन्नता देखने को मिलती है। हालांकि सभी प्रकार के अंक ज्योतिष के उद्देश्य वही हैं तथा इनका मूल उद्देश्य मनुष्य को मार्गदर्शन देकर उनका भविष्य बेहतर करना तथा वर्तमान दशा को सुधारना है। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में अंक ज्योतिष के आधार पर फलकथन को वरीयता दी गयी है। इसमें मुख्यतः कीरो की पद्धति का अनुशरण किया गया है। इसके अन्तर्गत समाविष्ट महत्वपूर्ण आलेखों में- अंक ज्योतिष का परिचय एवं महत्व, अंक फलित के त्रिकोण प्रेम, बुद्धि एवं धन, मूलांक से जानिए भाग्योदय का समय, नाम बदलकर भाग्य बदलिए, हिन्दी के नामाक्षरों द्वारा व्यवसाय का चयन, अंक ज्योतिष का महत्वपूर्ण पहलू स्तूप, अंक एवं आॅपरेशन दुर्योधन, मूलांक, रोग और उपाय, अंक विद्या द्वारा जन्मकुण्डली का विश्लेषण आदि। इन आलेखों के अतिरिक्त दूसरे भी अनेक महत्वपूर्ण आलेख अन्य विषयों से सम्बन्धित हैं। इसके अतिरिक्त पूर्व की भांति स्थायी स्तम्भ भी संलग्न हैं।

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